बाढ़ राहत से वंचित 14 हजार से अधिक लोगों की आवाज बना आटासू, दस्तावेज प्रशासन को सौंपकर आर्थिक सहायता की उठाई मांग : 10 सितंबर के शिवसागर आंदोलन के बाद आटासू की बड़ी पहल, सरकारी आर्थिक सहायता नहीं पाने वाले बाढ़ पीड़ितों से जुटाए आवश्यक दस्तावेज : केंद्रीय अध्यक्ष बसंत गोगोई के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुंचा उपायुक्त कार्यालय, अतिरिक्त उपायुक्त मीनाक्षी पार्मे को सौंपे 14 हजार से अधिक प्रभावितों के दस्तावेज
आटासू की मांग—दस्तावेजों और दावों का निष्पक्ष मूल्यांकन कर वास्तविक बाढ़ पीड़ितों को शीघ्र उपलब्ध कराई जाए सरकारी आर्थिक सहायता

शिवसागर, 12 सितंबर : विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित होने के बावजूद सरकारी आर्थिक सहायता से वंचित रह गए हजारों लोगों को उनका पात्र लाभ दिलाने के लिए ऑल ताई आहोम स्टूडेंट्स यूनियन (आटासू) ने अब उनके मामलों को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष पहुंचाने की पहल की है। संगठन के अनुसार सरकारी आर्थिक सहायता नहीं पाने वाले 14 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावित लोगों के आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर शिवसागर जिला प्रशासन को सौंपे गए हैं, ताकि उनकी पात्रता और दावों का उचित मूल्यांकन कर राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

10 सितंबर के आंदोलन से शुरू हुई दस्तावेज जुटाने की मुहिम
आटासू के नेतृत्व में गत 10 सितंबर को शिवसागर शहर के मध्य बाढ़ प्रभावित लोगों की विभिन्न समस्याओं और सरकारी राहत से वंचित परिवारों के मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसी आंदोलन के दौरान संगठन ने ऐसे बाढ़ पीड़ितों से आगे आने की अपील की थी, जिन्हें नुकसान उठाने के बावजूद अब तक सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है।
आटासू ने सहायता से वंचित प्रभावित लोगों से अपने दावे से संबंधित आवश्यक एवं उपयुक्त दस्तावेज संगठन के पास जमा कराने का अनुरोध किया था, ताकि इन मामलों को केवल आंदोलन और मांग तक सीमित रखने के बजाय दस्तावेजी आधार पर जिला प्रशासन के सामने प्रस्तुत किया जा सके।
14 हजार से अधिक लोगों ने आटासू को सौंपे दस्तावेज
संगठन के अनुसार उसकी अपील को बाढ़ प्रभावित लोगों से व्यापक प्रतिक्रिया मिली। सरकारी आर्थिक सहायता से वंचित 14 हजार से अधिक लोगों ने अपने आवश्यक दस्तावेज आटासू के पास जमा कराए। इन दस्तावेजों को व्यवस्थित रूप से जिला प्रशासन के समक्ष रखने की जिम्मेदारी संगठन ने उठाई।
आटासू का कहना है कि बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों का सामने आना इस बात को दर्शाता है कि बाढ़ के कारण नुकसान झेलने के बाद भी अनेक लोगों के राहत संबंधी दावे अभी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। संगठन ने इन मामलों का उचित सत्यापन कर वास्तविक पात्र परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया है।

बसंत गोगोई के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुंचा उपायुक्त कार्यालय
दस्तावेज एकत्र करने के बाद आटासू का एक प्रतिनिधिमंडल शिवसागर जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचा और सभी दस्तावेजों को अतिरिक्त उपायुक्त मीनाक्षी पार्मे को औपचारिक रूप से सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आटासू के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत गोगोई ने किया। उनके साथ शिवसागर जिला समिति के अध्यक्ष अखिल आहोम, सचिव पार्थ गोगोई सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से दस्तावेजों एवं राहत संबंधी दावों की गंभीरता से जांच करने और पात्र प्रभावितों को सरकारी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
‘निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद वास्तविक पीड़ितों को मिले उनका हक’
आटासू ने उम्मीद जताई है कि शिवसागर जिला प्रशासन प्रस्तुत दस्तावेजों और संबंधित दावों का उचित, पारदर्शी एवं निष्पक्ष मूल्यांकन करेगा। संगठन चाहता है कि जांच में वास्तविक रूप से पात्र पाए जाने वाले बाढ़ प्रभावित परिवारों को बिना अनावश्यक देरी के सरकारी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
संगठन का कहना है कि बाढ़ के कारण घर, संपत्ति, आजीविका अथवा अन्य प्रकार का नुकसान झेलने के बावजूद यदि कोई पात्र परिवार आर्थिक सहायता से वंचित रह गया है, तो उसके मामले का पुनर्मूल्यांकन कर राहत प्रदान की जानी चाहिए। इससे बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों को पुनर्वास और सामान्य जीवन की ओर लौटने में बड़ी मदद मिलेगी।
आंदोलन से आगे बढ़कर प्रभावितों के मामलों को प्रशासन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी
आटासू ने स्पष्ट किया कि 10 सितंबर का आंदोलन केवल बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को सार्वजनिक रूप से उठाने तक सीमित नहीं था। आंदोलन के दौरान सरकारी सहायता से वंचित लोगों के बड़ी संख्या में सामने आने के बाद संगठन ने उनके मामलों को दस्तावेजी रूप में प्रशासन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी अपने हाथ में ली।
इसी क्रम में हजारों प्रभावितों से दस्तावेज एकत्र कर प्रशासन को सौंपे गए हैं। संगठन का मानना है कि इससे प्रत्येक दावे की तथ्यात्मक जांच करने और वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने में प्रशासन को मदद मिल सकती है।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हजारों बाढ़ पीड़ितों की उम्मीद
14 हजार से अधिक प्रभावित लोगों के दस्तावेज जिला प्रशासन को सौंपे जाने के बाद अब इन परिवारों की उम्मीद प्रशासनिक जांच और मूल्यांकन प्रक्रिया पर टिकी है। आटासू ने जिला प्रशासन से मामले को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने और पात्र लोगों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा जताई है।
संगठन ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की आवाज उठाने के साथ उन्हें वास्तविक सरकारी लाभ दिलाना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। अब दस्तावेजों की जांच और सही मूल्यांकन के बाद यदि पात्र प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचती है, तो यह बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।




