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‘सूरुज कुमार पातिरी गीत प्रतियोगिता’ को लेकर शिवसागर में व्यापक तैयारी : 26 सितंबर को सजेगा संगीत का विशेष मंच : प्रख्यात मिसिंग संगीत कलाकार, मानवतावादी समाजसेवी और सांस्कृतिक कर्मी सूरुज कुमार पातिरी की जयंती पर विशेष आयोजन

मिसिंग और असमिया भाषा में पातिरी की धुन, स्वर और रचनाओं से जुड़े चयनित गीत पेश करेंगे प्रतिभागी—कुल 21 हजार रुपये की पुरस्कार राशि

शिवसागर, 24 सितंबर : मिसिंग समाज के प्रख्यात संगीत कलाकार, मानवतावादी समाजसेवी और सांस्कृतिक क्षेत्र के समर्पित कर्मी सूरुज कुमार पातिरी की जयंती के अवसर पर आगामी 26 सितंबर को शिवसागर में आयोजित होने वाली ‘सूरुज कुमार पातिरी गीत प्रतियोगिता’ को लेकर व्यापक तैयारियां चल रही हैं। शिवसागर के सेःदृ-मेःल एंटरप्राइज में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता को सूरुज कुमार पातिरी की संगीत साधना, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित एक विशेष आयोजन के रूप में तैयार किया जा रहा है।

सभी मिसिंग राष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से होगा आयोजन

सूरुज कुमार पातिरी गीत प्रतियोगिता आयोजन समिति की पहल और शिवसागर जिले के सभी मिसिंग राष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से आयोजित होने वाली इस संगीत प्रतियोगिता को व्यापक और आकर्षक स्वरूप देने की तैयारी की गई है। आयोजकों का उद्देश्य केवल एक प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि पातिरी की सांगीतिक स्मृतियों को संजोने, उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उभरती गायन प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना भी है।

पातिरी की रचनाओं और धुनों से गूंजेगा प्रतियोगिता का मंच

प्रतियोगिता की विशेषता यह होगी कि इसमें प्रतिभागी सूरुज कुमार पातिरी द्वारा संगीतबद्ध, स्वरबद्ध अथवा रचित मिसिंग और असमिया भाषाओं के चयनित गीतों को अपनी आवाज में प्रस्तुत करेंगे। इस तरह यह मंच जहां पातिरी की लोकप्रिय संगीत रचनाओं और उनकी सांगीतिक विरासत को एक बार फिर जीवंत करेगा, वहीं युवा गायकों को उनकी रचनात्मक यात्रा से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।

आयोजकों का मानना है कि नई पीढ़ी के कलाकारों की आवाज में पातिरी के गीतों की पुनः प्रस्तुति उनकी सांगीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। इसके साथ ही युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और वरिष्ठ संगीत-साधकों की रचनाओं से सीखने का अवसर मिलेगा।

विजेताओं के लिए कुल 21 हजार रुपये की पुरस्कार राशि

प्रतियोगिता को और अधिक उत्साहपूर्ण बनाने के लिए विजेताओं हेतु कुल 21,000 रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। आयोजन समिति को उम्मीद है कि प्रतियोगिता में युवा और प्रतिभाशाली गायकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिलेगी और संगीतप्रेमियों को पातिरी की यादगार रचनाओं को नए स्वरों में सुनने का अवसर मिलेगा।

नाहेंद्र पादुन करेंगे औपचारिक उद्घाटन

आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन साहित्यिक क्षेत्र के विशिष्ट व्यक्तित्व नाहेंद्र पादुन करेंगे। समारोह में विशिष्ट समाजसेवी पोनाराम मिली और संस्कृतिविद डॉ. पवित्र कुमार पेगू सहित शिवसागर जिले के कई जाने-माने शिक्षाविद, समाजसेवी और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रहेगी।

इन विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में सूरुज कुमार पातिरी की सांगीतिक यात्रा, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक क्षेत्र में उनके द्वारा छोड़ी गई विरासत को याद किया जाएगा।

नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास पातिरी की संगीत विरासत

आयोजकों के अनुसार सूरुज कुमार पातिरी ने अपनी संगीत साधना के माध्यम से मिसिंग समाज के साथ-साथ व्यापक सांस्कृतिक जगत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके लोकप्रिय गीत और संगीत रचनाएं आज भी संगीतप्रेमियों की स्मृतियों में जीवंत हैं। इन्हीं रचनाओं को नई पीढ़ी के गायकों की आवाज में दोबारा लोगों तक पहुंचाना इस आयोजन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

प्रतियोगिता के माध्यम से जहां उनकी सांगीतिक स्मृतियों को संजोने का प्रयास होगा, वहीं युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मिसिंग और असमिया संस्कृति के बीच मजबूत होगा सांस्कृतिक सेतु

आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य मिसिंग और असमिया संगीत-संस्कृति के बीच मौजूद सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत करना भी है। सूरुज कुमार पातिरी से जुड़े दोनों भाषाओं के गीत एक ही मंच पर प्रस्तुत किए जाने से मिसिंग और असमिया सांस्कृतिक धाराओं की समृद्ध विरासत तथा उनके पारस्परिक संबंधों को सामने लाने का अवसर मिलेगा।

शिवसागर जिले के विभिन्न मिसिंग राष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से आयोजित होने के कारण कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आयोजन समिति ने इसे महज एक गीत प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए पातिरी की संगीत साधना, मानवतावादी सोच, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक विरासत को सामूहिक रूप से स्मरण करने के विशेष अवसर के रूप में तैयार किया है।

संगीतप्रेमियों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील

सूरुज कुमार पातिरी गीत प्रतियोगिता आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. शिव प्रसाद मिली, कार्यकारी अध्यक्ष दिपेश्वर बड़ी और मुख्य सचिव दुनु बड़ी ने संगीतप्रेमियों, शुभचिंतकों और सांस्कृतिक अनुरागियों से 26 सितंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में उपस्थित रहने की अपील की है।

आयोजन समिति ने लोगों से प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले कलाकारों का उत्साहवर्धन करने तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देने का आह्वान किया है। आयोजकों को उम्मीद है कि नई पीढ़ी की आवाज में सूरुज कुमार पातिरी के गीतों की पुनः प्रस्तुति न केवल उनके सांगीतिक योगदान और स्मृतियों को जीवंत रखेगी, बल्कि मिसिंग और असमिया भाषा-संस्कृति के बीच आपसी जुड़ाव को और सुदृढ़ करने का माध्यम भी बनेगी।

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