विश्व पर्यावरण दिवस पर पारीक महिला परिषद की हरित पहल : ‘पेड़ लगाएं, भविष्य बनाएं’ अभियान के तहत परशुराम सेवा सदन में हुआ पौधारोपण : पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली और स्वच्छता का दिया संदेश : ओमप्रकाश शर्मा का किया सम्मान

गुवाहाटी, 5 जून : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पारीक महिला परिषद, गुवाहाटी द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के परशुराम सेवा सदन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में परिषद की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए ‘पेड़ लगाएं, भविष्य बनाएं’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का आयोजन परिषद की अध्यक्षा निशा पारीक के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर सदस्याओं ने विभिन्न प्रकार के सजावटी एवं पर्यावरण हितैषी पौधों को गमलों में रोपित कर सेवा सदन परिसर को हरियाली से सुसज्जित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं था, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी था।
हरित वातावरण निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास
कार्यक्रम का संचालन परिषद की संस्थापक अध्यक्षा एवं वरिष्ठ सलाहकार सुषमा शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनके निर्देशन में सभी पौधों और गमलों को व्यवस्थित ढंग से परिसर में स्थापित किया गया, जिससे सेवा सदन का वातावरण और अधिक आकर्षक एवं पर्यावरण अनुकूल बन सका।
इस अवसर पर सुषमा शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा हुआ विषय बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक पौधा केवल हरियाली ही नहीं देता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, बेहतर पर्यावरण और स्वस्थ जीवन का आधार भी बनता है।
अध्यक्षा निशा पारीक ने किया पर्यावरण संरक्षण का आह्वान
इस अवसर पर पारीक महिला परिषद, गुवाहाटी की अध्यक्षा निशा पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों के लगातार दोहन के कारण पृथ्वी का पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि पेड़ केवल हमारे पर्यावरण को हरा-भरा नहीं बनाते, बल्कि हमें शुद्ध वायु, छाया, वर्षा और जीवन प्रदान करते हैं। यदि हम आज प्रकृति की रक्षा करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण दे पाएंगे। विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को याद दिलाने का अवसर है।
निशा पारीक ने सभी सदस्याओं से अपने घरों, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
ओमप्रकाश शर्मा का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान परशुराम सेवा सदन की देखरेख कर रहे ओमप्रकाश शर्मा को उनके समर्पित एवं निस्वार्थ योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। परिषद की वरिष्ठ सलाहकार सुषमा शर्मा ने उन्हें फूलाम गमछा पहनाकर सम्मान प्रदान किया और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
उपस्थित सदस्याओं ने भी ओमप्रकाश शर्मा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज के विकास और संस्थाओं की निरंतर प्रगति में ऐसे समर्पित व्यक्तियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
हरे परिधानों में पहुंचीं सदस्याएं, दिया पर्यावरण जागरूकता का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस की भावना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए परिषद की सदस्याएं हरे रंग के परिधानों में कार्यक्रम में शामिल हुईं। इससे कार्यक्रम को एक विशेष पहचान मिली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश और अधिक प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत हुआ।
कार्यक्रम में परिषद की कोषाध्यक्ष पूजा जोशी, कार्यकारिणी अध्यक्षा दीपिका जोशी, उपाध्यक्ष निशा शर्मा, ज्योति पुरोहित, सुंदर पारीक, पुष्पा पारीक, पूनम पारीक, कमला पारीक, नेहा जोशी, उर्मी पारीक, गरिमा व्यास, उषा पारीक, सुमन पारीक, ज्योति पारीक, अंतिमा पारीक सहित अनेक सदस्याएं उपस्थित रहीं।
सभी सदस्याओं ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण करने और समाज में पर्यावरण जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
‘प्रकृति की रक्षा ही भविष्य की सुरक्षा’
कार्यक्रम के समापन पर परिषद की सचिव जया पारीक ने सभी सदस्याओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास भी भविष्य की पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत साबित हो सकता है।
उन्होंने सभी से अधिकाधिक वृक्ष लगाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, स्वच्छता को अपनाने तथा प्रकृति संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी सदस्याओं ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने तथा हरित और स्वच्छ भविष्य के निर्माण की दिशा में पारीक महिला परिषद, गुवाहाटी की एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल के रूप में देखा जा रहा है।




