नाजिरा के गेलेकी में दैखना नदी का कहर : नव-निर्मित तटबंध टूटा, 20 से अधिक गांव भीषण बाढ़ की चपेट में : सड़क संपर्क पूरी तरह ठप : घरों और मवेशियों को भारी नुकसान : राहत एवं बचाव कार्य तेज करने की उठी मांग

शिवसागर, 19 जुलाई : ऊपरी असम के शिवसागर जिले के नाजिरा सह-जिला अंतर्गत गेलेकी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच दैखना नदी के उफान ने व्यापक तबाही मचा दी है। रविवार सुबह नदी के तेज बहाव से हाल ही में निर्मित एक तटबंध (मथौरी) का हिस्सा टूट गया, जिसके बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के गांवों में फैल गया। देखते ही देखते 20 से अधिक गांव जलमग्न हो गए और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

नव-निर्मित तटबंध टूटते ही गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार सुबह दैखना नदी का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। तेज बहाव के दबाव को तटबंध झेल नहीं सका और उसका एक बड़ा हिस्सा टूट गया। इसके बाद नदी का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ा और कुछ ही समय में कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। इस घटना ने क्षेत्र में हाल ही में किए गए तटबंध निर्माण की गुणवत्ता और बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
20 से अधिक गांव प्रभावित, सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
बाढ़ से लाहन गांव, मोरान गांव, चराइसजिया, शिंगिबिल सहित गेलेकी क्षेत्र के 20 से अधिक गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। अनेक गांवों में पानी घरों के आंगन से लेकर कमरों तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकलने में असमर्थ हैं और पूरे क्षेत्र का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

सड़क संपर्क पूरी तरह ठप, आवश्यक सेवाओं तक पहुंचना हुआ मुश्किल
बाढ़ के कारण प्रभावित गांवों को जोड़ने वाले कई सड़क मार्ग जलमग्न हो गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। सड़क संपर्क टूट जाने से लोगों को खाद्य सामग्री, पीने का पानी, दवाइयों, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार अपने घरों में ही फंसे हुए हैं और सहायता का इंतजार कर रहे हैं।

घर क्षतिग्रस्त, मवेशी बहने से ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान
ग्रामीणों ने बताया कि तेज बहाव के कारण कई पालतू पशु बाढ़ के पानी में बह गए, जबकि अनेक घरों के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए या पानी के साथ बह गए। खेतों, घरेलू सामान और पशुधन को हुए नुकसान से प्रभावित परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। पूरे क्षेत्र में भय, चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

राहत एवं बचाव अभियान तेज करने की मांग
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने की मांग की है। लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शीघ्र निकासी, खाद्य सामग्री एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने, चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने तथा टूटे हुए तटबंध की तत्काल मरम्मत कराने की अपील की है।
बारिश जारी रही तो और बिगड़ सकते हैं हालात
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लगातार बारिश होती रही और दैखना नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो बाढ़ की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आसपास के अन्य गांव भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों के लोग राहत एवं बचाव कार्यों के शीघ्र शुरू होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।




