शिवसागर के राजाभेटा में ‘टीबी मुक्त पंचायत’ अभियान पर जागरूकता सभा, लक्षण, जांच, उपचार और बचाव की दी जानकारी : डॉ. द्विजेन कोच ने टीबी के खिलाफ सामूहिक जागरूकता पर दिया जोर—संभावित लक्षण दिखने पर समय पर जांच और उचित उपचार की अपील : ‘जनसहयोग के बिना टीबी मुक्त पंचायत का लक्ष्य संभव नहीं’—स्वास्थ्यकर्मियों ने स्थानीय लोगों से मांगी सक्रिय भागीदारी
राजाभेटा पंचायत ने अभियान में पूर्ण सहयोग का दिया भरोसा—टीबी से जुड़ी भ्रांतियां दूर करने और समय पर उपचार को बढ़ावा देने पर जोर

शिवसागर, 24 सितंबर : शिवसागर जिले के संतक-बिहुबर क्षेत्र अंतर्गत राजाभेटा गांव पंचायत में बुधवार को ‘टीबी मुक्त पंचायत’ अभियान को सफल बनाने और क्षय रोग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक सार्वजनिक जागरूकता सभा आयोजित की गई। शिवसागर जिला क्षय रोग विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव से लेकर सामुदायिक भागीदारी तक विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
सभा की अध्यक्षता राजाभेटा गांव पंचायत के अध्यक्ष मोहन सिंह राजपूत ने की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों से टीबी को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने तथा पंचायत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।

डॉ. द्विजेन कोच ने बताए टीबी के लक्षण, जांच और उपचार के पहलू
कार्यक्रम में शिवसागर के जिला क्षय रोग अधिकारी एवं जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. द्विजेन कोच ने उपस्थित लोगों को टीबी के विभिन्न लक्षणों, इसकी जांच, उपलब्ध उपचार व्यवस्था और बीमारी से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने ‘टीबी मुक्त पंचायत’ अभियान के उद्देश्यों को समझाते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में आम लोगों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। टीबी के खिलाफ लड़ाई में व्यापक जन-जागरूकता को आवश्यक बताते हुए उन्होंने संभावित लक्षण दिखाई देने पर समय रहते जांच कराने और उचित उपचार लेने पर जोर दिया।
डॉ. कोच ने लोगों से टीबी के प्रति सजग रहने और बीमारी की रोकथाम तथा उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
‘हर वर्ग की भागीदारी से सफल होगा अभियान’
कार्यक्रम में आमगुड़ी आंचलिक पंचायत की सभानेत्री आसावंती बद्रा तिर्की भी उपस्थित रहीं। उन्होंने लोगों से केवल टीबी ही नहीं, बल्कि सभी प्रकार की बीमारियों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ‘टीबी मुक्त पंचायत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग और सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय लोगों से स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों में सहयोग करने और बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

स्वास्थ्यकर्मियों ने साझा किए व्यावहारिक अनुभव
सभा में राजाभेटा स्वास्थ्य केंद्र की कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर मधुस्मिता चेतिया और बामुनपुखुरी चाय बागान स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट उत्पल बरदलै ने भी अपने विचार रखे।
दोनों स्वास्थ्यकर्मियों ने टीबी रोगियों के उपचार से जुड़े अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए बीमारी की समय पर पहचान, उचित उपचार और नियमित देखभाल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से उपचार संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की अपील की।
‘केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से संभव नहीं टीबी मुक्त पंचायत’
स्वास्थ्यकर्मियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी पंचायत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए स्थानीय समुदाय का सहयोग, जागरूकता और सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से राजाभेटा क्षेत्र के लोगों से टीबी के खिलाफ चल रहे अभियान में स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करने तथा आसपास के लोगों को भी बीमारी की जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
राजाभेटा पंचायत ने दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा
राजाभेटा गांव पंचायत के अध्यक्ष मोहन सिंह राजपूत ने पंचायत क्षेत्र में इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन के लिए शिवसागर जिला क्षय रोग विभाग की सराहना की।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि राजाभेटा को टीबी मुक्त पंचायत बनाने की दिशा में भविष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों में पंचायत की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी इस अभियान को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।
भ्रांतियां दूर करने और समय पर उपचार पर विशेष जोर
जागरूकता सभा के माध्यम से टीबी को लेकर समाज में मौजूद भ्रांतियों को दूर करने, संभावित रोगियों को समय पर जांच के लिए प्रेरित करने और उचित उपचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि जन-जागरूकता, समय पर जांच, नियमित उपचार और सामुदायिक सहभागिता के जरिए ही ‘टीबी मुक्त पंचायत’ के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी प्रगति की जा सकती है। इसी संकल्प के साथ राजाभेटा को टीबी मुक्त बनाने के लिए पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया गया।




