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असम–नगालैंड सीमा पर बड़ी कार्रवाई : पिस्तौल सहित दो युवक गिरफ्तार : हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह : असम राइफल्स, चराईदेव और शिवसागर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई : कई पहलुओं से जांच शुरू

सोनारी, 24 जून : असम–नगालैंड सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। चराईदेव जिले के सीमावर्ती सिंगलौ पथार क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक पिस्तौल के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में दोनों के अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभिन्न कोणों से जांच में जुट गई है।

संयुक्त अभियान में मिली सफलता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, असम राइफल्स, चराईदेव पुलिस तथा शिवसागर पुलिस की संयुक्त टीम ने चिंगलौ पथार क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान दो युवकों को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई, जिसमें उनके कब्जे से एक .22 बोर की पिस्तौल बरामद हुई। इसके बाद दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार युवकों की पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान मोइना अली (20 वर्ष), निवासी आखोईफुटिया, जिला शिवसागर तथा रेजिबुल इस्लाम, निवासी ढेकियाजुली, जिला शोणितपुर के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ जारी है और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

हथियार तस्करी से जुड़े होने की आशंका

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि दोनों युवक अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े हो सकते हैं। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि बरामद पिस्तौल कहां से लाई गई थी, इसका वास्तविक मालिक कौन है तथा इसे किस व्यक्ति या संगठन तक पहुंचाया जाना था।

सीमावर्ती क्षेत्र पहले भी रहा है संवेदनशील

चिंगलौ पथार क्षेत्र असम–नगालैंड सीमा के निकट स्थित होने के कारण लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की विशेष निगरानी में रहा है। यह इलाका पूर्व में भी उग्रवादी गतिविधियों और अवैध हथियारों की आवाजाही को लेकर चर्चा में रहा है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष इसी क्षेत्र में असम पुलिस और असम राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई के दौरान NSCN-KYA से जुड़े तीन संदिग्ध उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया था। उस समय उनके कब्जे से हथियार, गोला-बारूद, नकदी तथा कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे।

बड़े नेटवर्क से संबंधों की जांच

सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरफ्तार युवकों का किसी बड़े हथियार तस्करी गिरोह, अंतरराज्यीय नेटवर्क अथवा किसी उग्रवादी संगठन से संबंध है या नहीं। जांच के लिए दोनों के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और गतिविधियों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

आर्म्स एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

सीमा सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कता

इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर असम–नगालैंड सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध हथियारों की आवाजाही पर अंकुश लगाने के लिए लगातार संयुक्त अभियान चलाए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक या उग्रवादी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

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