शिवसागर में सीपीआई का जोरदार प्रदर्शन : महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला आयुक्त कार्यालय के सामने धरना : केंद्र और राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
जनता ने भारी जनसमर्थन देकर भाजपा को सत्ता सौंपी थी, लेकिन बदले में सरकार ने आम लोगों पर महंगाई का बोझ डाल दिया : ‘नरेंद्र मोदी देश के असफल प्रधानमंत्री’ — कनक गोगोई

शिवसागर, 8 जून : कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) की शिवसागर जिला परिषद के तत्वावधान में सोमवार को बढ़ती महंगाई, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि, रसोई गैस, जीवनरक्षक दवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लगातार बढ़ते दामों के विरोध में शिवसागर जिला आयुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने सरकार विरोधी नारों के साथ अपना रोष व्यक्त किया और महंगाई पर नियंत्रण की मांग उठाई।
धरना स्थल पर उपस्थित सीपीआई के राज्य सचिव कनक गोगोई ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता ने भारी जनसमर्थन देकर भाजपा को सत्ता सौंपी थी, लेकिन बदले में सरकार ने आम लोगों पर महंगाई का बोझ डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े व्यापारी और कॉरपोरेट समूह आज सरकार की नीतियों को प्रभावित कर रहे हैं क्योंकि उनसे हजारों करोड़ रुपये का चुनावी चंदा लिया गया है।
पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि पर उठाए सवाल
कनक गोगोई ने कहा कि सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के लिए ईरान, इज़राइल और अमेरिका से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनावों को जिम्मेदार ठहरा रही है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। उन्होंने दावा किया कि चालू वर्ष की पहली तिमाही में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने लगभग 14,458 करोड़ रुपये, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने 4,902 करोड़ रुपये और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने 3,191 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है।
उन्होंने कहा कि यदि युद्ध के कारण कुछ कीमतें बढ़ी भी हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस और ईरान से सस्ता तेल आयात करने में सफल क्यों नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि भारत की विदेश नीति आखिर किस दिशा में जा रही है।
भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
अपने संबोधन में कनक गोगोई ने भाजपा सरकार की ‘भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता’ की नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों के मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि असम विधानसभा के अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी के कार्यकाल में पिछले पांच वर्षों के दौरान दीमक नियंत्रण के नाम पर लगभग 3 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च दिखाए गए। इसके अलावा 126 विधायकों को चांदी के उपहार देने के मामले में भी करोड़ों रुपये के खर्च का उल्लेख करते हुए वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया।
गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के शासनकाल में एलआईसी (LIC) में लाखों करोड़ रुपये के वित्तीय घोटालों और अनियमितताओं के मामले उजागर हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत है।
रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे उठाए
सीपीआई नेता ने कहा कि आज देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, बेहतर शिक्षा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में सरकार विफल रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक और विदेश नीति के कारण भारतीय रुपये का मूल्य डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा है। साथ ही देश को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुवाहाटी पत्रकार हमले की निंदा
कनक गोगोई ने हाल ही में गुवाहाटी में एक पत्रकार पर हुए कथित हमले की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ हिंसा लोकतंत्र पर हमला है और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने बाहरी लोगों द्वारा असमिया समाज के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की भी आलोचना की और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने की चेतावनी दी।
कई नेताओं ने किया संबोधित
धरना कार्यक्रम में वरिष्ठ सीपीआई नेता धर्म बरुआ, जिला सचिव मणि बुढ़ागोहाई, सहायक सचिव मदन बरुआ, योगेश बुढ़ागोहाई, जिला सहसचिव अजय बड़ा तथा असम महिला संघ की जिला अध्यक्ष मल्लिका बेगम सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए महंगाई, बेरोजगारी और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरा।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के समापन पर सीपीआई के प्रतिनिधिमंडल ने शिवसागर जिला आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन में महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार सृजन, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण सहित विभिन्न जनहित संबंधी मांगें शामिल हैं।
सीपीआई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




