शिवसागर के बाबा रामदेव मंदिर रूणिचाधाम में श्री शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा एवं बाबा रामदेवजी पगलिया पुनः प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ : 8 से 12 जुलाई तक पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों से गूंजेगा रूणिचाधाम : मंगल कलश एवं निशान यात्रा आज
वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या से सजेगा आध्यात्मिक महोत्सव : आचार्य पं. सांवरमल जी शर्मा के सान्निध्य में संपन्न होंगे कार्यक्रम

शिवसागर, 8 जुलाई : शिवसागर स्थित द्वारिकाधीश के कलियुगी अवतार मरुधरा के लोकदेवता बाबा श्री रामदेव जी के प्रसिद्ध मंदिर रूणिचाधाम शिवसागर में श्रद्धा, भक्ति और सनातन वैदिक परंपराओं के बीच पांच दिवसीय श्री शिव परिवार (हरिहर महादेव) प्राण प्रतिष्ठा एवं बाबा रामदेवजी के पगलिया जीर्णोद्धार उपरांत पुनः प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ।

बाबा रामदेव सेवा समिति, शिवसागर के तत्वावधान में आयोजित यह आध्यात्मिक महोत्सव 8 जुलाई से 12 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना, हवन, मंगल अनुष्ठान, सुंदरकांड पाठ और भव्य भजन-कीर्तन से भक्तिमय रहेगा।

मंगल स्नान और गणपति पूजन के साथ हुआ शुभारंभ
महोत्सव के प्रथम दिन बुधवार, 8 जुलाई को सुबह 8:15 बजे शुभ मुहूर्त में मंगल स्नान, गणपति पूजन, नान्दी श्राद्ध एवं आचार्यादि वरण के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।

आचार्य पं. सांवरमल जी शर्मा एवं सहयोगी विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी धार्मिक विधियां संपन्न कराई गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान शिव परिवार एवं बाबा रामदेवजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस पांच दिवसीय महोत्सव के मुख्य यजमान रूपचंद करनाणी एवं श्रीमती कांता देवी करनाणी हैं। प्रथम दिवस के अन्य यजमानों में विजय कसेरा, मनोज लाहोटी, श्रीगोपाल मूंधड़ा एवं सतीश अग्रवाल ने श्रद्धापूर्वक धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

आज निकलेगी भव्य मंगल कलश एवं निशान यात्रा
महोत्सव के दूसरे दिन 9 जुलाई गुरुवार को सुबह 8:15 बजे पूजन के पश्चात सुबह 9:01 बजे भव्य मंगल कलश एवं निशान यात्रा निकाली जाएगी।
यह शोभायात्रा स्थानीय थाना रोड स्थित दिखौ घाट श्री हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में आगे बढ़ेगी।
इसी दिन दोपहर 3:15 बजे अग्नि स्थापना, शाम 7:01 बजे अधिवास एवं आरती तथा रात 9 बजे से बाबा रामदेवजी के परम भक्त पारसमल द्वारा भव्य भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा।

तीसरे दिन हवन एवं संगीतमय सुंदरकांड पाठ
10 जुलाई शुक्रवार को सुबह 8:15 बजे पूजा-अर्चना के बाद विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे।
सुबह 11:31 बजे से दोपहर 1:01 बजे तक तथा दोपहर 3:31 बजे से शाम 5:31 बजे तक हवन अनुष्ठान आयोजित होगा।
रात 7:01 बजे जलाधिवास तथा रात 9:01 बजे से श्री सालासर सुंदरकांड संघ द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा।

महास्नान, महाहवन और भव्य भजन संध्या
11 जुलाई शनिवार को सुबह 8:15 बजे पूजा-अर्चना एवं महास्नान का आयोजन होगा।
सुबह 11:01 बजे से दोपहर 12:01 बजे तक तथा शाम 4:01 बजे से 5:31 बजे तक हवन होगा। दोपहर 12:01 बजे महाहवन तथा शाम को शय्याधिवास, न्यास पूजा एवं आरती संपन्न होगी।
रात्रि 9:31 बजे से श्री देवकीनंदन भजन मंडल द्वारा भव्य भजन संध्या आयोजित की जाएगी।

12 जुलाई को होगा मुख्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान
महोत्सव के अंतिम दिन रविवार, 12 जुलाई को सुबह 8:15 बजे पूजन के बाद शुभ मुहूर्त में श्री शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा एवं बाबा रामदेवजी पगलिया की पुनः प्रतिष्ठा का मुख्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होगा।

इसके पश्चात दोपहर 12:15 बजे पूर्णाहुति और दोपहर 1:15 बजे से सभी श्रद्धालुओं के लिए अमृत भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

पूर्वोत्तर के बाबा रामदेव मंदिरों में विशेष स्थान रखता है शिवसागर रूणिचाधाम
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1999 में शिवसागर से बाबा रामदेव मंदिर डिब्रूगढ़ तक पदयात्रा आयोजन के उद्देश्य से गठित बाबा रामदेव सेवा समिति, शिवसागर ने वर्षों के प्रयास और देशभर के बाबा भक्तों के सहयोग से शहर के मध्य जीएनजी पथ हॉस्पिटल रोड पर भव्य श्री रामदेव मंदिर रूणिचाधाम का निर्माण कराया।

मरुधरा के कलियुगी अवतार कहे जाने वाले रूणिचा नरेश बाबा रामदेवजी को समर्पित इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 18 जनवरी 2017 को संपन्न हुई थी। हाल ही में मंदिर का नवम स्थापना दिवस भी श्रद्धा के साथ मनाया गया।

धर्म, सेवा और संस्कारों को मजबूत करेगा आयोजन : बाबा रामदेव सेवा समिति
बाबा रामदेव सेवा समिति ने कहा कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, समाज की एकता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
समिति के अध्यक्ष बिनोद कुमार धानुका एवं सचिव पंकज बुखरेडिया ने सभी श्रद्धालुओं, समाजबंधुओं, मातृशक्ति एवं धर्मप्रेमियों से पांच दिवसीय महोत्सव में सपरिवार शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।

पूरे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का संचालन आचार्य पं. सांवरमल जी शर्मा एवं सहयोगी आचार्यों द्वारा वैदिक रीति-नीति के अनुसार किया जा रहा है।




