विश्व पर्यावरण दिवस पर मारवाड़ी सम्मेलन होजाई महिला शाखा की सराहनीय पहल : वृक्षारोपण कर दिया हरित भविष्य का संदेश, पौधों के संरक्षण और सेवा का लिया संकल्प
आर.जी. रेजीडेंसी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी

होजाई, 5 जून : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन, होजाई महिला शाखा द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय आर.जी. रेजीडेंसी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान महिला शाखा की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए वृक्षारोपण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल, सिंचाई और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि लगाए गए पौधों को उचित संरक्षण दिया जाए तो वे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण को शुद्ध करने, तापमान नियंत्रित रखने तथा जैव विविधता को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महिला शाखा की सदस्याओं ने उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण जागरूकता पर चर्चा करते हुए यह भी कहा गया कि स्वच्छ वातावरण, हरित क्षेत्र, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए समाज के सभी वर्गों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में मारवाड़ी सम्मेलन होजाई महिला शाखा की अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहीं। इनमें सरिता सरावगी, मंजू भीमसरिया, रितु सरावगी, नीतू मोर, बिमला पंसारी, पिंकी पंसारी, राधा सरावगी, पिंकी सरावगी, अनिता बजाज, बबीता दायमा, सुनीता भीमसरिया सहित अन्य सदस्याओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाकर निरंतर वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के कार्य किए जाने चाहिए। उपस्थित सभी सदस्याओं ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए समाज में हरियाली बढ़ाने और पौधों की सेवा-सुरक्षा करने का संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज में हरित चेतना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।




