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मातृशक्ति के सम्मान से संस्कारों की ज्योति प्रज्वलित, विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ गुवाहाटी ने दो और वरिष्ठ माताओं का किया आत्मीय अभिनंदन : ‘वरिष्ठ मातृशक्ति सम्मान’ श्रृंखला में मैना शर्मा और सुलोचना पारीक सम्मानित—तुलसी का पौधा और दुपट्टा भेंट कर लिया आशीर्वाद : सम्मान का कारवां पहुंचा 26 वरिष्ठ माताओं तक—गायत्री पारीक और किरण पारीक का भी विप्र दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन : अध्यक्षा विनीता रिणवा की माताओं को समर्पित स्वरचित कविता ने बनाया माहौल भावपूर्ण—ममता, त्याग और संस्कारों को किया नमन

भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और पीढ़ियों के बीच आत्मीयता को मजबूत करने की पहल—सम्मान श्रृंखला निरंतर जारी रखने का संकल्प

गुवाहाटी, 24 सितंबर : मातृशक्ति के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता की भावना को सामाजिक संस्कार के रूप में आगे बढ़ाते हुए विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ, गुवाहाटी ने अपनी विशेष ‘वरिष्ठ मातृशक्ति सम्मान’ श्रृंखला के अंतर्गत दो और वरिष्ठ माताओं का अभिनंदन किया। गुरुवार, 24 सितंबर को शाम 5 बजे बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम के समीप स्थित गोकुल होम्स में आयोजित आत्मीय कार्यक्रम में मैना शर्मा और सुलोचना पारीक को सम्मानित कर उनका आशीर्वाद लिया गया।

यह आयोजन वरिष्ठ माताओं के प्रति केवल औपचारिक सम्मान व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से भारतीय परिवार व्यवस्था में माताओं की भूमिका, उनके जीवनानुभव, त्याग, ममता और पीढ़ियों तक संस्कार पहुंचाने में उनके योगदान को रेखांकित किया गया। महिला प्रकोष्ठ ने इस अवसर को समाज में वरिष्ठ पीढ़ी के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करने तथा नई पीढ़ी को पारिवारिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के संदेश के रूप में प्रस्तुत किया।

मैना शर्मा और सुलोचना पारीक का आत्मीय अभिनंदन

कार्यक्रम के दौरान मैना शर्मा और सुलोचना पारीक को महिला प्रकोष्ठ की ओर से दुपट्टा पहनाकर तथा तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित बहनों ने दोनों वरिष्ठ माताओं का आशीर्वाद प्राप्त किया और परिवार एवं समाज को उनके द्वारा दिए गए संस्कारों तथा स्नेह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

सम्मान समारोह का वातावरण आत्मीय और पारिवारिक रहा। वरिष्ठ माताओं के साथ संवाद के दौरान उनके जीवनानुभव और परिवार के प्रति योगदान को स्मरण किया गया। महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने इस अवसर पर यह भावना व्यक्त की कि जिन माताओं ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा परिवार को संवारने और नई पीढ़ियों को संस्कार देने में समर्पित किया, उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना समाज का नैतिक एवं सांस्कृतिक दायित्व है।

तुलसी के पौधे के साथ संस्कार और सम्मान का संदेश

वरिष्ठ माताओं को सम्मान स्वरूप तुलसी का पौधा भेंट करने के पीछे विशेष सांस्कृतिक भावना रही। भारतीय पारिवारिक परंपरा में तुलसी को पवित्रता और शुभता से जोड़कर देखा जाता है। इसी भाव को ध्यान में रखते हुए महिला प्रकोष्ठ ने सम्मान को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया।

आयोजकों की भावना रही कि जिस प्रकार परिवार में तुलसी को सहेजकर रखा जाता है, उसी प्रकार वरिष्ठ पीढ़ी से प्राप्त संस्कारों और जीवन मूल्यों को भी सहेजकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।

अब तक 26 वरिष्ठ माताओं तक पहुंची सम्मान श्रृंखला

विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ की ‘वरिष्ठ मातृशक्ति सम्मान’ श्रृंखला लगातार विस्तार ले रही है। इस कार्यक्रम से पहले श्रृंखला के अंतर्गत 24 वरिष्ठ माताओं का अभिनंदन किया जा चुका था। मैना शर्मा और सुलोचना पारीक के सम्मान के साथ सम्मानित वरिष्ठ माताओं की संख्या अब 26 हो गई है।

महिला प्रकोष्ठ का प्रयास है कि सम्मान का यह क्रम किसी एक कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि समाज की अधिकाधिक वरिष्ठ माताओं तक पहुंचे। संगठन इसे वरिष्ठ माताओं के प्रति आदर, स्नेह और कृतज्ञता की एक निरंतर सामाजिक परंपरा के रूप में आगे बढ़ा रहा है।

गायत्री पारीक और किरण पारीक का भी अभिनंदन

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित दो अन्य वरिष्ठ माताओं गायत्री पारीक और किरण पारीक के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया गया। महिला प्रकोष्ठ की ओर से दोनों को विप्र दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया गया।

इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मातृशक्ति का सम्मान किसी निर्धारित सूची या औपचारिक अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज की प्रत्येक वरिष्ठ माता के प्रति आदर और अपनत्व दैनिक सामाजिक संस्कार का हिस्सा बनना चाहिए।

विनीता रिणवा की स्वरचित कविता ने छुआ दिल

कार्यक्रम का एक विशेष एवं भावपूर्ण क्षण उस समय आया, जब विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा विनीता रिणवा ने माताओं को समर्पित अपनी स्वरचित कविता का पाठ किया।

मां के स्नेह, ममता, त्याग, संघर्ष और परिवार के प्रति समर्पण की भावनाओं को समेटे कविता ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर किया। कविता के माध्यम से मातृत्व के उस स्वरूप को नमन किया गया, जो जीवन के प्रत्येक पड़ाव पर परिवार के लिए शक्ति, प्रेरणा और भावनात्मक संबल बना रहता है।

वरिष्ठ माताएं परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर

कार्यक्रम का प्रमुख संदेश रहा कि वरिष्ठ माताएं अपने जीवनानुभव, स्नेह, आशीर्वाद और संस्कारों के कारण परिवार एवं समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव नई पीढ़ी को जीवन की विभिन्न परिस्थितियों को समझने में मार्गदर्शन देते हैं, जबकि उनका स्नेह परिवार के सदस्यों को भावनात्मक रूप से एक-दूसरे से जोड़ता है।

बदलते सामाजिक परिवेश और आधुनिक जीवनशैली के बीच वरिष्ठ पीढ़ी के साथ संवाद, आत्मीयता और सम्मान बनाए रखने की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। महिला प्रकोष्ठ की यह पहल इसी सामाजिक भावना को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को जीवंत रखने की पहल

‘वरिष्ठ मातृशक्ति सम्मान’ श्रृंखला का उद्देश्य वरिष्ठ माताओं का अभिनंदन करने के साथ भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे संस्कारों को जीवंत बनाए रखना भी है।

जिन माताओं ने वर्षों तक परिवार को संवारने, बच्चों को संस्कार देने और सामाजिक रिश्तों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनके योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित करना नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बन सकता है।

इसी कारण महिला प्रकोष्ठ इस सम्मान श्रृंखला को सामाजिक उत्तरदायित्व की एक परंपरा के रूप में आगे बढ़ा रहा है।

पीढ़ियों के बीच स्नेह और संस्कारों का सेतु

तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच अलग-अलग पीढ़ियों में संवाद और आत्मीयता बनाए रखना एक महत्वपूर्ण सामाजिक आवश्यकता है। ‘वरिष्ठ मातृशक्ति सम्मान’ के माध्यम से महिला प्रकोष्ठ वरिष्ठ और युवा पीढ़ी के बीच स्नेह, सम्मान और संस्कारों का सेतु बनाने की दिशा में प्रयास कर रहा है।

वरिष्ठ पीढ़ी केवल अतीत की स्मृतियों की संवाहक नहीं, बल्कि अपने अनुभवों के माध्यम से वर्तमान के लिए मार्गदर्शक और आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कारों की महत्वपूर्ण कड़ी भी है। उनका जीवन अनुभव परिवारों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सेवा, संवेदना और संस्कार का संगम

कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा विनीता रिणवा, संगठन मंत्री रजनी शर्मा और मंत्री जया पारीक के साथ पुष्पा पारीक, सुमन पारीक एवं उषा पारीक उपस्थित रहीं। सभी ने सम्मानित माताओं से आशीर्वाद लिया और उनके प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की।

पूरे आयोजन में सेवा, संवेदना और संस्कार की भावना प्रमुख रही। वरिष्ठ माताओं के साथ बिताए गए आत्मीय क्षण महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों के लिए उनके अनुभवों और आशीर्वाद से जुड़ने का अवसर भी बने।

सम्मान श्रृंखला को निरंतर जारी रखने का संकल्प

महिला प्रकोष्ठ की बहनों ने कार्यक्रम के दौरान ‘वरिष्ठ मातृशक्ति सम्मान’ श्रृंखला को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उनका उद्देश्य अधिकाधिक वरिष्ठ माताओं तक पहुंचकर उन्हें सम्मान, अपनत्व और स्नेह का अनुभव कराना है।

अब तक 26 वरिष्ठ माताओं तक पहुंच चुकी यह सम्मान श्रृंखला आने वाले समय में और विस्तार लेगी। इसके माध्यम से विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ समाज में यह संदेश मजबूत करना चाहता है कि वरिष्ठों के प्रति सम्मान केवल परंपरा नहीं, बल्कि परिवार और समाज की संवेदनशीलता, संस्कार और कृतज्ञता की पहचान है।

मातृशक्ति का सम्मान यानी संस्कारों का सम्मान

गोकुल होम्स में आयोजित कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मातृशक्ति का सम्मान वास्तव में उन संस्कारों और जीवन मूल्यों का सम्मान है, जिनकी नींव पर परिवार और समाज खड़े होते हैं। मां का स्नेह पीढ़ियों को जोड़ता है, उनका अनुभव जीवन को दिशा देता है और उनका आशीर्वाद परिवार के लिए भावनात्मक शक्ति का स्रोत बनता है।

विप्र फाउंडेशन महिला प्रकोष्ठ, गुवाहाटी की यह पहल इसी भावना को आगे बढ़ाती है कि सेवा, संवेदना, सम्मान और संस्कारों की ज्योति तभी पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रज्वलित रह सकती है, जब समाज अपनी वरिष्ठ माताओं के योगदान को सहेजे और उन्हें वह सम्मान एवं आत्मीयता प्रदान करे जिसकी वे अधिकारी हैं।

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