ASSAMBONGAIGAONLocal NewsSTATEराज्यलोकल न्यूज़शिवसागर

सादगी की अनोखी मिसाल : बंगाईगांव के ‘जुबिन क्षेत्र’ में काठ मिस्त्री बने सांसद फणी भूषण चौधरी, खुद औजार उठाकर कारीगरों के साथ किया काम : कभी रसोइया, कभी सब्जी विक्रेता तो कभी चायवाला, अब लकड़ी की छिलाई और नक्काशी करते नजर आए : सांसद की विशेष पहल पर बन रहा भव्य ‘जुबिन क्षेत्र’ :15 नवंबर को होगा उद्घाटन, स्थापित की जाएगी लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की कांस्य प्रतिमा

अत्याधुनिक सभागार, सम्मेलन केंद्र और विश्राम गृह सहित कई सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर—सांसद की अनूठी कार्यशैली बनी चर्चा का विषय

बंगाईगांव, 8 अक्टूबर : बरपेटा लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं बंगाईगांव निवासी फणी भूषण चौधरी एक बार फिर अपनी सादगी और आम लोगों के साथ सहज जुड़ाव को लेकर सुर्खियों में हैं। सार्वजनिक जीवन में अपने अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले सांसद चौधरी इस बार बंगाईगांव में निर्माणाधीन ‘जुबिन क्षेत्र’ परिसर में लकड़ी के कारीगरों के साथ काठ मिस्त्री के रूप में काम करते नजर आए। निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे सांसद ने केवल औपचारिक जायजा लेने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि खुद औजार उठाकर कारीगरों के साथ लकड़ी की छिलाई और नक्काशी के काम में हाथ बंटाया। सांसद को इस रूप में देखकर वहां मौजूद लोग भी आश्चर्यचकित रह गए।

निरीक्षण के दौरान खुद संभाले औजार, कारीगरों के साथ किया काम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंगाईगांव में निर्माणाधीन भव्य ‘जुबिन क्षेत्र’ के कार्यों की प्रगति का जायजा लेने सांसद फणी भूषण चौधरी परिसर में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में जुटे कारीगरों से बातचीत की और उनके कामकाज को करीब से देखा। इसके बाद उन्होंने स्वयं औजार उठाकर लकड़ी के कारीगरों के साथ काम करना शुरू कर दिया।

सांसद को एक सामान्य काठ मिस्त्री की तरह लकड़ी की छिलाई और नक्काशी में सहयोग करते देखकर वहां उपस्थित लोग हैरान रह गए। इस दौरान उन्होंने कारीगरों के साथ मिलकर काम किया और उनके श्रम में प्रत्यक्ष भागीदारी दिखाई। सांसद का यह अंदाज स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

15 नवंबर को होगा भव्य ‘जुबिन क्षेत्र’ का उद्घाटन

उल्लेखनीय है कि बंगाईगांव में लोकप्रिय असमिया गायक जुबिन गर्ग की स्मृति को समर्पित भव्य ‘जुबिन क्षेत्र’ का निर्माण सांसद फणी भूषण चौधरी की विशेष पहल पर किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य जुबिन गर्ग की सांस्कृतिक विरासत और संगीत जगत में उनके योगदान को सम्मान देना तथा उनकी स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परिसर का भव्य उद्घाटन आगामी 15 नवंबर को प्रस्तावित है। उद्घाटन के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। यह परिसर संगीतप्रेमियों, सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े लोगों और जुबिन गर्ग के प्रशंसकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

जुबिन गर्ग की कांस्य प्रतिमा के साथ आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर

निर्माणाधीन ‘जुबिन क्षेत्र’ की प्रमुख विशेषताओं में लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की कांस्य प्रतिमा की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त परिसर में आगंतुकों और सांस्कृतिक आयोजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सभागार, सम्मेलन केंद्र, विश्राम गृह तथा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

सभागार और सम्मेलन केंद्र के माध्यम से भविष्य में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगीत समारोहों, बैठकों और अन्य आयोजनों के संचालन की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं विश्राम गृह और अन्य सुविधाओं से यहां आने वाले आगंतुकों को सहूलियत मिलेगी। इस प्रकार ‘जुबिन क्षेत्र’ को केवल एक स्मारक तक सीमित न रखकर सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

कभी रसोइया, कभी सब्जी विक्रेता तो कभी चायवाला—पहले भी दिख चुका है अनोखा अंदाज

यह पहला अवसर नहीं है जब सांसद फणी भूषण चौधरी अपने इस प्रकार के व्यवहार को लेकर चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी वे कई अवसरों पर आम लोगों के बीच विभिन्न भूमिकाओं में नजर आ चुके हैं।

कभी किसी रसोईघर में रसोइया बनकर भोजन तैयार करते हुए, कभी स्थानीय बाजार में सब्जी विक्रेता की तरह सब्जियां बेचते हुए तो कभी चाय की दुकान पर स्वयं चाय बनाकर लोगों को परोसते हुए उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आ चुके हैं।

इन गतिविधियों से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इसके अलावा सांसद चौधरी कई अवसरों पर बिना किसी विशेष तामझाम के साइकिल और मोटरसाइकिल पर भी नजर आते रहे हैं।

सामान्य जीवनशैली और श्रम के प्रति सम्मान को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा

सांसद चौधरी की इस कार्यशैली को लेकर बंगाईगांव और बरपेटा क्षेत्र में स्थानीय लोगों के बीच चर्चा हो रही है। उनके समर्थकों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण पद पर रहने के बावजूद सामान्य लोगों के साथ सहजता से घुलना-मिलना तथा विभिन्न प्रकार के कामों में स्वयं भाग लेना उनकी विशिष्ट पहचान रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी कार्य को छोटा या बड़ा समझने के बजाय उसमें स्वयं भागीदारी करना श्रम के प्रति सम्मान का संदेश देता है। कारीगरों के साथ काम करते हुए सांसद की तस्वीरों को भी इसी दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।

बंगाईगांव और बरपेटा में सांसद की पहल की सराहना

बंगाईगांव और बरपेटा क्षेत्र के अनेक स्थानीय नागरिक सांसद फणी भूषण चौधरी की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। विशेष रूप से जुबिन गर्ग की स्मृति में विकसित किए जा रहे ‘जुबिन क्षेत्र’ को लेकर भी लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।

एक ओर लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की यादों को सहेजने के लिए भव्य सांस्कृतिक परिसर आकार ले रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके निर्माण में स्वयं सांसद की भागीदारी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

आगामी 15 नवंबर को प्रस्तावित उद्घाटन के साथ यह परिसर आम जनता के लिए उपलब्ध होने की उम्मीद है। फिलहाल निर्माण कार्य के बीच सांसद फणी भूषण चौधरी का काठ मिस्त्री के रूप में नजर आना बंगाईगांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!