जोरहाट के होटल ऑर्बिट में कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ : पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 15 लोग जांच के दायरे में : 7 युवतियां और 8 युवक हिरासत में लिए गए : तीन मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत
एसएसपी और एएसपी की निगरानी में देर रात छापेमारी, असम के कई जिलों तक फैले नेटवर्क की आशंका

जोरहाट, 16 जून : असम के जोरहाट जिले में कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (एनएच-37) बाईपास स्थित होटल ऑर्बिट में पुलिस की देर रात छापेमारी के बाद अब मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार इस मामले में 7 युवतियों और 8 युवकों सहित कुल 15 लोग जांच के दायरे में आए हैं, जबकि तीन कथित मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 15 जून की रात विशेष खुफिया सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया गया। सूचना थी कि होटल परिसर में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके बाद जोरहाट सदर थाना की टीम ने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के पर्यवेक्षण में विशेष कार्रवाई की।

होटल परिसर में चला विशेष अभियान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल के विभिन्न कमरों की तलाशी ली और कई युवक-युवतियों को हिरासत में लिया। जांच एजेंसियों ने होटल परिसर से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सामग्री भी जब्त की है, जिनकी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस को संदेह है कि होटल का इस्तेमाल कथित रूप से एक संगठित नेटवर्क के संचालन के लिए किया जा रहा था। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
15 लोग जांच के दायरे में
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस कार्रवाई के दौरान कुल 15 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें 7 युवतियां और 8 युवक शामिल बताए जा रहे हैं।
मामले में हिरासत में लिए गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
तीन मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत
ताजा न्यायिक घटनाक्रम में कथित मुख्य आरोपी देबलीना पेगू, मानसी दास और प्राणजीत सैकिया को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
वहीं पांच अन्य युवतियों को पुलिस हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इनसे पूछताछ कर मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
तीन वर्षों से सक्रिय नेटवर्क होने की आशंका
जांच एजेंसियों को संदेह है कि होटल ऑर्बिट का इस्तेमाल पिछले लगभग तीन वर्षों से कथित नेटवर्क के संचालन के लिए किया जा रहा था।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि नेटवर्क का वास्तविक स्वरूप क्या था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
असम के कई जिलों तक फैले हो सकते हैं तार
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि नेटवर्क का दायरा केवल जोरहाट तक सीमित नहीं था।
सूत्रों के अनुसार इसके संभावित संपर्क गुवाहाटी, नागांव, काजीरंगा, शिवसागर, माजुली तथा असम के अन्य क्षेत्रों तक हो सकते हैं। पुलिस अब विभिन्न जिलों से जुड़े संपर्कों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक इन संभावित संपर्कों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
होटल प्रबंधन भी जांच के घेरे में
मामले में होटल के प्रबंधक तथा कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गतिविधियों की जानकारी होटल प्रबंधन को थी या नहीं।
यदि जांच में किसी प्रकार की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच
पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया संपर्क, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य नेटवर्क की वास्तविक संरचना तथा उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मानव तस्करी और शोषण के पहलुओं की भी जांच
पुलिस केवल कथित अनैतिक गतिविधियों के पहलू की ही जांच नहीं कर रही, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि कहीं मामले में मानव तस्करी, दबाव, प्रलोभन या शोषण जैसे तत्व तो शामिल नहीं हैं। जांच एजेंसियां इस दिशा में भी साक्ष्य जुटा रही हैं।
पूरे असम में चर्चा का विषय बना मामला
जोरहाट में हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे ऊपरी असम में मामला चर्चा का विषय बन गया है। सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने होटल, लॉज, गेस्ट हाउस तथा होमस्टे में नियमित निरीक्षण अभियान चलाने की मांग की है।
पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में दर्ज धाराओं, हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों की स्थिति तथा जांच की प्रगति संबंधी विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की थी।
फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
नोट : मामला जांचाधीन है। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। समाचार में उल्लिखित कुछ बिंदु स्थानीय सूत्रों और उपलब्ध जानकारियों पर आधारित हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।




