दुर्गा पूजा को लेकर शिवसागर प्रशासन की बड़ी तैयारी—सुरक्षा, ट्रैफिक से लेकर विसर्जन तक विस्तृत कार्ययोजना : हर पूजा पंडाल में CCTV अनिवार्य—‘सेवा सेतु’ पोर्टल सहित संबंधित विभागों से पहले लेनी होगी आवश्यक अनुमति : रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर रोक—अग्निशमन उपकरण, पर्याप्त रोशनी और अलग प्रवेश-निकास की व्यवस्था जरूरी : डीसी मृदुल यादव ने सभी विभागों से सात दिनों में मांगी कार्ययोजना—शांति, सुरक्षा और अनुशासन के साथ उत्सव मनाने की अपील
शहर के प्रमुख स्थानों पर लगेंगे ‘नो एंट्री’ बोर्ड—यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस, परिवहन और आबकारी विभाग चलाएंगे संयुक्त अभियान : प्रतिमा विसर्जन दिन के उजाले में पूरा करने के निर्देश—स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल और प्लास्टिक मुक्त पूजा आयोजन को मिलेगा प्रोत्साहन

शिवसागर, 24 सितंबर : आगामी शारदीय दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए शिवसागर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को जिला आयुक्त मृदुल यादव की अध्यक्षता में जिला आयुक्त कार्यालय के सुकाफा सभाकक्ष में जिले की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें पूजा पंडालों की सुरक्षा, यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, रोशनी, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता, ध्वनि प्रदूषण और प्रतिमा विसर्जन सहित तमाम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

‘सेवा सेतु’ पोर्टल से लेनी होगी अनुमति
बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी पूजा समितियों को आयोजन से पहले आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। समितियों को समय रहते ऑनलाइन माध्यम से असम पुलिस के ‘सेवा सेतु’ पोर्टल तथा अन्य संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने समितियों से सभी अनुमतियां समय पर लेने को कहा है, ताकि पूजा के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।

हर पूजा पंडाल में CCTV अनिवार्य
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक पूजा पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। पंडाल और उसके आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। किसी संभावित अग्निकांड से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण भी रखने होंगे।
पूजा पंडालों में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था करने को कहा गया है। वरिष्ठ नागरिकों और विशेष रूप से सक्षम श्रद्धालुओं की सहायता के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती पर भी जोर दिया गया।

रात 10 बजे के बाद तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर रोक
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक उच्च तीव्रता वाले ध्वनि यंत्रों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। पूजा समितियों से निर्धारित नियमों के अनुरूप ही साउंड सिस्टम का उपयोग करने को कहा गया है।
इसके साथ ही जहां तक संभव हो, पूजा पंडालों और देवी प्रतिमाओं के निर्माण में पर्यावरण अनुकूल और अग्निरोधी सामग्री का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। पंडाल परिसर में पर्याप्त डस्टबिन रखने और प्रतिदिन नियमित रूप से कचरा हटाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।

शहर के प्रमुख स्थानों पर लगेंगे ‘नो एंट्री’ बोर्ड
दुर्गा पूजा के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए कई महत्वपूर्ण स्थानों पर ‘नो एंट्री’ बोर्ड लगाए जाएंगे। इनमें असम राज्य परिवहन निगम बस स्टैंड, मुक्तिनाथ चाराली, बाबूपट्टी, पानीटंकी, गायन गांव, रेड क्रॉस रोड और नाट्य मंदिर के सामने सहित अन्य चिन्हित स्थान शामिल हैं।
जिला परिवहन विभाग को प्रमुख स्थानों पर सड़क सुरक्षा और यातायात संबंधी दिशा-निर्देश प्रदर्शित करने को कहा गया है, ताकि श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को यातायात व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर संयुक्त कार्रवाई
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, परिवहन और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से अभियान तेज करेंगे। यातायात एवं सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी विभाग को पूजा पंडालों के आसपास शराब की बिक्री और सेवन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा कि पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभाग सतर्क रहेंगे।

पंडालों में प्रदर्शित करने होंगे आपातकालीन नंबर
प्रत्येक पूजा पंडाल में पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष, एपीडीसीएल, नागरिक सुरक्षा और सिविल अस्पताल सहित प्रमुख आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबर प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने होंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालु और स्वयंसेवक तुरंत संबंधित विभाग से संपर्क कर सकें।
लोगों और पूजा समितियों से कहा गया कि किसी स्थान पर लावारिस बैग, संदिग्ध व्यक्ति अथवा संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दें।

स्वयंसेवकों का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा
प्रत्येक पूजा समिति को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने होंगे। उनके नाम, पता और संपर्क नंबर सहित पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज करना होगा और उन्हें पहचान पत्र उपलब्ध कराना होगा। स्वयंसेवकों के फोटो एवं अन्य आवश्यक विवरण संबंधित पुलिस चौकी या थाने में पहले ही जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोजन से पहले स्वयंसेवकों को उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने और रात के समय भी पंडालों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है।

दिन के उजाले में पूरा करना होगा प्रतिमा विसर्जन
जिला आयुक्त मृदुल यादव ने प्रतिमा विसर्जन के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा। पूजा समितियों को निर्देश दिया गया कि प्रतिमाओं को निर्धारित समय के भीतर विसर्जन घाट तक पहुंचाया जाए और विसर्जन की पूरी प्रक्रिया दिन के उजाले में ही संपन्न की जाए।
विसर्जन के दौरान सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा पुलिस और प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने क्रमबद्ध तरीके से प्रतिमा विसर्जन कराने की व्यवस्था करने के साथ जिला प्रशासन की ओर से विसर्जन के लिए नाव उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया।
स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त पूजा को मिलेगा प्रोत्साहन
डीसी ने नगर निकायों के कार्यकारी अधिकारियों को पूजा समितियों के बीच स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल और प्लास्टिक मुक्त दुर्गा पूजा आयोजन को लेकर प्रतियोगिता आयोजित करने को कहा। इसके माध्यम से उत्सव के दौरान स्वच्छता, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सात दिनों में कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश
जिला आयुक्त मृदुल यादव ने सभी संबंधित विभागों को दुर्गा पूजा को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सात दिनों के भीतर जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
उन्होंने पूजा समितियों, संबंधित विभागों और आम नागरिकों से जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और आपसी सहयोग के साथ दुर्गा पूजा को सुरक्षित, अनुशासित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की अपील की।
बैठक में विभिन्न विभागों और पूजा समितियों की भागीदारी
बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला आयुक्त गौरीप्रिया देउरी ने पिछले वर्ष दुर्गा पूजा आयोजन को लेकर हुई बैठक की कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में एडीसी मीनाक्षी पेर्मे, एएसपी मोइदुल इस्लाम और ऋषभ हंस, निर्वाचन अधिकारी गणेश चंद्र बोड़ो, शिवसागर राजस्व सर्किल की सर्किल अधिकारी मित्राबृंदा गोगोई, शिवसागर और आमगुड़ी नगर निकायों के कार्यकारी अधिकारी तथा पुलिस समेत विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पूजा समितियों की ओर से कोऑर्डिनेटर सौरभ भागवती, मारवाड़ी पट्टी की श्री नवयुवक दुर्गोत्सव समिति के उपाध्यक्ष संदीप छावछरिया एवं सचिव सुशील अग्रवाल, स्टेशन चाराली की श्री रंगपुर सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के सचिव अंकित डालमिया, शिवसागर सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के किशोर कुमार लाहोरी, नवज्योति दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं सचिव हरिप्रसाद अग्रवाल, एएसटीसी के प्रीतम बरुवा, देवी दौल से रातू कुमार दास और हिंदू धर्मसभा नामघर से अरविंद बरुआ सहित विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
शिवसागर शहर में 19, पूरे सर्किल में 33 पूजा मंडप
उल्लेखनीय है कि शिवसागर शहर क्षेत्र में कुल 19 दुर्गा पूजा मंडप हैं। वहीं शिवसागर सर्किल के अंतर्गत शिवसागर शहर के अलावा दिसांगमुख, दिखौमुख, बेतबारी, जयसागर और कालूगांव समेत विभिन्न क्षेत्रों को मिलाकर कुल 33 पूजा मंडप हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगामी दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन, पुलिस, संबंधित विभागों और पूजा समितियों के समन्वय से उत्सव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है।




