Welcome to NE NEWS 24X7   Click to listen highlighted text! Welcome to NE NEWS 24X7
ASSAMLocal NewsPOLICESIVASAGARSTATEYOUTHयुवाराज्यलोकल न्यूज़शिवसागर

शिवसागर में कथित सामूहिक हमले के बाद देवजीत बोरा की मौत—एक आरोपी गिरफ्तार, तीन दिन की पुलिस रिमांड : सदर थाने में दर्ज केस संख्या 150/2026 के आधार पर कार्रवाई—पार्थज्योति नौकाश्यप गिरफ्तार : छह युवकों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी एफआईआर—अन्य नामजद आरोपियों की तलाश और मामले की जांच जारी

शिवसागर, 24 सितंबर : शिवसागर में कथित सामूहिक हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 40 वर्षीय देवजीत बोरा की मौत से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर में नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पार्थज्योति नौकाश्यप के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश करने के बाद आगे की पूछताछ के लिए तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी बताई जा रही है।

केस संख्या 150/2026 के आधार पर पुलिस की कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवसागर पुलिस ने शिवसागर सदर पुलिस थाने में दर्ज केस संख्या 150/2026 के आधार पर पार्थज्योति नौकाश्यप के खिलाफ कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जयसागर स्थित शिवसागर सिविल अस्पताल ले जाया गया।

स्वास्थ्य जांच संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुलिस ने उसे शिवसागर अदालत में पेश किया। इसके बाद मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ के लिए पुलिस ने उसे तीन दिनों की रिमांड पर लिया। पुलिस अब घटना की परिस्थितियों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में उससे पूछताछ कर रही है।

28 जुलाई की रात हुई कथित मारपीट से जुड़ा है मामला

यह मामला 28 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे शिवसागर जिले के दिचांग धाईआली पंचायत अंतर्गत बाढोयटिंग गांव में हुई कथित मारपीट की घटना से जुड़ा है। आरोप है कि उस रात छह युवकों का एक समूह इलाके में हंगामा कर रहा था।

परिवार के अनुसार, इसी दौरान अपने घर से ऐतिहासिक धाईआली की ओर निकले स्थानीय निवासी देवजीत बोरा ने युवकों से रात के समय हंगामा नहीं करने का अनुरोध किया। परिजनों का आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और युवकों ने देवजीत बोरा पर कथित रूप से हमला कर दिया।

सिर पर बांस से वार करने का आरोप—गंभीर रूप से हुए थे घायल

परिजनों का आरोप है कि हमले के दौरान देवजीत बोरा के सिर पर बांस से गंभीर वार किया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी और मस्तिष्क में रक्तस्राव हुआ। गंभीर चोट लगने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़े।

घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें गंभीर अवस्था में जयसागर स्थित शिवसागर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया।

डेढ़ महीने से अधिक समय तक जिंदगी की जंग—22 सितंबर को निधन

परिजनों के मुताबिक, जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में देवजीत बोरा को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। सिर में लगी गंभीर चोट के कारण उनकी सर्जरी भी की गई। चिकित्सकों के प्रयास और लंबे समय तक चले उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

करीब डेढ़ महीने से अधिक समय तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद 22 सितंबर को उपचार के दौरान देवजीत बोरा ने अंतिम सांस ली। उनकी मौत के बाद पहले से दर्ज कथित हमले का मामला और गंभीर हो गया।

पत्नी ने छह युवकों को नामजद करते हुए दर्ज कराई थी एफआईआर

घटना को लेकर देवजीत बोरा की पत्नी लखीमी बोरा ने शिवसागर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में रंजन बरदलै, पार्थज्योति नौकाश्यप, अभिजीत बोरा, मनदीप गोगोई, पुतुकोन सैकिया और शंकुब सैकिया नामक छह युवकों का उल्लेख किया गया था।

एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। इसी क्रम में नामजद पार्थज्योति नौकाश्यप को गिरफ्तार किया गया और अदालत से तीन दिनों की पुलिस रिमांड हासिल की गई।

अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी—जांच के बाद स्पष्ट होंगे तथ्य

फिलहाल शिवसागर पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और एफआईआर में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस की पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

अन्य नामजद लोगों के संबंध में पुलिस की अगली कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। घटना को लेकर एफआईआर में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में मामले से जुड़े अन्य तथ्य और परिस्थितियां जांच आगे बढ़ने के साथ और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!