दिखौ नदी के तटबंध पर भीषण कटाव से नाजिरा पर मंडराया बड़ा खतरा : अमोलापट्टी में सुरक्षा की मांग को लेकर लोगों ने रोकी वाहनों की आवाजाही : जलस्तर खतरे के निशान से 1.55 मीटर ऊपर : मूसलाधार बारिश से शिवसागर जिले की अधिकांश नदियां उफान पर : प्रशासन से तत्काल आपातकालीन कटावरोधी कार्य शुरू करने की मांग

शिवसागर, 19 जुलाई : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और दिखौ नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने शिवसागर जिले के नाजिरा क्षेत्र में गंभीर संकट उत्पन्न कर दिया है। नाजिरा नगर के वार्ड संख्या-7 अंतर्गत अमोलापट्टी क्षेत्र में नदी के तटबंध पर कई स्थानों पर भीषण कटाव होने से स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। नदी की उफनती धारा तटबंध के बड़े-बड़े हिस्सों को लगातार अपने साथ बहा रही है, जिससे नाजिरा शहर और आसपास के आवासीय इलाकों पर बाढ़ का बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
नाजिरा ऐतिहासिक रूप से दिखौ नदी के किनारे बसा नगर है और नदी के तटबंध की सुरक्षा शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। शिवसागर जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी भी नाजिरा को दिखौ नदी के तट पर स्थित बताती है।

अमोलापट्टी में लगातार दरक रहा तटबंध
स्थानीय निवासियों के अनुसार अमोलापट्टी में तटबंध का एक हिस्सा तेजी से कमजोर होता जा रहा है। बारिश और नदी की तेज धारा के कारण मिट्टी लगातार खिसक रही है तथा तटबंध के हिस्से नदी में समा रहे हैं। कटाव आवासीय क्षेत्र के निकट पहुंचने से लोगों को आशंका है कि तटबंध का कमजोर हिस्सा किसी भी समय टूट सकता है।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि तटबंध में बड़ी दरार पड़ती है या उसका कोई हिस्सा पूरी तरह टूट जाता है, तो नदी का पानी सीधे नाजिरा नगर के निचले इलाकों में प्रवेश कर सकता है। इससे घरों, सड़कों, सार्वजनिक संपत्ति और अन्य आधारभूत संरचनाओं को व्यापक नुकसान होने की आशंका है।
खतरे के निशान से 1.55 मीटर ऊपर पहुंची दिखौ नदी
शिवसागर जल संसाधन नियंत्रण कक्ष द्वारा 19 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे जारी जलस्तर विवरण के अनुसार नाजिरा में दिखौ नदी का जलस्तर 98.01 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां खतरे का स्तर 96.46 मीटर है। इस प्रकार नदी खतरे के निशान से लगभग 1.55 मीटर ऊपर बह रही थी और जलस्तर लगातार बढ़ रहा था।
दिखौ नदी का जलस्तर ए.टी. रोड क्रॉसिंग पर भी खतरे के निशान से 0.75 मीटर ऊपर था। यहां जलस्तर 94.05 मीटर और खतरे का स्तर 93.30 मीटर दर्ज किया गया। गुवालगांव में जलस्तर 89.66 मीटर था, जो निर्धारित खतरे के स्तर के बराबर पहुंच चुका था।
ये आंकड़े नाजिरा और दिखौ नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में उत्पन्न खतरे की गंभीरता को स्पष्ट करते हैं।

लोगों ने बंद कराया तटबंध से गुजरने वाला मार्ग
प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज स्थानीय निवासियों ने रविवार सुबह तटबंध से होकर गुजरने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। लोगों का कहना है कि भारी वाहनों और लगातार यातायात के दबाव से पहले से कमजोर तटबंध को और नुकसान हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी असुविधा उत्पन्न करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि संभावित आपदा को रोकने और प्रशासन का ध्यान गंभीर स्थिति की ओर आकर्षित करने के लिए उठाया गया है। उनका कहना है कि तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही जोखिमपूर्ण बनी रहेगी।
बार-बार सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप
अमोलापट्टी के निवासियों का आरोप है कि उन्होंने तटबंध पर हो रहे कटाव के संबंध में कई बार संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी। लोगों ने कटाव वाले हिस्से में तत्काल पत्थर, जियो बैग, बांस-बल्लियों तथा अन्य सुरक्षात्मक सामग्रियों का उपयोग कर आपातकालीन कार्य शुरू करने की मांग भी की थी।
इसके बावजूद कथित तौर पर अब तक कोई प्रभावी और स्थायी कटावरोधी व्यवस्था नहीं की गई। लोगों का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण कटाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता गया और अब स्थिति खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। प्रशासन अथवा जल संसाधन विभाग की विस्तृत प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हो सकी थी।
मूसलाधार बारिश से बढ़ा तटबंध टूटने का खतरा
रविवार रात से जारी बारिश के कारण दिखौ नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई। नदी की तेज धारा लगातार तटबंध के आधार को काट रही है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि बारिश जारी रहने पर मिट्टी अधिक कमजोर हो सकती है और कटाव की गति और तेज हो जाएगी।
शिवसागर जिले में जून 2026 के दौरान भी दिखौ और दिसांग नदियों के उफान के बाद प्रभावित इलाकों का जिला प्रशासन ने निरीक्षण किया था और जलस्तर की निगरानी तथा राहत तैयारियों की बात कही गई थी। इससे स्पष्ट है कि वर्तमान मानसून में जिले की नदी प्रणालियां पहले से दबाव में रही हैं।

शिवसागर की कई नदियां खतरे के निशान के पार
जल संसाधन नियंत्रण कक्ष के शाम 4 बजे के आंकड़ों के अनुसार जिले की लगभग सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ रहा था। इनमें कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान को पार कर चुका था—
दिहिंगमुख में दिहिंग नदी का जलस्तर 97.95 मीटर, खतरे का स्तर 97.63 मीटर—लगभग 0.32 मीटर ऊपर।
नाजिरा में दिखौ नदी का जलस्तर 98.01 मीटर, खतरे का स्तर 96.46 मीटर—लगभग 1.55 मीटर ऊपर।
ए.टी. रोड क्रॉसिंग पर दिखौ नदी का जलस्तर 94.05 मीटर, खतरे का स्तर 93.30 मीटर—लगभग 0.75 मीटर ऊपर।
गुवालगांव में दिखौ नदी का जलस्तर और खतरे का स्तर दोनों 89.66 मीटर।
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रॉसिंग पर झांजी नदी का जलस्तर 94.43 मीटर, खतरे का स्तर 93.83 मीटर—लगभग 0.60 मीटर ऊपर।
वहीं दिसांगमुख में ब्रह्मपुत्र, जूनगांव में दिहिंग, नांगलामारा और ए.टी. रोड क्रॉसिंग पर दिसांग तथा धाई अली में दरिका नदी भी लगातार बढ़ रही थीं और कई स्थानों पर खतरे के स्तर के बेहद करीब पहुंच चुकी थीं।
तत्काल कटावरोधी कार्य और आपदा तैयारी की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से मांग की है कि अमोलापट्टी में तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भेजकर तटबंध की स्थिति का तत्काल आकलन कराया जाए। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर आपातकालीन कटावरोधी सामग्री डालने, कमजोर हिस्सों को मजबूत करने और रात के समय निगरानी की व्यवस्था करने की अपील की गई है।
लोगों ने संभावित तटबंध टूटने की स्थिति को देखते हुए राहत शिविर, नाव, बचाव दल, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक खाद्य सामग्री तैयार रखने की भी मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो नाजिरा को भारी जन-धन की क्षति का सामना करना पड़ सकता है।
आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से संपर्क की अपील
लगातार बारिश से जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ने और विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावित होने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी समस्या अथवा आपात स्थिति में लोगों को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से तत्काल संपर्क करने को कहा गया है।
आपातकालीन संपर्क नंबर :
03772-223397
84718-64355
प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और कमजोर तटबंधों के पास अनावश्यक रूप से नहीं जाने, बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।




