विभिन्न भाषा धर्म जाति वर्ण सम्प्रदाय के लोगों का सामूहिक मंच : शिवसागर में शुरू हुआ 29वां सम्मिलित रंगाली बिहू सम्मेलन : शंकरलाल अग्रवाल एवं अशोक बाकलीवाल सहित 29 गणमान्य नागरिकों का हुआ सम्मान
हार्ट थ्रोब जुबिन गर्ग को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि : सोमवार को सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण रहेंगे लोकप्रिय गायक नील आकाश

शिवसागर 9 मई : असम की सांस्कृतिक राजधानी शिवसागर में रंगों और उल्लास से भरा 29वां शिवसागर सम्मिलित रंगाली बिहू सम्मेलन शनिवार को बोर्डिंग फील्ड में भव्य रूप से शुरू हो गया। तीन दिवसीय इस उत्सव की शुरुआत ध्वजारोहण, असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि और लोकप्रिय गायक स्व. जूबिन गर्ग को भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ हुई।
समिति के अध्यक्ष प्रदीप कांति दास द्वारा ध्वजारोहण के बाद प्रधान सचिव शरत हाजरिका के संचालन में कार्यक्रम आरंभ हुआ। इस अवसर पर जूबिन गर्ग के चाचा वरिष्ठ पत्रकार मनोज बरठाकुर ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

समिति ने शिवसागर के सामाजिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 29 प्रमुख व्यक्तियों को पारंपरिक गामुछा, जापी और अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें शहर के जाति, धर्म, समुदाय के प्रमुख लोगों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे प्रतिष्ठित लोग शामिल हैं।

कवि प्रेमो गोगोई, शिवसागर कॉमर्स कॉलेज के रिटायर्ड प्रिंसिपल कार्तिक चन्द्र दत्त, शिवसागर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष राणा खान, शिवसागर गुरुद्वारा के ग्रंथि ज्ञानी प्रताप सिंह, पत्रकार प्रांजल राजगुरु सहित अन्य गणमान्य नागरिकों के साथ ही शिवसागर के मारवाड़ी समाज के दो प्रतिष्ठित लोगों के नाम भी सम्मानित लोगों की सूची में शामिल हैं।
इस साल के आयोजन में मारवाड़ी समाज के वरिष्ठ समाजसेवी शंकरलाल अग्रवाल तथा जैन समाज के प्रतिनिधि के रूप में युवा समाजसेवी अशोक बाकलीवाल का भी शिवसागर सम्मिलित रंगाली बिहू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि शंकरलाल अग्रवाल स्थानीय सभी संस्थाओं से जुड़े हुए शिवसागर के एक वरिष्ठ समाजसेवी सर्वजन प्रिय शख्सियत हैं। बिहू समिति ने स्थानीय असमीया समाज के साथ उनके समन्वय और शांतिवन मुक्तिद्वार श्मशान घाट के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया।
वहीं शहर की प्रतिष्ठित फर्म मैसर्स नेमचंद माणिकचंद के स्वनामधन्य समाजसेवी स्वर्गीय भागचंद बाकलीवाल के बेटे अशोक जैन बाकलीवाल शहर के प्रतिष्ठित युवा व्यवसाई हैं। साथ ही शहर में आम जनता के वृहद स्वार्थ से जुड़े सामाजिक कार्यों में निरंतर अग्रणी भूमिका निभाते आ रहे हैं। उनकी छवि युवाओं को आगे बढ़कर काम करने के लिए प्रोत्साहित करने वाले एक सक्रिय युवा समाजसेवी की है। एक लंबे समय से वे और उनका परिवार 24×7 निःशुल्क ऑक्सीजन सिलेंडर सेवा संचालित करता आ रहा है।

इसके अलावा चाहे शिवसागर जिले के भीतरी ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लोगों को राहत देने के लिए मेडिकल कैंप करना हो या फिर समाज के युवाओं और उभरते खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए कोई खेल आयोजन आयोजन हो अशोक बाकलीवाल हमेशा तैयार खड़े मिलते हैं।

गौरतलब है कि शिवसागर सम्मिलित रंगाली बिहू सम्मेलन का शुभारंभ वर्ष 1997 में शहर के विभिन्न भाषा, धर्म और समुदाय के लोगों के सहयोग से शुरू हुआ था। यह आयोजन खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस आयोजन में स्थापना काल से ही शिवसागर के मारवाड़ी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है। स्वर्गीय शुभकरण शर्मा, शंकरलाल अग्रवाल, प्रदीप खेमका, प्रदीप खंडेलिया, रमेश भट्टड़, निरंजन कामदार, हेमंत केजरीवाल, रूपचंद करनानी समेत अनेक मारवाड़ी समाजबंधु स्थापना काल से ही इस आयोजन से जुड़े रहे है। स्वर्गीय शुभकरण शर्मा समिति के अध्यक्ष पद पर भी रहे थे।

आयोजन समिति के प्रधान सचिव शरत हाजरिका ने बताया कि यह बिहू सम्मेलन समाज के सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर समन्वय का संदेश देते हुए असमिया संस्कृति, परंपरा और युवा पीढ़ी को जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने हार्ट थ्रोब जुबिन गर्ग को शिद्दत से याद करते हुए कहा कि जुबिन गर्ग ने इस बिहू आयोजन में 6 बार सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति दी थी। उन्होंने बताया कि पिछले साल देश में युद्ध की परिस्थितियों के चलते बिहू सम्मेलन का आयोजन नहीं हो सका था। परंतु आयोजन समिति ने भारतीय सेना कल्याण कोष में 2.11 लाख रुपए की सहयोग राशि प्रदान की थी। साथ ही पिछले साल एक सौ बीघा जमीन में सरसों की खेती करने के साथ ही दिशियाल अंचल में एक बुनाई केंद्र की स्थापना की गई थी।

त्रिदिवसीय आयोजन के पहले दिन आज ध्वजारोहण, श्रद्धांजलि और सम्मान कार्यक्रम के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। सम्मेलन में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, चर्चा सत्र, स्मृति ग्रंथ विमोचन और पारंपरिक बिहू गतिविधियां आयोजित होंगी। दूसरे दिन 10 मई रविवार को राज्य स्तरीय क्विज प्रतियोगिता इंटर स्कूल हुंशरी, जेंग बिहू और बोर बिहूवती प्रतियोगिता और आमंत्रित हुसोरी दलों की प्रस्तुति होगी। वहीं तीसरे और अंतिम दिन 11 मई को जिला स्तरीय चित्रांकन प्रतियोगिता, अंतरंग आलाप के साथ ही शाम को पुरस्कार वितरण समारोह एवं स्मारिका विमोचन होगा। इस साल कुल 3,51,000 रुपये के नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

समापन समारोह में शिवसागर के जिला आयुक्त मृदुल यादव मुख्य अतिथि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया और ओएनजीसी के परिसंपत्ति प्रबंधक अमित कुमार मुखोपाध्याय विशिष्ट अतिथि रहेंगे। गड़गांव कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सव्यसाची महंत स्मारिका विमोचन करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव प्रशांत प्रतीम काठकटिया सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान लोक संस्कृति के साधक द्विजेन गोगोई का विशेष अभिनंदन होगा। लोकप्रिय गायक नील आकाश की प्रस्तुति शाम का मुख्य आकर्षण रहेगी।
आज उद्घाटन समारोह में मुख्य सलाहकार पुनाराम मिलि, अधिवक्ता बिकास दे, मनोज कुमार भागवती, प्रदीप कुमार खंडेलिया, संतोष साहेवाला, कार्यकारी अध्यक्ष जयंत दत्ता, सलाहकार अधिवक्ता विष्णु शर्मा, रमेश भट्टड़, अनिल गुप्ता, दीपक खेमका, राघवेन्द्र जोशी, शैलेश बंसल, रूपचंद करनानी, राजेश अग्रवाल, राजेंद्र जोशी सहित सचिव ज्योति प्रसाद कलिता, सुरजीत बरुआ एवं मयूर बोरा, खाद्य उपसमिति के अध्यक्ष निरंजन कामदार, यश बाकलीवाल, पीयूष जैन, अनिल जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजकों ने सभी नागरिकों और सांस्कृतिक प्रेमियों से अपील की है कि वे कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लें और इसे यादगार बनाएं।




