शिवसागर में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ, ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के साथ जनभागीदारी पर जोर : जिला आयुक्त मृदुल यादव ने किया जिला स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन; 11 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलेंगी पोषण एवं स्वास्थ्य केंद्रित गतिविधियां : गर्भवती एवं प्रसूता माताओं के पोषण से लेकर बच्चों के स्वास्थ्य-विकास तक विशेष फोकस
पोषण ट्रैकर, नियमित गृह भ्रमण और बाढ़ के दौरान उल्लेखनीय सेवा के लिए छह आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को श्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार

शिवसागर, 11 सितंबर : मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संतुलित पोषण और कुपोषण के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शिवसागर जिले में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। जिला आयुक्त कार्यालय के सुकाफा सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण अभियान और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन जिला आयुक्त मृदुल यादव ने किया।
इस वर्ष पोषण माह 11 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिलेभर में मातृ एवं शिशु पोषण, स्वास्थ्य, कुपोषण की पहचान और रोकथाम, सामुदायिक जागरूकता तथा आंगनवाड़ी केंद्रों की सक्रिय भागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रहेगा अभियान का मूल संदेश
इस वर्ष पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। इसी संदेश के अनुरूप अभियान में आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल सरकारी सेवा केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी और मातृ-शिशु पोषण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
जिला आयुक्त मृदुल यादव ने आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण से संबंधित विशेष और नवाचार आधारित गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक जनभागीदारी के साथ जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
गर्भवती और प्रसूता माताओं के पोषण पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला आयुक्त ने गर्भवती एवं प्रसूता माताओं के पोषण और स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही बच्चों को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराने तथा उनके स्वास्थ्य और समुचित विकास को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए पोषण संबंधी गतिविधियों का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचना जरूरी है। परिवार और समुदाय की भागीदारी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान के निर्देश
जिला आयुक्त ने विशेष रूप से गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसे बच्चों की पहचान के बाद उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सहित संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय को भी आवश्यक बताया, ताकि कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

‘स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चा ही सशक्त राष्ट्र की नींव’
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला आयुक्त गौरीप्रिया देउरी ने मातृ एवं शिशु पोषण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चा ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव हैं।
उन्होंने कहा कि पोषण से जुड़ी जिम्मेदारी केवल पोषण माह के आयोजन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। माताओं और बच्चों के पोषण तथा स्वास्थ्य में सुधार के लिए की जाने वाली गतिविधियां पूरे वर्ष नियमित और निरंतर जारी रहनी चाहिए।

पोषण माह की गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रीतिशा कलिता ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राष्ट्रीय पोषण माह के उद्देश्यों, प्राथमिकताओं और प्रस्तावित गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रस्तुतिकरण में अभियान के दौरान जमीनी स्तर पर संचालित होने वाली गतिविधियों और मातृ-शिशु पोषण को लेकर सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने की रणनीति पर जानकारी साझा की गई।

छह आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को श्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान रहा। जिले के छह ICDS परियोजना क्षेत्रों की छह आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार प्रदान किया गया।
इन कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग, नियमित गृह भ्रमण और हाल की बाढ़ के दौरान उल्लेखनीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया। बाढ़ जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में समुदाय तक सेवाएं पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा निभाई गई भूमिका की भी सराहना की गई।

विभिन्न विभागों और संस्थाओं की रही भागीदारी
जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में संयुक्त स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. अरुंधति हजारिका बोरा सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, खाद्य सुरक्षा विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और PM पोषण से जुड़े अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा Save the Children, पोषण पुनर्वास केंद्र, जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र तथा ICDS और पोषण अभियान से जुड़े अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। विभिन्न विभागों और संस्थाओं की भागीदारी के माध्यम से मातृ एवं शिशु पोषण के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।
PM मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के प्रभावी क्रियान्वयन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के साथ लंबे समय से लंबित पुराने फॉर्मों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके लिए सेवाएं आंगनवाड़ी केंद्रों से लेकर संबंधित ICDS परियोजना के सर्किल स्तर तक उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पात्र लाभार्थियों को पंजीकरण एवं लंबित आवेदनों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिल सके।

पोषण को परिवार और समुदाय की साझा जिम्मेदारी बनाने का लक्ष्य
नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के जरिए शिवसागर जिला प्रशासन का लक्ष्य मातृ एवं शिशु पोषण को केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी तक सीमित रखने के बजाय परिवार, आंगनवाड़ी, प्रशासन और पूरे समुदाय की साझा जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है।
11 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में जनभागीदारी, विभागीय समन्वय, गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, गर्भवती एवं प्रसूता माताओं की पोषण देखभाल, आंगनवाड़ी केंद्रों की सक्रिय भूमिका और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ जिले में पोषण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में यह अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।




