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जैन संस्कार विधि से संपन्न हुआ 14 के तप संपूर्ति अनुष्ठान : तेरापंथ युवक परिषद धुबड़ी की प्रेरणादायी पहल : अनोप चन्द सेठिया ने एक वर्ष के लिए त्याग का लिया संकल्प : परिवारजनों और उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी अपनाए जैन जीवन मूल्य : मारवाड़ी सम्मेलन ने भी किया तपस्वी सेठिया का सम्मान

सेवा, संस्कार और संगठन की भावना को साकार करते हुए जैन संस्कार विधि के प्रचार-प्रसार को मिला नया आयाम

धुबड़ी, 29 जून : जैन समाज में आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक संस्कारों और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की प्रेरणादायी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए तेरापंथ युवक परिषद धुबड़ी द्वारा सोमवार को समाजसेवी एवं धर्मनिष्ठ श्रावक अनोप चन्द सेठिया (सुपुत्र स्वर्गीय सूरजमल जी सेठिया) के 14 के तप संपूर्ति अनुष्ठान का आयोजन पूर्णतः जैन संस्कार विधि के अनुसार अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न कराया गया।

इस अवसर पर धार्मिक मंत्रोच्चार, त्याग-संकल्प, मंगलकामनाओं और जैन संस्कृति की श्रेष्ठ परंपराओं के बीच उपस्थित श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आधुनिक जीवन में भी जैन संस्कार विधि के माध्यम से धार्मिक संस्कारों को सहज, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक स्वरूप में अपनाया जा सकता है।

नमस्कार महामंत्र के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

अनुष्ठान का शुभारंभ जैन संस्कारक आनन्द बरड़िया, भरत बैंगानी एवं बजरंग कुण्डलिया द्वारा सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र के मंगल उच्चारण से हुआ। संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत हो गया। मंत्रोच्चार के साथ उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने धर्म, संयम और आत्मशुद्धि की भावना को आत्मसात करने का संकल्प दोहराया।

मंगल भावना यंत्र की स्थापना, जैन मंत्रों से मिला आध्यात्मिक आशीर्वाद

कार्यक्रम के दौरान तेरापंथ युवक परिषद धुबड़ी के अध्यक्ष विकास सेठिया एवं मंत्री अंकित मालू ने अनोप चन्द सेठिया को मंगल भावना यंत्र भेंट किया। इसके पश्चात जैन संस्कारकों ने वैदिक नहीं बल्कि जैन आगमिक परंपरा के अनुरूप मंगल मंत्रों के उच्चारण के साथ यंत्र की विधिवत स्थापना करवाई।

संस्कारकों ने मंगलमय जीवन, आध्यात्मिक उन्नति, आत्मकल्याण तथा संयमपूर्ण जीवन के लिए विशेष मंगलपाठ करते हुए अनोप चन्द सेठिया एवं उनके परिवार को आशीर्वाद प्रदान किया।

त्याग-संकल्प बना कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण

कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी क्षण उस समय आया जब अनोप चन्द सेठिया ने जैन धर्म के मूल सिद्धांत त्याग और संयम को जीवन में उतारते हुए एक वर्ष के लिए एक वस्तु का त्याग करने का सार्वजनिक संकल्प लिया।

उनकी इस प्रेरणा से प्रभावित होकर उपस्थित परिवारजनों तथा अन्य श्रद्धालुओं ने भी अपने-अपने जीवन में किसी न किसी वस्तु अथवा बुराई का त्याग करने का संकल्प लिया। इस सामूहिक संकल्प ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मानुशासन की भावना से भर दिया।

जैन संस्कार विधि को अपनाने का बढ़ रहा है समाज में विश्वास

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा वर्षों से संचालित “जैन संस्कार विधि” अभियान का उद्देश्य जन्मोत्सव, विवाह, गृह प्रवेश, तप अनुमोदना, सम्मान समारोह, स्मृति कार्यक्रम एवं अन्य पारिवारिक धार्मिक आयोजनों को जैन दर्शन के अनुरूप संस्कारपूर्ण स्वरूप प्रदान करना है।

धुबड़ी इकाई द्वारा आयोजित यह अनुष्ठान इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में धीरे-धीरे जैन संस्कार विधि के प्रति विश्वास और स्वीकार्यता निरंतर बढ़ रही है, जिससे नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़ने में बड़ी सहायता मिल रही है।

मंगलपाठ के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन जैन संस्कारकों द्वारा मंगलपाठ एवं मंगलकामनाओं के साथ हुआ। उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, अहिंसा, सद्भाव और आत्मकल्याण की प्रार्थना करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।

मंत्री अंकित मालू ने व्यक्त किया आभार

तेरापंथ युवक परिषद धुबड़ी के मंत्री अंकित मालू ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि जैन संस्कार विधि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारित बनाने की प्रक्रिया है। हमें प्रसन्नता है कि सेठिया परिवार ने इस पवित्र विधि को अपनाकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। परिषद् भविष्य में भी ऐसे संस्कारमय आयोजनों के माध्यम से धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रसार के लिए सतत कार्य करती रहेगी।

अध्यक्ष विकास सेठिया का संबोधन

परिषद अध्यक्ष विकास सेठिया ने कहा कि अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, संयम और सेवा की भावना का विकास करना है। जैन संस्कार विधि आज समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रही है। हम चाहते हैं कि प्रत्येक धार्मिक एवं पारिवारिक आयोजन जैन संस्कृति की गरिमा के अनुरूप सम्पन्न हो।

अनोप चन्द सेठिया ने व्यक्त किया भावपूर्ण आभार

अपने उद्बोधन में अनोप चन्द सेठिया ने कहा कि 14 के तप की संपूर्ति मेरे जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण अवसर है। इसे जैन संस्कार विधि के माध्यम से सम्पन्न कराने का अवसर प्रदान करने के लिए मैं तेरापंथ युवक परिषद धुबड़ी का हृदय से आभारी हूँ। यह आयोजन मेरे लिए केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन में संयम, त्याग और आत्मसाधना को और अधिक दृढ़ करने की प्रेरणा बना है।

उन्होंने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं से भी जैन जीवन मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया।

धर्म, संस्कार और सामाजिक चेतना का सुंदर समन्वय

कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि धार्मिक परंपराओं को आधुनिक समाज में भी प्रभावी एवं प्रेरणादायी स्वरूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। तेरापंथ युवक परिषद धुबड़ी द्वारा आयोजित यह संस्कारमय आयोजन धर्म, सेवा, संस्कार, त्याग और सामाजिक जागरण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ।

पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन ने किया तपस्वी अनोप चन्द सेठिया का सम्मान

आज मारवाड़ी सम्मेलन, धुबड़ी शाखा के आदरणीय अध्यक्ष एवं तपस्वी श्री अनोप चन्द सेठिया की 14 दिवसीय कठोर तपस्या के पारणा अवसर पर जैन संस्कार विधि के अनुसार आयोजित गरिमामय अनुष्ठान के दौरान पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रतिनिधिमंडल ने उनके निवास स्थान पर पहुंचकर उन्हें भावभीना सम्मान अर्पित किया। प्रतिनिधिमंडल ने मंडल “K” के सहायक मंत्री संजय मोर के नेतृत्व में श्री सेठिया को प्रशस्ति-पत्र भेंट कर तथा सम्मानस्वरूप दुपट्टा ओढ़ाकर उनकी तपस्या, त्याग, धर्मनिष्ठा एवं आध्यात्मिक साधना का अभिनंदन किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तप केवल उपवास नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, संयम, त्याग, आत्मबल और आध्यात्मिक उत्थान की सर्वोच्च साधना है। श्री अनोप चन्द सेठिया ने अपनी दृढ़ आस्था, अटूट संकल्प और जैन धर्म के प्रति समर्पण के साथ 14 उपवासों की कठिन तपस्या पूर्ण कर समाज के समक्ष एक प्रेरणादायी आदर्श प्रस्तुत किया है। उनका यह तप समाज को धर्म, संयम और आत्मानुशासन के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा।

प्रतिनिधि मंडल में मारवाड़ी सम्मेलन धुबड़ी शाखा के सलाहकार सुशील बेंगानी, उपाध्यक्ष द्वय मदनलाल बुच्चा एवं हनुमान कंदोई, संयुक्त सचिव विकास भंडारी तथा कार्यकारिणी सदस्य बिकास शर्मा एवं रितेश नाहटा शामिल थे।

प्रतिनिधि मंडल ने जैन संस्कार विधि के माध्यम से सम्पन्न हुए इस आध्यात्मिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्कारमय कार्यक्रम समाज में धार्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए तेरापंथ युवक परिषद् धुबड़ी, सेठिया परिवार तथा सभी सहयोगियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

अंत में सभी ने भगवान महावीर से प्रार्थना की कि उनकी असीम कृपा से श्री अनोप चन्द सेठिया का जीवन सदैव धर्म, तप, संयम, सेवा और आत्मकल्याण के प्रकाश से आलोकित रहे तथा उनकी यह पावन तपस्या समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत बनी रहे।

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