लखीमपुर में जाली नोट और नकली सोना गिरोह के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 3 लाख के नकली नोट बरामद, कई संदिग्ध हिरासत में : गुवाहाटी में जालसाजी नेटवर्क के खुलासे के बाद तेज हुई कार्रवाई : बंगलमरा, लालुक और नाउबोइचा सहित कई इलाकों में पुलिस की मैराथन छापेमारी
फर्जी नोट निर्माण और सप्लाई के बड़े नेटवर्क का संदेह : असम सहित अन्य राज्यों तक फैले तारों की जांच में जुटी पुलिस

लखीमपुर, 7 जुलाई : असम में जाली भारतीय मुद्रा और नकली सोना कारोबार से जुड़े गिरोहों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुवाहाटी महानगर में जाली नोट गिरोह के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अब लखीमपुर जिले में भी पुलिस ने एक बड़े संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा किया है।
लखीमपुर पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित अभियान चलाते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया और करीब 3 लाख रुपये मूल्य के जाली भारतीय नोट बरामद किए।
पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह नकली नोट तैयार कर उन्हें असम के अलग-अलग हिस्सों के साथ अन्य क्षेत्रों में भी पहुंचाने का प्रयास कर रहा था।

गुवाहाटी में गिरफ्तार आरोपी से मिले इनपुट के बाद हरकत में आई पुलिस
जानकारी के अनुसार, गुवाहाटी में गिरफ्तार कथित जाली नोट कारोबारी अजय विश्वकर्मा द्वारा पूछताछ के दौरान लखीमपुर जिले के बंगलमरा क्षेत्र से जाली नोट कारोबार संचालित होने से जुड़े खुलासे के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी।
इसके बाद लखीमपुर पुलिस ने संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर अलग-अलग स्थानों पर विशेष अभियान शुरू किया।
लालुक थाना क्षेत्र में कई जगहों पर छापेमारी
मंगलवार 7 जुलाई को पुलिस ने विशेष सूचना के आधार पर लालुक पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत कई इलाकों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
पुलिस को सूचना मिली थी कि बालिजान और बालिटिका क्षेत्र में कुछ लोग जाली नोट बनाने और उन्हें बाजार में फैलाने से जुड़े कार्यों में शामिल हो सकते हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
6 संदिग्ध हिरासत में, 3 लाख के नकली नोट बरामद
लालुक पुलिस की कार्रवाई में हिरासत में लिए गए छह लोगों की पहचान अब्दुल रजाक, रियाज उद्दीन, इमरान हुसैन, राजिबुल हक, मुक्सादुल आलम और मोतिबुर रहमान के रूप में हुई है।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने बालिजान स्थित अब्दुल रजाक के घर से करीब 1 लाख मूल्य के नकली नोट बरामद किए।
इसके बाद बालिटिका स्थित मोतिबुर रहमान के घर से करीब 2 लाख मूल्य के जाली नोट जब्त किए गए। हालांकि अन्य आरोपियों से जुड़े स्थानों की तलाशी में अतिरिक्त नकली नोट बरामद नहीं हुए।
बंगलमरा और नाउबोइचा क्षेत्र में भी पुलिस का अभियान
इसी अभियान के तहत पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिले के कई अन्य संवेदनशील इलाकों में भी छापेमारी की।
पुलिस ने जिले के बंगलमरा, 2 नंबर इस्लामपुर, लालुक के युवनगर, बेसापत्री, बालिटिका, बालिजान, नाउबोइचा के महघुली, पश्चिम महघुली, पानधोवा और बरगोला क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया।
इन कार्रवाइयों में 2 नंबर इस्लामपुर से मिजानुर रहमान उर्फ मिजू को बिहपुरिया पुलिस की सहायता से पकड़ा गया।
इसके अलावा नाउबोइचा क्षेत्र से हेफजुर रहमान, इकरामुल इस्लाम और कथित जाली नोट कारोबारी शाहाबुल इस्लाम को भी हिरासत में लिया गया।
बड़े अंतरजिला नेटवर्क की आशंका, जांच तेज
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए लोग एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार यह गिरोह कथित तौर पर कम कीमत पर जाली नोट उपलब्ध कराकर अवैध लाभ कमाने का काम करता था।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के तार लखीमपुर, बिहपुरिया और असम के अन्य जिलों में किन-किन लोगों से जुड़े हुए हैं।
छापेमारी से पहले सामग्री हटाने की भी आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ स्थानों पर तलाशी के दौरान कोई जाली मुद्रा बरामद नहीं हुई।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि कार्रवाई की भनक लगने के बाद कुछ अवैध सामग्री पहले ही छिपा दी गई या दूसरी जगह पहुंचा दी गई हो सकती है।
इसी आधार पर पुलिस अन्य संभावित ठिकानों और सहयोगियों की तलाश कर रही है।
आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा जाली नोट कारोबार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाली मुद्रा का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती पैदा करता है।
फिलहाल जाली नोटों के निर्माण, कब्जे और वितरण से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए कार्रवाई जारी रखे हुए है।




