‘Tyagi Thursday’ में धुबड़ी ने रचा इतिहास : तेयुप और कन्या मंडल के शत-प्रतिशत सदस्यों ने लिया वर्षभर जमीकंद त्याग का संकल्प : देश की पहली शत-प्रतिशत सहभागिता वाली परिषद बनने का गौरव : प्रत्येक गुरुवार संयम, त्याग और अहिंसा के प्रति समर्पित रहेगा धुबड़ी का युवा वर्ग
विकास सेठिया ने युवा शक्ति के अनुशासन और संगठन भावना की सराहना की, समाज के सभी वर्गों से अभियान से जुड़ने का आह्वान

धुबड़ी, 9 जुलाई : अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के आध्यात्मिक एवं संस्कारपरक अभियान ‘Tyagi Thursday’ के अंतर्गत तेरापंथ युवक परिषद्, धुबड़ी और तेरापंथ कन्या मंडल, धुबड़ी ने सामूहिक संकल्प एवं शत-प्रतिशत सहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। परिषद और कन्या मंडल के सभी सदस्यों ने आगामी एक वर्ष तक प्रत्येक गुरुवार अपनी-अपनी धारणा के अनुसार जमीकंद का त्याग करने के लिए पंजीकरण कराया है।
तेरापंथ युवक परिषद्, धुबड़ी के विकास सेठिया ने बताया कि अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् की ओर से दिए गए मात्र एक आह्वान पर धुबड़ी की पूरी युवा शक्ति ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में सहभागिता सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि यह केवल औपचारिक पंजीकरण नहीं, बल्कि तेरापंथ समाज की एकता, अनुशासन, संगठन शक्ति, संयम भावना और गुरुदेव के प्रति अटूट समर्पण का जीवंत प्रमाण है।
देश की पहली शत-प्रतिशत सहभागी परिषद बनी
विकास सेठिया के अनुसार, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् की ओर से धुबड़ी इकाई को बताया गया है कि तेरापंथ युवक परिषद्, धुबड़ी पूरे देश की पहली ऐसी परिषद बनी है, जिसके शत-प्रतिशत सदस्यों ने ‘Tyagi Thursday’ के त्याग प्रकल्प में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल धुबड़ी परिषद ही नहीं, बल्कि संपूर्ण धुबड़ी तेरापंथ समाज के लिए गर्व और गौरव का विषय है। एक परिषद के सभी सदस्यों द्वारा एक साथ पूरे वर्ष के लिए त्याग का संकल्प लेना सामूहिक आध्यात्मिक चेतना और मजबूत संगठनात्मक संस्कारों का परिचायक है।
हर गुरुवार जमीकंद त्याग का संकल्प
‘Tyagi Thursday’ अभियान के अंतर्गत पंजीकृत सदस्य प्रत्येक गुरुवार अपनी धारणा और सामर्थ्य के अनुसार जमीकंद का त्याग करेंगे। अभियान का संदेश है— “हर गुरुवार का यही नियम, जमीकंद त्याग—जीवन में संयम।”
अभियान से संबंधित सार्वजनिक संदेशों में प्रतिभागियों से प्रत्येक गुरुवार संपूर्ण रूप से अथवा अपनी धारणा के अनुसार किसी एक या एक से अधिक जमीकंद का त्याग करने का आह्वान किया गया है। आलू, प्याज, लहसुन, गाजर, मूली और शकरकंद जैसी भूमि के भीतर उत्पन्न होने वाली खाद्य वस्तुएं जमीकंद की श्रेणी में रखी जाती हैं।
इस अभियान का उद्देश्य केवल खाद्य पदार्थों का त्याग करना नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में संयम, आत्मानुशासन, अहिंसा, जागरूकता और धार्मिक मूल्यों को व्यवहार में उतारना है। तेरापंथ युवक परिषद् के विभिन्न आध्यात्मिक उपक्रमों में ‘Tyagi Thursday’ को संस्कार निर्माण और तप-त्याग की चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना गया है।
एक आह्वान पर एकजुट हुई धुबड़ी की युवा शक्ति
विकास सेठिया ने कहा कि तेरापंथ युवक परिषद् और कन्या मंडल के सदस्यों ने जिस तत्परता से अभियान में अपना पंजीकरण कराया, वह प्रशंसनीय है। किसी भी बड़े संकल्प की सफलता उसके सदस्यों की निष्ठा, नियमितता और सामूहिक उत्तरदायित्व पर निर्भर करती है। धुबड़ी के युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संगठन का प्रत्येक सदस्य एक लक्ष्य को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मान लेता है, तब असाधारण उपलब्धि संभव हो जाती है।
उन्होंने सभी पंजीकृत सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सदस्यों की शत-प्रतिशत भागीदारी ने धुबड़ी परिषद को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान प्रदान की है। यह उपलब्धि आने वाले समय में अन्य परिषदों, युवक मंडलों और समाज के लोगों को भी त्याग एवं संयम के अभियान से जुड़ने की प्रेरणा देगी।
तेरापंथ कन्या मंडल की सहभागिता बनी प्रेरणा
इस ऐतिहासिक संकल्प में तेरापंथ कन्या मंडल, धुबड़ी की शत-प्रतिशत भागीदारी भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कन्या मंडल की सभी सदस्यों ने युवक परिषद् के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरे वर्ष प्रत्येक गुरुवार जमीकंद त्याग का संकल्प लिया।
समाज के लोगों ने कहा कि युवा एवं कन्या शक्ति की संयुक्त सहभागिता से अभियान का संदेश अधिक व्यापक और प्रभावशाली बनेगा। नई पीढ़ी द्वारा स्वेच्छा से त्याग, अनुशासन और अहिंसा को जीवन में अपनाना धार्मिक संस्कारों की निरंतरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
समाज के सभी वर्गों से जुड़ने की अपील
विकास सेठिया ने तेरापंथ युवक परिषद् और कन्या मंडल के सदस्यों के साथ-साथ धुबड़ी के संपूर्ण जैन एवं तेरापंथ समाज से भी इस अभियान में जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि त्याग किसी एक संस्था, आयु वर्ग अथवा मंडल तक सीमित विषय नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य और धारणा के अनुसार छोटे-छोटे त्यागों के माध्यम से आत्मसंयम एवं आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं, किशोरों और बच्चों से भी प्रत्येक गुरुवार जमीकंद त्याग का संकल्प लेकर गुरु चरणों में त्याग की भेंट अर्पित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि त्याग केवल किसी वस्तु को छोड़ने का नाम नहीं है, बल्कि अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण स्थापित करने और जीवन को अनुशासित बनाने की आध्यात्मिक प्रक्रिया है। छोटे-छोटे सामूहिक संकल्प समाज में बड़े सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनते हैं।
पूरे वर्ष नियमितता से संकल्प निभाने की जिम्मेदारी
सदस्यों से आह्वान किया गया है कि पंजीकरण के बाद अब इस संकल्प को पूरे वर्ष श्रद्धा, नियमितता और उत्साह के साथ निभाया जाए। अभियान की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब प्रत्येक सदस्य हर गुरुवार अपने संकल्प के प्रति जागरूक रहे और उसे निरंतरता से पूरा करे।
परिषद का प्रयास रहेगा कि सदस्यों को समय-समय पर अभियान की याद दिलाई जाए तथा त्याग से जुड़े प्रेरक संदेशों के माध्यम से उनकी सहभागिता को सक्रिय बनाए रखा जाए। सदस्यों को अपने परिवार, मित्रों और परिचितों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सेवा, संस्कार और संगठन की भावना को मजबूती
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् तेरापंथ धर्मसंघ से जुड़ी राष्ट्रीय युवा संस्था है, जो युवाओं में सेवा, संस्कार, संगठन, नैतिक जीवन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां संचालित करती है। संस्था के आधिकारिक परिचय में युवा पीढ़ी को संगठन से जोड़ने, व्यक्तित्व एवं संस्कार विकास तथा समाजहित के कार्यों को उसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया गया है।
‘Tyagi Thursday’ जैसे अभियान इसी संस्कार निर्माण की श्रृंखला का हिस्सा हैं, जिनके माध्यम से युवाओं को धार्मिक सिद्धांतों को केवल विचार तक सीमित न रखकर अपने दैनिक आचरण में उतारने के लिए प्रेरित किया जाता है।
“सामूहिक संकल्प से परिवर्तन निश्चित”
तेरापंथ युवक परिषद्, धुबड़ी ने अपने संदेश में कहा है कि “जहां संकल्प सामूहिक हो, वहां परिवर्तन निश्चित होता है। धुबड़ी की पूरी परिषद द्वारा लिया गया जमीकंद त्याग का संकल्प उसी परिवर्तन की प्रेरक शुरुआत है।”
परिषद ने विश्वास व्यक्त किया कि धुबड़ी की यह पहल देशभर की अन्य शाखाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी और अधिक से अधिक लोग संयम, अहिंसा तथा त्याग की भावना से जुड़ेंगे।
इस उपलब्धि पर धुबड़ी तेरापंथ समाज के सदस्यों ने तेरापंथ युवक परिषद् तथा कन्या मंडल की पूरी टीम को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की है कि सभी सदस्य अपने संकल्प को वर्षभर पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे और धुबड़ी की आध्यात्मिक एवं संगठनात्मक पहचान को और अधिक सशक्त बनाएंगे।
यह जानकारी तेरापंथ युवक परिषद्, धुबड़ी के विकास सेठिया ने दी।




