काजीरंगा विश्वविद्यालय ने अफवाहों को किया खारिज, कहा— स्वामित्व और प्रबंधन संरचना में कोई बदलाव नहीं : प्रो-चांसलर बसंत खेतान बोले— “ज्ञान, नवाचार और उद्यमिता से बदलेगी असम की तस्वीर” : विश्वविद्यालय ने पेश किया भविष्य का विज़न: 1 करोड़ स्टार्टअप फंड, 3 करोड़ छात्रवृत्ति, इंटेल AI रिसर्च लैब और वैश्विक पाठ्यक्रमों की बड़ी घोषणा
कुलपति प्रो. मुरारी लाल गौर ने कहा— “पूर्वोत्तर भारत को विश्वस्तरीय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बनाना हमारा संकल्प”

जोरहाट, 6 जुलाई : सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर काजीरंगा विश्वविद्यालय के स्वामित्व और प्रबंधन को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी दावों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि संस्थान की स्वामित्व संरचना, पहचान अथवा मूल उद्देश्य में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं हुआ है।

इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से अपना महत्वाकांक्षी भविष्य का रोडमैप भी प्रस्तुत किया है।

स्वामित्व बदलाव की खबरें पूरी तरह अफवाह: विश्वविद्यालय प्रशासन
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा गया कि काजीरंगा विश्वविद्यालय को किसी अन्य संस्था या व्यक्ति द्वारा खरीदे जाने या इसकी हिस्सेदारी में बदलाव होने संबंधी सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे दावे पूरी तरह गलत हैं।
प्रबंधन ने कहा कि ऐसी भ्रामक सूचनाओं का वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है। विश्वविद्यालय जिस सोच, मूल्यों और शैक्षणिक दृष्टिकोण के साथ वर्ष 2012 में स्थापित हुआ था, आज भी उसी पहचान और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि — “काजीरंगा यूनिवर्सिटी हमारी थी, हमारी है और आगे भी हमारी ही रहेगी।”

शिक्षा, अनुसंधान और विद्यार्थियों के विकास के लिए प्रतिबद्धता जारी
प्रबंधन ने बताया कि स्थापना काल से लेकर अब तक काजीरंगा विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक तकनीक और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को अपनी प्राथमिकता बनाकर कार्य कर रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों और आम नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारियों पर विश्वास न करें और किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।
प्रबंधन ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सबसे बड़ी शक्ति विश्वास, पारदर्शिता और तथ्य होते हैं तथा काजीरंगा विश्वविद्यालय इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ता रहेगा।

काजीरंगा विश्वविद्यालय ने रखा भविष्य का रोडमैप, युवाओं को वैश्विक स्तर पर तैयार करने का लक्ष्य
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान काजीरंगा यूनिवर्सिटी ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी विकास योजनाओं की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय ने कहा कि अब उसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है, ताकि वे आधुनिक तकनीक, उद्योग आधारित कौशल, अनुसंधान, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

“विकसित भारत–2047 के लिए विश्वविद्यालयों को बनना होगा नवाचार का केंद्र”— बसंत खेतान
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए काजीरंगा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर बसंत खेतान ने कहा कि विकसित असम और विकसित भारत–2047 का सपना तभी साकार होगा, जब हमारे विश्वविद्यालय नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता के केंद्र बनेंगे। काजीरंगा यूनिवर्सिटी इसी दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां से निकलने वाला प्रत्येक विद्यार्थी वैश्विक सोच, आधुनिक तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सके।

असम के विकास के नए दौर में युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना जरूरी
प्रो-चांसलर बसंत खेतान ने कहा कि असम आज विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। आधारभूत संरचना, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, हरित ऊर्जा और वैश्विक निवेश जैसे क्षेत्रों में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत-जापान सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां पूर्वोत्तर भारत के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं। ऐसे समय में युवाओं को भविष्य की तकनीकों और वैश्विक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।

काजीरंगा यूनिवर्सिटी की बड़ी घोषणाएं
1 करोड़ का KU स्टार्टअप फंड
विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने 1 करोड़ के “केयू स्टार्टअप फंड” की घोषणा की है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों के नए विचारों और व्यावसायिक पहल को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मेधावी विद्यार्थियों के लिए 3 करोड़ की छात्रवृत्ति योजना
आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 3 करोड़ की छात्रवृत्ति योजना लागू की जाएगी।
इंटेल AI रिसर्च लैब और आधुनिक तकनीकी शिक्षा पर जोर
विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक इंटेल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च लैब स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और भविष्य आधारित तकनीकी पाठ्यक्रम शामिल होंगे।
इसके अलावा इंस्टीट्यूट ऑफ एनालिटिक्स (यूके) के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय स्तर का डेटा एनालिटिक्स कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।

“पूर्वोत्तर को उच्च शिक्षा के नए युग में ले जाना हमारा उद्देश्य”— कुलपति प्रो. मुरारी लाल गौर
काजीरंगा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरारी लाल गौर ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप सक्षम, नवाचारी और वैश्विक नागरिक बनाना है।
उन्होंने कहा कि अनुसंधान, उद्योग-अकादमिक सहयोग, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और आधुनिक शिक्षण प्रणाली के माध्यम से काजीरंगा विश्वविद्यालय पूर्वोत्तर भारत को उच्च शिक्षा और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

असम को ज्ञान और नवाचार के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की पहल
काजीरंगा विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि आने वाले वर्षों में संस्थान शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान, तकनीक, उद्यमिता और रोजगार सृजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विश्वविद्यालय का नया विज़न केवल एक संस्थान की विकास योजना नहीं, बल्कि असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत को ज्ञान, नवाचार और उद्यमिता के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
टियोक/ जोरहाट से बिजू कुमार तुनवाल की रिपोर्ट।




