सिलचर में भक्ति और सेवा का संगम—“भिक्षु भक्ति संध्या: भावांजलि 2.0” का भव्य आयोजन : TPF और TYP सिलचर की संयुक्त पहल—450 से अधिक श्रद्धालुओं ने लिया भक्तिरस का आनंद : आचार्य भिक्षु स्वामी की स्मृति और सिद्धांतों को समर्पित रही संध्या—संगायक कमल सेठिया की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
“आचार्य महाप्रज्ञ शिक्षा सहयोग” के लिए श्रद्धालुओं ने बढ़ाए हाथ—बच्चों की शिक्षा के पुनीत उद्देश्य में दिया योगदान

सिलचर, 5 अक्टूबर : आध्यात्मिक आस्था, भक्ति और सामाजिक सरोकारों के अनूठे संगम के बीच सिलचर में “भिक्षु भक्ति संध्या—भावांजलि 2.0” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (TPF), सिलचर और तेरापंथ युवक परिषद (TYP), सिलचर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भक्तिमय कार्यक्रम को श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, सिलचर तथा तेरापंथ महिला मंडल, सिलचर का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। बड़ी संख्या में समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया।
आचार्य भिक्षु स्वामी की स्मृति को समर्पित रही भावांजलि
भक्तिमय संध्या तेरापंथ धर्मसंघ के प्रथम एवं संस्थापक आचार्य आचार्य भिक्षु स्वामी की पावन स्मृति तथा उनके सिद्धांतों को समर्पित रही। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आचार्य भिक्षु स्वामी के प्रति अपनी श्रद्धा एवं भावांजलि अर्पित की। कार्यक्रम स्थल पर प्रारंभ से अंत तक भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा।
कमल सेठिया की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
कार्यक्रम में प्रसिद्ध श्रद्धानिष्ठ संगायक कमल सेठिया ने अपनी मधुर एवं भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भिक्षु स्वामी की आराधना और भक्ति से जोड़ते हुए पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण प्रस्तुतियों का आनंद लेते हुए आचार्य भिक्षु स्वामी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
प्रवीण सिरोहिया और राकेश सिंघी की गरिमामयी उपस्थिति
आयोजन में TPF के चेयरपर्सन—ऑर्गेनाइजेशनल डेवलपमेंट प्रवीण सिरोहिया तथा TPF ईस्ट ज़ोन-1 के अध्यक्ष राकेश सिंघी की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने मुख्य कार्यक्रम से पूर्व आयोजित संगठनात्मक बैठक में टीम के सदस्यों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करने के साथ सदस्यों को संगठन को और सशक्त बनाने तथा सेवा एवं सामाजिक दायित्वों से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
बच्चों की शिक्षा के लिए “आचार्य महाप्रज्ञ शिक्षा सहयोग” बना विशेष उद्देश्य
भक्ति के साथ सामाजिक दायित्व को जोड़ते हुए कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य “आचार्य महाप्रज्ञ शिक्षा सहयोग” के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहायता प्रदान करना रहा। इस पुनीत उद्देश्य से प्रेरित होकर कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और उदारतापूर्वक योगदान दिया। इस पहल के माध्यम से आयोजन ने आध्यात्मिकता के साथ शिक्षा और सामाजिक सेवा का भी महत्वपूर्ण संदेश दिया।
450 से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता से यादगार बना आयोजन
“भावांजलि 2.0” को समाज का शानदार समर्थन मिला और कार्यक्रम में 450 से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आचार्य भिक्षु स्वामी की भक्ति और आराधना का अनुभव करते हुए कार्यक्रम को अत्यंत भावपूर्ण बताया।
आयोजकों ने जताया सभी सहयोगकर्ताओं का आभार
कार्यक्रम के सफल समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, सहयोगकर्ताओं, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों के अनुसार सभी के सहयोग, समर्पण और सक्रिय सहभागिता के कारण “भिक्षु भक्ति संध्या—भावांजलि 2.0” एक सफल, प्रेरणादायी और यादगार आयोजन बन सका।




