सिलचर नगर निगम पर भाजपा का दबदबा : 32 वार्डों में जीत, भगवा दल का बोर्ड बनना लगभग तय : भाजपा की बड़ी सफलता—AGP को 2, कांग्रेस को 2 और निर्दलीयों को 6 वार्ड ::वार्ड 29 और 30 में पुनर्मतगणना को लेकर हाई-वोल्टेज ड्रामा—29 में निर्दलीय सम्पा देबराय धर, 30 में कांग्रेस की साक्षी बनिक विजयी
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बोले—“बराक से ब्रह्मपुत्र तक भाजपा और जनता का रिश्ता विश्वास और आत्मीयता का”

सिलचर, 6 अक्टूबर : सिलचर नगर निगम के पहले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। 3 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद 6 अक्टूबर को संपन्न मतगणना में कुल 42 वार्डों में से 32 वार्ड भाजपा के खाते में गए। इनमें वार्ड संख्या 9 और 20 में भाजपा प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।
वहीं भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद (AGP) ने दो वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को दो और निर्दलीय प्रत्याशियों को छह वार्डों में सफलता मिली। भाजपा ने अकेले ही बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे सिलचर नगर निगम में पार्टी के नेतृत्व में नया बोर्ड बनना लगभग तय हो गया है।
पहले नगर निगम चुनाव में ही भाजपा की बड़ी जीत
सिलचर में पहली बार हुए नगर निगम चुनाव के नतीजों पर शुरू से ही पूरे बराक घाटी की नजरें टिकी थीं। मतगणना पूरी होने के बाद सामने आए परिणामों में भाजपा का स्पष्ट वर्चस्व दिखाई दिया।
भाजपा ने वार्ड संख्या 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 17, 18, 20, 21, 22, 23, 27, 28, 31, 32, 33, 34, 35, 36, 37, 38, 39 और 40 में जीत हासिल की।
भाजपा के 32 विजयी प्रत्याशी
परिणामों के अनुसार वार्ड संख्या 2 से सौरभ कांति नाथ, 3 से डोली दास, 4 से शिवानी दास, 5 से दीपक दास, 6 से कंचन देब, 7 से राधारानी रविदास, 8 से अमृत मंडल, 9 से बीरेंद्र प्रसाद सिंह निर्विरोध तथा वार्ड संख्या 10 से संध्या दास विजयी हुईं।
इसी तरह वार्ड 11 से अभिषेक चक्रवर्ती, 12 से रानू दास, 13 से प्रद्युत पाल, 14 से प्रतीक्षा देब, 15 से पापली कर्मकार, 17 से अताउर रहमान लस्कर, 18 से जय दास विजयी हुए। वार्ड संख्या 20 में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए।
वार्ड संख्या 21 से सुमना दास, 22 से पारमिता चंद्र गुप्त, 23 से चंद्रिमा देब, 27 से पुलक दास, 28 से अनुश्री भट्टाचार्य, 31 से कुलदीप चौधरी, 32 से मृणालिनी सिन्हा, 33 से राज्यश्री राय, 34 से चैताली देब, 35 से चंद्रानी दास राय, 36 से सुष्मिता पुरकायस्थ, 37 से अमरेंद्र पाल, 38 से शंकर बोस, 39 से उत्तम गोयला और वार्ड संख्या 40 से पान्थदीप राय भाजपा के टिकट पर विजयी हुए।
असम गण परिषद के खाते में दो वार्ड
भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद ने भी इस चुनाव में दो वार्ड अपने नाम किए। वार्ड संख्या 16 से मिया खान और वार्ड संख्या 26 से साबिना यासमीन बड़भुइया ने AGP प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की।
इस तरह भाजपा और AGP को मिलाकर सत्तारूढ़ गठबंधन के खाते में कुल 34 वार्ड आए हैं।
छह वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों का दमदार प्रदर्शन
नगर निगम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी छह वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। वार्ड संख्या 1 से हसिम उद्दीन बड़भुइया, 19 से ध्रुवज्योति दास, 24 से हनीफा बेगम, 25 से लवली बेगम मजूमदार, 29 से सम्पा देबराय धर और वार्ड संख्या 42 से बिश्तोष नाग विजयी हुए।
वार्ड 29 में पुनर्मतगणना को लेकर तनाव
मतगणना के दौरान सबसे अधिक चर्चा वार्ड संख्या 29 के परिणाम को लेकर रही। यहां पुनर्मतगणना को लेकर काउंटिंग सेंटर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। आखिरकार ‘सूरज’ चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरीं निर्दलीय उम्मीदवार सम्पा देबराय धर को विजयी घोषित किया गया।
जीत के बाद सम्पा देबराय धर ने मतगणना प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा, “आप लोगों ने जनता के जनादेश का अपमान किया है। लोकतंत्र में ऐसा नहीं होता।” उनके इस बयान के बाद मतगणना केंद्र में कुछ समय के लिए हंगामे और तनाव की स्थिति बनने की बात सामने आई।
वार्ड 30 में कांग्रेस की साक्षी बनिक की जीत
वार्ड संख्या 30 में भी पुनर्मतगणना के कारण मुकाबला काफी चर्चा में रहा। दोबारा मतगणना पूरी होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी साक्षी बनिक ने जीत दर्ज की। इस जीत के साथ कांग्रेस ने सिलचर नगर निगम में अपना प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया।
वहीं वार्ड संख्या 41 से राज्यश्री गोवाला भी कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुईं। इस प्रकार कांग्रेस के खाते में कुल दो वार्ड आए।
अंतिम समीकरण—भाजपा 32, AGP 2, कांग्रेस 2 और निर्दलीय 6
सिलचर नगर निगम के सभी 42 वार्डों के अंतिम चुनावी समीकरण में भाजपा को 32, असम गण परिषद को 2, कांग्रेस को 2 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 6 वार्ड मिले।
भाजपा और AGP के आंकड़ों को जोड़ने पर सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कुल 34 वार्ड हैं। अकेले भाजपा के पास ही स्पष्ट बहुमत होने से नए नगर निगम बोर्ड के गठन में पार्टी बेहद मजबूत स्थिति में है।
“सिलचरवासियों का हृदय से धन्यवाद और आभार”—मुख्यमंत्री
भाजपा की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने सिलचर की जनता के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा, “सिलचर नगर निगम की इस प्रचंड जीत के लिए सिलचरवासियों का हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के इस भरपूर आशीर्वाद ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बराक से ब्रह्मपुत्र तक भाजपा और आम जनता के बीच विश्वास और आत्मीयता का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जनता का यह प्यार और समर्थन ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है।
EVM को लेकर सवाल उठाने वालों पर मुख्यमंत्री का निशाना
चुनावी नतीजों के बाद मुख्यमंत्री ने EVM को लेकर भाजपा की आलोचना करने वाले विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री के अनुसार, भाजपा की हर जीत के बाद EVM पर सवाल उठाने और बहाने तलाशने की राजनीति करने वालों को सिलचर की जागरूक जनता ने अपने वोट के माध्यम से उचित जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि जनता झूठे प्रचार के बजाय काम और विकास पर भरोसा करती है, और सिलचर नगर निगम चुनाव के परिणाम ने एक बार फिर इस बात को स्पष्ट कर दिया है।
“सिलचर को और सुंदर, विकसित और आधुनिक शहर बनाएंगे”
भारी जनादेश मिलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने सिलचर के भविष्य के विकास को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सिलचर को और अधिक सुंदर, विकसित और आधुनिक शहर बनाने के लिए सरकार और पार्टी दोगुने उत्साह के साथ काम करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने चुनाव में विजयी सभी प्रत्याशियों के साथ ही चुनाव अभियान में अथक मेहनत करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को भी हार्दिक बधाई दी।
सिलचर नगर निगम के पहले ही चुनाव में 42 में से 32 वार्डों पर भाजपा की जीत को बराक घाटी की राजनीति में महत्वपूर्ण जनादेश के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब सभी की निगाहें नए नगर निगम बोर्ड के गठन, नेतृत्व के चयन और सिलचर शहर के आगामी विकास एजेंडे पर टिक गई हैं।




