बरपेटा रोड में श्रद्धा, संस्कृति और समाजसेवा के संगम के साथ भव्य श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव संपन्न : शोभायात्रा में दिखी अग्रवाल समाज की गौरवशाली विरासत : समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए राधाकिशन चौधरी को प्रतिष्ठित ‘अग्र भूषण सम्मान’ : बाबूलाल मोर–बिमला देवी मोर एवं मनोरंजन अग्रवाल–पुष्पा देवी अग्रवाल का भावपूर्ण अभिनंदन : सांवरमल सराफ और कैलाश प्रसाद सराफ को विशेष सम्मान
स्वर्गीय मदनलाल सराफ एवं भगवती देवी सराफ की स्मृति में विवाह भवन निर्माण का संकल्प—समाजसेवा और परोपकार की अनूठी मिसाल : महाराजा अग्रसेन, महारानी माधवी, माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की भव्य झांकियों के साथ 18 गोत्रों की सजीव प्रस्तुति : भजन संध्या में रोहित तोदी ने बांधा समां

बरपेटा रोड, 12 अक्टूबर : भगवान श्रीराम के वंशज, सूर्यवंशी महाराजा अग्रकुल शिरोमणि महाराजा श्री अग्रसेन जी के आदर्शों, सामाजिक समरसता, समानता, सेवा, सहयोग और मानवता के संदेश को समर्पित श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव रविवार, 11 अक्टूबर को बरपेटा रोड में अपार श्रद्धा, भक्ति, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अग्रवाल समाज, बरपेटा रोड के तत्वावधान में स्थानीय श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी प्रांगण में आयोजित इस भव्य धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में समाज की गौरवशाली परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सेवा भावना का अनुपम संगम देखने को मिला।
महोत्सव में महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ समाज के वरिष्ठजनों, मातृशक्ति, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। इस अवसर पर जहां समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, वहीं वरिष्ठजनों के प्रति आदर और कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणादायी परंपरा को भी आगे बढ़ाया गया।

ध्वजारोहण और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ
श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव का शुभारंभ रविवार दोपहर 3 बजे श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी प्रांगण में ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके पश्चात धार्मिक अनुष्ठानों के अंतर्गत महाराजा श्री अग्रसेन जी, भगवान श्री गणेश जी महाराज एवं कुलदेवी माता लक्ष्मी जी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।

इस पावन अवसर पर मुख्य यजमान श्री कैलाश प्रसाद सराफ एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पार्वती देवी सराफ ने वैदिक विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना कर समाज की सुख-समृद्धि, एकता, शांति एवं सर्वांगीण विकास की मंगलकामना की।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आरंभ हुए महोत्सव ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों का स्मरण करते हुए सामाजिक एकता और सेवा भावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।

बैंड-बाजे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा—18 गोत्रों की सजीव झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
दोपहर के धार्मिक कार्यक्रमों के पश्चात अपराह्न 4 बजे बैंड-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में महाराजा श्री अग्रसेन जी, महारानी माधवी जी, कुलदेवी माता लक्ष्मी जी एवं भगवान श्री गणेश जी की आकर्षक झांकियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

शोभायात्रा का विशेष आकर्षण अग्रवाल वंश के 18 गोत्रों पर आधारित सजीव झांकियां रहीं। इन झांकियों के माध्यम से अग्रवाल समाज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया।

विशेष रूप से समाज के बच्चों ने विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक पात्रों का रूप धारण कर झांकियों को जीवंत बना दिया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समाज की नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रेरणादायी संदेश दिया।

शोभायात्रा में अग्रवाल समाज के बंधुओं, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। सामूहिक उपस्थिति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सामाजिक एकता, पारिवारिक संस्कारों तथा अग्रवाल समाज की गौरवशाली परंपराओं का सुंदर परिचय दिया।

राधाकिशन चौधरी को प्रतिष्ठित ‘अग्र भूषण सम्मान’ से किया गया अलंकृत
भव्य शोभायात्रा के पश्चात आयोजित मुख्य सम्मान समारोह में समाजसेवा और उदार योगदान के लिए श्री राधाकिशन चौधरी को प्रतिष्ठित ‘अग्र भूषण सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान समाज के प्रति उनके योगदान, सेवाभाव और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समर्पण की सराहना के रूप में प्रदान किया गया।
इस अवसर पर समाज के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले व्यक्तित्वों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना को महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों का मूल आधार माना गया।
राधाकिशन चौधरी को प्रदान किया गया यह सम्मान समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी संदेश बना।

चार वरिष्ठजनों का ‘वयोवृद्ध मातृ-पितृ अभिनंदन’—संस्कार और कृतज्ञता की अनूठी मिसाल
महोत्सव के दौरान अग्रवाल युवा परिषद्, बरपेटा रोड की ओर से समाज के वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, आदर और कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा के अंतर्गत विशेष ‘वयोवृद्ध मातृ-पितृ अभिनंदन’ समारोह आयोजित किया गया।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ सदस्य श्री बाबूलाल मोर एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बिमला देवी मोर तथा श्री मनोरंजन अग्रवाल (कोजानी) एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा देवी अग्रवाल को सम्मानित किया गया।
इन दोनों वरिष्ठ दंपतियों का अभिनंदन समाज के प्रति उनके जीवनानुभव, पारिवारिक संस्कारों और वरिष्ठ पीढ़ी के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से किया गया।
समारोह का यह विशेष आयोजन भारतीय पारिवारिक मूल्यों और बुजुर्गों के प्रति आदर की भावना का सुंदर उदाहरण बना। इसके माध्यम से युवा पीढ़ी को यह संदेश दिया गया कि समाज की वास्तविक शक्ति उसके वरिष्ठजनों के अनुभव, त्याग, मार्गदर्शन और संस्कारों में निहित होती है।
अग्रवाल युवा परिषद् की इस पहल ने नई पीढ़ी को अपनी पारिवारिक एवं सामाजिक परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा प्रदान की।

सांवरमल सराफ और कैलाश प्रसाद सराफ को विशेष सम्मान—माता-पिता की स्मृति में विवाह भवन निर्माण का संकल्प
मुख्य समारोह के दौरान श्री सांवरमल सराफ एवं श्री कैलाश प्रसाद सराफ को उनके महत्वपूर्ण समाजोपयोगी संकल्प के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
दोनों ने अपने पूज्य स्वर्गीय माता-पिता, स्वर्गीय श्री मदनलाल सराफ एवं स्वर्गीय श्रीमती भगवती देवी सराफ की पावन स्मृति में श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी परिसर में एक विवाह भवन के निर्माण का संकल्प लिया है।
यह प्रस्तावित विवाह भवन समाज के परिवारों को विवाह एवं अन्य पारिवारिक सामाजिक आयोजनों के लिए उपयोगी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अपने दिवंगत माता-पिता की स्मृतियों को समाजहित के स्थायी कार्य से जोड़ने का यह संकल्प सेवा, परोपकार, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण है।
इस पहल के माध्यम से जहां माता-पिता की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने का प्रयास किया गया है, वहीं आने वाली पीढ़ियों के लिए समाजोपयोगी सुविधा विकसित करने की भावना भी प्रकट हुई है। समारोह में दोनों के इस संकल्प की सराहना करते हुए उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

भजन संध्या में रोहित तोदी की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महोत्सव के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सायं 6:30 बजे विशेष भजन संध्या का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आमंत्रित भजन गायक श्री रोहित तोदी ने अपनी मधुर वाणी में भक्तिमय भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
भजनों की मधुर स्वर लहरियों से श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी परिसर का वातावरण भक्तिमय और आनंदमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भजन संध्या का भरपूर आनंद लिया।
धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के इस सुंदर समन्वय ने महोत्सव को विशेष गरिमा प्रदान की। रात्रि में उपस्थित समाजबंधुओं, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद की व्यवस्था की गई।

अमित अग्रवाल, स्नेहा अग्रवाल और रवि प्रकाश अग्रवाला ने संभाला मंच संचालन
महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों एवं मुख्य सम्मान समारोह का मंच संचालन श्री अमित अग्रवाल, श्रीमती स्नेहा अग्रवाल एवं श्री रवि प्रकाश अग्रवाला ने किया।
तीनों संचालकों ने कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाते हुए धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच सुंदर समन्वय स्थापित किया।
कार्यक्रम के दौरान महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों, अग्रवाल समाज की गौरवशाली विरासत और सामाजिक सेवा के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
सनातन मारवाड़ी समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता
श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव में बरपेटा रोड के सनातन मारवाड़ी समाज के वरिष्ठ सदस्यों सहित अग्रवाल समाज के बंधुओं, मातृशक्ति, युवाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
महोत्सव की सफलता में श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव समिति तथा अग्रवाल युवा परिषद्, बरपेटा रोड के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समिति और परिषद् के सदस्यों ने आपसी सहयोग, समर्पण और सामूहिक प्रयासों से धार्मिक अनुष्ठानों, शोभायात्रा, सम्मान समारोह, भजन संध्या तथा भोजन-प्रसाद सहित सभी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के समाजबंधुओं की सक्रिय सहभागिता ने सामाजिक एकता और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को आत्मसात करने का दिया प्रेरणादायी संदेश
उल्लेखनीय है कि महाराजा श्री अग्रसेन जी भारतीय समाज में समानता, सहयोग, परोपकार, सामाजिक न्याय, सेवा और सर्वजन कल्याण के आदर्शों के लिए विशेष रूप से पूजनीय हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अग्रवाल समाज निरंतर सामाजिक उत्थान, शिक्षा, सेवा और जनकल्याण के कार्यों में योगदान देता रहा है।
बरपेटा रोड में आयोजित इस भव्य जयंती महोत्सव ने इन्हीं आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
एक ओर 18 गोत्रों की सजीव झांकियों के माध्यम से समाज की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया गया, तो दूसरी ओर ‘अग्र भूषण सम्मान’ और ‘वयोवृद्ध मातृ-पितृ अभिनंदन’ के माध्यम से समाजसेवा तथा वरिष्ठजनों के प्रति आदर की भावना को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार स्वर्गीय माता-पिता की स्मृति में विवाह भवन निर्माण का संकल्प समाज के प्रति समर्पण और परोपकार की स्थायी विरासत स्थापित करने का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।
श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति, सेवा और सामाजिक एकता के इस अनुपम संगम के साथ संपन्न हुआ श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव बरपेटा रोड के अग्रवाल समाज के लिए एक यादगार आयोजन बन गया। महोत्सव ने महाराजा श्री अग्रसेन जी के समता, सहयोग, सद्भाव, सेवा और सर्वजन कल्याण के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त संदेश दिया।




