पितृ पक्ष में सर्व समाज के कल्याणार्थ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ, 251 यजमानों के संकल्प के साथ होगा सात दिवसीय दिव्य आयोजन : पूर्वजों की आत्मशांति, मोक्ष और पितृ आशीर्वाद की कामना से 4 से 10 अक्टूबर तक पदुमनी के श्री गीता गौशाला महातीर्थ में गूंजेगी भागवत कथा : कोलकाता के परम पूज्य श्री जय प्रकाश जी व्यास करेंगे कथा व्यास : प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक होगा कथा-अमृत का रसपान
अपने पितरों के निमित्त व्यक्तिगत कथा-पाठ नहीं करा पाने वाले श्रद्धालुओं को सामूहिक संकल्प से जोड़ने की विशेष पहल : प्रति यजमान संकल्प राशि निर्धारित : नंदी बाबा गौ माता परिवार, सर्व सनातन समाज एवं समस्त गौ भक्तों ने धर्मप्रेमी बंधुओं से की सहभागिता की अपील

जोरहाट, 10 सितंबर : पितृ पक्ष के पावन अवसर पर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने, उनकी आत्मशांति एवं मोक्ष की कामना के साथ-साथ सर्व समाज के कल्याण के उद्देश्य से जोरहाट के ग्राम पदुमनी स्थित श्री गीता गौशाला महातीर्थ में सात दिवसीय ‘श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ’ का दिव्य आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक आयोजन 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन में कुल 251 यजमानों के संकल्प का लक्ष्य रखा गया है और प्रत्येक यजमान के लिए संकल्प राशि 2,500 रुपये निर्धारित की गई है।
आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक कथा-श्रवण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण के भाव को सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान से जोड़ने का प्रयास होगा। सनातन परंपरा में पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण, श्राद्ध और उनके निमित्त धार्मिक कर्म करने का विशेष काल माना जाता है।
पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मशांति और सर्व समाज के कल्याण का संकल्प
आयोजन समिति की ओर से जारी पावन निमंत्रण में कहा गया है कि परम पूज्य गौ माता एवं भगवान श्रीकृष्ण की असीम कृपा से पितृ पक्ष के इस पावन अवसर पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति, मोक्ष तथा सर्व समाज के कल्याण की भावना से इस अलौकिक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के पीछे विशेष भावना यह है कि वर्तमान समय में अनेक लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या, परिस्थितियों अथवा संसाधनों के अभाव के कारण अपने पितरों के निमित्त अलग से कथा-पाठ या धार्मिक आयोजन नहीं करा पाते। ऐसे श्रद्धालु भी सामूहिक संकल्प के माध्यम से इस धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ सकें और अपने पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना से सहभागी बनें, इसी सर्व-कल्याणकारी उद्देश्य को लेकर महायज्ञ की रूपरेखा तैयार की गई है।
251 यजमानों का होगा मुख्य संकल्प, राशि मात्र 2,500 रुपये
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में कुल 251 यजमानों को संकल्प से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रति यजमान संकल्प राशि 2,500 रुपये (पच्चीस सौ रुपये) रखी गई है।
आयोजकों ने धर्मप्रेमी परिवारों से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार और पितरों के निमित्त इस सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बनें। आयोजन का मूल भाव व्यक्तिगत आयोजन की अपेक्षा सामूहिक आध्यात्मिक सहभागिता के माध्यम से अधिक से अधिक सनातनी परिवारों को पितृ स्मरण और भागवत कथा से जोड़ना है।
परम पूज्य श्री जय प्रकाश जी व्यास के श्रीमुख से होगा कथा-अमृत का रसपान
सात दिवसीय धार्मिक आयोजन में कोलकाता के परम पूज्य श्री जय प्रकाश जी व्यास कथा व्यास के रूप में श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे। कार्यक्रम 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन आयोजित होगा।
कथा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भागवत के आध्यात्मिक संदेश और भक्ति से जुड़े प्रसंगों का श्रवण कर सकेंगे। आयोजन स्थल श्री गीता गौशाला महातीर्थ, ग्राम-पदुमनी, जोरहाट (असम) रहेगा।
पितरों के प्रति कृतज्ञता और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास
पितृ पक्ष सनातन परंपरा में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने से जुड़ा काल है। धार्मिक मान्यताओं में श्राद्ध आदि कर्मों को ‘पितृ ऋण’ के निर्वहन से भी जोड़ा गया है। इसी भावना को व्यापक रूप देते हुए आयोजकों ने श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ को सर्व समाज के कल्याण के संकल्प से जोड़ा है।
आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को भी परिवार, पूर्वजों, गौ सेवा, सनातन संस्कार और धार्मिक परंपराओं के महत्व से परिचित कराने का संदेश दिया जा रहा है। कथा के सात दिनों में श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में कथा-श्रवण का अवसर मिलेगा।
धर्मप्रेमी बंधुओं से सपरिवार कथा-अमृत का पान करने का आह्वान
नंदी बाबा गौ माता परिवार, सर्व सनातन समाज एवं समस्त गौ भक्त, ग्राम-पदुमनी, जोरहाट (असम) की ओर से सभी सनातनी धर्मप्रेमी बंधुओं और श्रद्धालुओं को इस आयोजन में सपरिवार शामिल होने का सादर निमंत्रण दिया गया है।
आयोजकों ने कहा है कि श्रद्धालु सात दिवसीय कथा में पहुंचकर कथा-अमृत का पान करें और पुण्य के भागी बनें। कार्यक्रम का संदेश “जय गोपाल! जय श्रीकृष्ण! जय श्रीराम! जय श्रीश्याम!” के जयघोष के साथ जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
संकल्प एवं जानकारी के लिए संपर्क सूत्र
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में यजमान के रूप में संकल्प लेने अथवा आयोजन से संबंधित अन्य जानकारी के लिए श्री राजू पारीक – 94350 50905 से संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त 70024 67084, 94350 51366, 86385 42875, 86387 00684, 94350 90285 और 94350 52620 नंबर भी जारी किए गए हैं।
आयोजकों का कहना है कि पितृ पक्ष में आयोजित यह सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ श्रद्धा, भक्ति, पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और सर्व समाज के कल्याण की भावना का संगम बनेगा। 4 से 10 अक्टूबर तक श्री गीता गौशाला महातीर्थ में होने वाले इस आयोजन में 251 यजमानों के सामूहिक संकल्प के साथ पितरों की स्मृति में भागवत कथा का पुण्य प्रवाह होगा।




