समन्वय की दिशा में मारवाड़ी समाज के बढ़ते कदम: मोरान में प्राण शिल्पी जुबिन गर्ग की आदमकद प्रतिमा का अनावरण : ओमप्रकाश गाड़ोदिया परिवार ने प्रतिमा दान कर पेश की सामाजिक समन्वय की मिसाल, मारवाड़ी समाज ने जताया गर्व
मोरान मिलित शिल्पी समाज के नाट्य मंदिर प्रेक्षागृह परिसर में भावपूर्ण नागरिक समारोह, म्यूजिक डायरेक्टर अनुराग सैकिया ने किया प्रतिमा का अनावरण

मारवाड़ी सम्मेलन मोरानहाट शाखा ने बताया समाज के लिए गौरव का क्षण
मोरानहाट, 8 जुलाई : मोरान में सामाजिक समन्वय, सांस्कृतिक सम्मान और स्थानीय समाज के साथ आत्मीय जुड़ाव की एक प्रेरणादायी मिसाल देखने को मिली। मोरान ठाकुरबाड़ी फील्ड स्थित मोरान मिलित शिल्पी समाज द्वारा निर्मित नाट्य मंदिर प्रेक्षागृह परिसर में असम के प्राण शिल्पी जुबिन गर्ग की 10.5 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया।

जुबिन गर्ग असम की सांस्कृतिक चेतना के सबसे लोकप्रिय चेहरों में गिने जाते हैं। उनके निधन के बाद असम के विभिन्न हिस्सों में उनकी स्मृति में प्रतिमाएं और स्मारक स्थापित किए जा रहे हैं। हाल में बोंगाईगांव में भी उनकी जीवन-आकार प्रतिमा का अनावरण किया गया था।

दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ अनावरण समारोह
सुबह 11 बजे के बाद प्रेक्षागृह परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद रजत कमल पुरस्कार से सम्मानित मोरान के ही सुप्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर अनुराग सैकिया के कर-कमलों से जुबिन गर्ग की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया।

अनुराग सैकिया की उपस्थिति ने समारोह को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। उन्होंने कहा कि जुबिन गर्ग केवल एक गायक नहीं, बल्कि असम की आत्मा, भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को कला, संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।

ओमप्रकाश गाड़ोदिया परिवार ने दिया प्रतिमा का अनुदान
इस प्रतिमा के दाता के रूप में मोरान के वरिष्ठ समाजसेवी, असमिया फिल्म “रूद्र” के निर्माता, मारवाड़ी सम्मेलन परिवार के पूर्व अध्यक्ष तथा समन्वय 2026 अधिवेशन के स्वागताध्यक्ष श्री ओमप्रकाश गाड़ोदिया और उनके परिवार ने सम्पूर्ण खर्च का वाहन करते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

समारोह में दाता परिवार की ओर से ओमप्रकाश गाड़ोदिया, श्रीमती कांता गाड़ोदिया, अरविंद गाड़ोदिया, श्रीमती अर्चना गाड़ोदिया और कृषिव गाड़ोदिया उपस्थित रहे। उनके इस योगदान को मोरान के मारवाड़ी समाज और स्थानीय समाज ने सांस्कृतिक समन्वय की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
इस प्रतिमा का निर्माण मोरान के तिलोई निवासी जानेमाने शिल्पकार चंदन गोगोई ने किया है।

नागरिक अभिनंदन में अनुराग सैकिया और ओमप्रकाश गाड़ोदिया सम्मानित
प्रतिमा अनावरण के बाद सभागार में नागरिक अभिनंदन सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य उद्घाटनकर्ता अनुराग सैकिया और प्रतिमा दाता ओमप्रकाश गाड़ोदिया का फूलाम गमछा पहनाकर, सराय भेंट कर तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर नागरिक अभिनंदन किया गया।
अन्य सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ मारवाड़ी महिला सम्मेलन मोरानहाट शाखा और मारवाड़ी सम्मेलन मोरानहाट शाखा परिवार ने भी अनुराग सैकिया तथा ओमप्रकाश गाड़ोदिया का फूलाम गमछा पहनाकर सम्मान किया।

ओमप्रकाश गाड़ोदिया बोले— समन्वय के कार्यों में परिवार आगे भी रहेगा सक्रिय
अपने संबोधन में ओमप्रकाश गाड़ोदिया ने कहा कि जुबिन गर्ग की प्रतिमा के अनुदान का सौभाग्य उनके परिवार को मिलना गर्व और आनंद का विषय है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार समाजहित, संस्कृति और समन्वय से जुड़े कार्यों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाता आया है।
उन्होंने आगे कहा कि मोरान की धरती सदैव सांस्कृतिक सौहार्द और सामाजिक एकता की प्रतीक रही है। भविष्य में भी उनका परिवार स्थानीय समाज के साथ मिलकर ऐसे रचनात्मक और समन्वयकारी कार्यों में सहयोग करता रहेगा।

मारवाड़ी सम्मेलन मोरानहाट शाखा ने बताया गौरव का क्षण
मारवाड़ी सम्मेलन मोरानहाट शाखा के अध्यक्ष बिनोद अग्रवाल और सचिव छगनलाल माड़ोदिया ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मोरान का मारवाड़ी समाज हमेशा स्थानीय इतर समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता आया है।
उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व देवकीनंदन अग्रवाल द्वारा रूपकुंवर ज्योतिप्रसाद अग्रवाल की प्रतिमा के अनुदान के बाद अब ओमप्रकाश गाड़ोदिया परिवार द्वारा प्राण शिल्पी जुबिन गर्ग की प्रतिमा का अनुदान मोरान के सामाजिक-सांस्कृतिक इतिहास में विशेष स्थान रखेगा।
दोनों पदाधिकारियों ने ओमप्रकाश गाड़ोदिया और उनके परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जुबिन गर्ग की स्मृति से जुड़ा भावनात्मक क्षण
जुबिन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हुआ था, जिसके बाद पूरे असम में शोक की लहर फैल गई थी। असम सरकार ने उनके सम्मान में राजकीय शोक घोषित किया था और उनकी स्मृति को संरक्षित करने के लिए कई स्तरों पर पहल की गई।
मोरान में स्थापित यह प्रतिमा केवल एक कलाकार को श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि असमिया संस्कृति के प्रति सम्मान, स्थानीय समाज के साथ मारवाड़ी समाज के आत्मीय संबंध और सामाजिक समन्वय का सशक्त प्रतीक बन गई है।
मिलित शिल्पी समाज मोरान के सचिव जदुनाथ पूरी एवं प्रतिमा निर्माण समिति के व्यवस्थापक हेमंत सुतिया के संचालन में आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध गायक बिपिन चाउदांग, शिक्षाविद एवं लोक संस्कृति के साधक डॉ. अनिल सैकिया, पद्मश्री हेमलता चेतिया, मोरान नगर पालिका के अध्यक्ष अरूप दत्ता, आसू नेता अनूप ज्योति भुइयां, टाईपा के रूद्रसागर बुढ़ागोहांई, मिलित शिल्पी समाज मोरान के अध्यक्ष प्रवीर शर्मा, प्रतिमा निर्माण समिति के अध्यक्ष हेम बोरा, कार्यकारी अध्यक्ष सूर्य बोरगोहांई, मारवाड़ी सम्मेलन मोरानहाट शाखा के अध्यक्ष बिनोद अग्रवाल, सचिव छगनलाल माड़ोदिया एवं पवन मोर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और जुबिन प्रेमी मौजूद थे।




