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दक्षिण कामरूप में अवैध दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार : सोनतोली के 3 नंबर दक्षिण रंगापानी में ‘तालुकदार एंटरप्राइज’ पर प्रशासन की बड़ी छापेमारी : पुलिस, औषधि नियंत्रण विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से इलाके में मची सनसनी : दो आरोपी गिरफ्तार

बिना लाइसेंस बनाई जा रही थीं विभिन्न बीमारियों की संदिग्ध दवाएं : भारी मात्रा में कच्चा माल, मशीनें और तैयार दवाएं जब्त

न्यूज डेस्क, 29 जून : दक्षिण कामरूप जिले के सोनतोली थाना क्षेत्र अंतर्गत 3 नंबर दक्षिण रंगापानी गांव में रविवार को प्रशासन, पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक कथित अवैध दवा निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। ‘तालुकदार एंटरप्राइज’ नाम से संचालित इस इकाई पर बिना किसी वैध लाइसेंस के विभिन्न गंभीर बीमारियों की दवाओं का निर्माण किए जाने का आरोप है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई बड़ी कार्रवाई

विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद बोको-छयगांव सह-जिले के पुलिस अधीक्षक जान किशोर गोगोई के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। अभियान में कामरूप जिले के ड्रग्स इंस्पेक्टर के साथ सोनतोली थाना प्रभारी हीरकज्योति मुदै, छमरिया पुलिस चौकी प्रभारी मृदुल दास तथा मंदिरा थाना प्रभारी ज्योतिर्मय दास अपनी-अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।

पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग की इस संयुक्त छापेमारी ने स्थानीय लोगों को भी चौंका दिया। अधिकारियों ने कई घंटों तक फैक्ट्री परिसर की गहन तलाशी लेकर बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की।

मशीनें, रसायन और तैयार दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दवा निर्माण में प्रयुक्त भारी मात्रा में कच्चा माल, रासायनिक पदार्थ, दवा बनाने वाली मशीनें, पैकिंग सामग्री, लेबल तथा तैयार दवाओं का स्टॉक जब्त किया। जब्त सामग्री को आगे की वैज्ञानिक जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में ले लिया गया है।

अभियान के दौरान जाहिदुल हक तालुकदार और मकिबुर रहमान तालुकदार को गिरफ्तार किया गया। दोनों से पूछताछ जारी है।

मानव जीवन से खिलवाड़ का आरोप

प्राथमिक जांच में आरोप है कि फैक्ट्री का संचालन बिना किसी वैध लाइसेंस तथा औषधि निर्माण संबंधी सरकारी मानकों का पालन किए किया जा रहा था। आरोप है कि विभिन्न बीमारियों के उपचार के नाम पर आयुर्वेदिक एवं एलोपैथिक दवाओं के रूप में संदिग्ध रासायनिक पदार्थों से तैयार उत्पाद बाजार में बेचे जा रहे थे।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला आम लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।

सप्लाई नेटवर्क की भी होगी जांच

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस फैक्ट्री में तैयार दवाएं किन जिलों और राज्यों में भेजी जाती थीं, इन्हें किन दुकानों या एजेंटों के माध्यम से बाजार तक पहुंचाया जाता था तथा इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

अधिकारियों ने फैक्ट्री से बरामद दस्तावेज, पैकेजिंग सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जांच के लिए जब्त किए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

भारत में दवाओं का निर्माण, भंडारण और बिक्री Drugs and Cosmetics Act, 1940 तथा संबंधित नियमों के अंतर्गत नियंत्रित किया जाता है। बिना लाइसेंस दवा निर्माण, नकली अथवा मानकविहीन दवाओं का उत्पादन और बिक्री गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। दोष सिद्ध होने पर कठोर कारावास, भारी जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

इलाके में फैली दहशत, प्रशासन ने दिए जांच के संकेत

घटना के बाद पूरे दक्षिण रंगापानी और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन का कहना है कि जब्त दवाओं के नमूने प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दवाओं की गुणवत्ता क्या थी, उनमें किन रसायनों का उपयोग किया गया था तथा क्या वे मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक थीं।

जांच जारी, और खुलासों की संभावना

फिलहाल पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान हो सकती है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।

यह कार्रवाई स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध दवा निर्माण एवं नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

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