महापुरुष श्री श्री माधवदेव की 537वीं जन्म जयंती का भव्य आयोजन : ऐतिहासिक ढेकीयाखोवा बोर नामघर में 1 जून को होगा धार्मिक सांस्कृतिक महोत्सव

टियोक, 21 मई : असम की आध्यात्मिक धरोहर में अनुपम स्थान रखने वाले जोरहाट जिले के ऐतिहासिक ढेकीयाखोवा बोर नामघर में महापुरुष श्री श्री माधवदेव की 537वीं जन्म जयंती 1 जून को भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाई जाएगी। दिनभर चलने वाले विविध कार्यक्रमों में हजारों श्रद्धालु शामिल होने वाले हैं।

अक्षय दीपक का पावन स्थल : 500 वर्ष पुरानी परंपरा जीवंत
1528 ईस्वी में स्वयं महापुरुष माधवदेव द्वारा स्थापित यह बोर नामघर जोरहाट शहर से मात्र 15 किलोमीटर दूर ढेकीयाखोवा गांव में स्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग-37 से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर फैले 13 बीघा भूमि के विशाल परिसर में स्थित इस नामघर की सबसे बड़ी विशेषता है महापुरुष द्वारा जलाया गया अक्षय बंती (मिट्टी का दीपक), जो आज भी निरंतर जल रहा है।

स्थानीय कथा के अनुसार, एक गरीब वृद्ध दंपति ने माधवदेव को ‘ढेकिया शाक’ परोसा था, जिससे प्रसन्न होकर उन्होंने यहां नामघर की स्थापना की। यह स्थान आज भी सादगी, भक्ति और वैष्णव संस्कृति का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।
कार्यक्रम की झलक : शोभायात्रा से सत्रिया नृत्य तक
आयोजन समिति द्वारा जारी विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार इस पावन अवसर पर निम्नलिखित आकर्षक आयोजन होंगे। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 1 जून सोमवार को सुबह 7:30 बजे भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसमें श्रद्धालु भक्तगण बोरगीत गाते हुए और नाम-कीर्तन करते हुए पूरे क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। इसके साथ ही सुबह के सत्र में नाम-प्रसंग, गुरु चरित्र पाठ, व्याख्यान एवं प्रवचन होगा। जिसमें नतुन कमलाबाड़ी सत्र के बुढ़ा भक्त श्री दिलीप शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहकर भक्तों को आशीर्वाद देंगे। वहीं सायंकाल के सांस्कृतिक कार्यक्रम में माधवदेव संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थी बोरगीत एवं पारंपरिक सत्रिया नृत्य प्रस्तुत करेंगे।

युवा पीढ़ी को प्रोत्साहन
इसके अलावा कार्यक्रम में युवा पीढ़ी को प्रोत्साहन देने के लिए भी विशेष कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस वर्ष 2026 की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं का ढेकीयाखोवा बोर नामघर प्रबंधन समिति द्वारा विशेष आशीर्वाद एवं अभिनंदन किया जाएगा।

प्रबंधन समिति की अपील
ढेकीयाखोवा बोर नामघर प्रबंधन समिति ने सभी धर्मप्राण श्रद्धालुओं, भक्तों और आम नागरिकों से हार्दिक अपील की है कि वे इस महोत्सव में बड़ी संख्या में पहुंचकर आयोजन को सार्थक बनाएं। इस पावन नामघर में एकत्र होकर महापुरुष की 537वीं जन्म जयंती को यादगार और प्रेरणादायी बनाएं।

समिति का कहना है कि यह जन्म जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि महापुरुष माधवदेव के आदर्श “नाम जप, प्रेम कर, सेवा कर” को समाज में फैलाने का सुनहरा अवसर है।




