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तेजपुर में आत्म-जागृति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश : मैत्रीबोध परिवार द्वारा ‘बोध सत्र’ का आयोजन : मुंबई से पहुंची विशेष टीम ने दिया सत्य, प्रेम और आंतरिक शांति का संदेश : ‘अवेकनिंग टू सेल्फ रियलाइजेशन’ विषय पर हुआ प्रेरणादायी मार्गदर्शन

परम पूज्य मैत्रय दादाश्री जी के विश्वशांति और आत्मबोध के संदेश से जुड़े श्रद्धालु : तेजपुर सहित गुवाहाटी, पुणे और मुंबई के साधकों ने लिया हिस्सा

तेजपुर, 7 जुलाई : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य को अपने वास्तविक स्वरूप, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने के उद्देश्य से तेजपुर में एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम ‘बोध सत्र’ का आयोजन किया गया।

स्थानीय मारवाड़ी धर्मशाला तेजपुर में आयोजित यह कार्यक्रम मैत्रीबोध परिवार के संस्थापक परम पूज्य मैत्रय दादाश्री जी के प्रेम, शांति, मैत्री और आत्मिक जागरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में आयोजित किया गया।

‘Awakening to Self Realization – आत्म-जागृति की ओर पहला कदम (बोध वन लेवल)’ विषय पर आयोजित इस विशेष सत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, आध्यात्मिक साधकों, प्रबुद्ध नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया।

बाहरी पहचान से आगे बढ़कर स्वयं को जानना ही आत्म-जागृति : मैत्री वत्सल जी

कार्यक्रम के मुख्य मार्गदर्शक के रूप में मुंबई से पधारे वरिष्ठ आध्यात्मिक मार्गदर्शक मैत्री वत्सल जी ने सत्र का संचालन किया।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश लोग जीवन की बाहरी पहचान, सामाजिक भूमिकाओं, उपलब्धियों और परिस्थितियों में इतने व्यस्त हो चुके हैं कि वे अपने वास्तविक स्वरूप को भूलते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल बाहरी सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद सत्य, प्रेम, करुणा और शांति को पहचानना है।

मैत्री वत्सल जी ने बताया कि आत्म-जागृति वह यात्रा है, जहां व्यक्ति स्वयं को समझना शुरू करता है और जीवन को अधिक जागरूकता, सकारात्मकता और संतुलन के साथ जीना सीखता है।

“ईश्वर दूर नहीं, हर व्यक्ति के भीतर विद्यमान चेतना हैं”

सत्र के दौरान मैत्री वत्सल जी ने आध्यात्मिक दृष्टिकोण को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि ईश्वर कोई दूर स्थित शक्ति नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के अंतर्मन में विद्यमान दिव्य चेतना हैं।

उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं के भीतर झांकना और अपनी वास्तविक पहचान को समझना शुरू करता है, तभी उसके जीवन में सच्चे प्रेम, मैत्री, करुणा और आंतरिक आनंद का अनुभव संभव हो पाता है।

उन्होंने प्रतिभागियों से अपने जीवन में सकारात्मक सोच, प्रेमपूर्ण व्यवहार और आंतरिक परिवर्तन को अपनाने का आह्वान किया।

मुंबई से पहुंची 15 सदस्यीय टीम ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए मुंबई से लगभग 15 सदस्यों की विशेष टीम तेजपुर पहुंची थी। कार्यक्रम में मैत्रेयी कुमुदिनी जी, मैत्रेयी अनुराधा जी, मैत्रेयी मधुमिता जी, मित्र हिमशिखर जी, मैत्रेयी अनीता जी सहित मैत्रीबोध परिवार के कई समर्पित सेवकगण उपस्थित रहे।

टीम के सदस्यों ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था, संचालन और प्रतिभागियों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सहयोग और सेवा भाव से आयोजन सुव्यवस्थित और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।

तेजपुर के साथ गुवाहाटी, पुणे और मुंबई से भी पहुंचे साधक

कार्यक्रम में तेजपुर के स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा गुवाहाटी, पुणे और मुंबई से आए अनेक आध्यात्मिक साधकों और गणमान्य अतिथियों ने भी भाग लिया।

सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने आत्म-जागृति, जीवन में सकारात्मक बदलाव, आंतरिक संतुलन, मानवीय मूल्यों और आध्यात्मिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चिंतन किया।

उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन आधुनिक जीवन की चुनौतियों के बीच मानसिक शांति और आत्मचिंतन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मैत्रीबोध परिवार का उद्देश्य— प्रेम, मैत्री और विश्वशांति का प्रसार

मैत्रीबोध परिवार द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य मानव जीवन में प्रेम, शांति, सेवा भाव और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।

परम पूज्य मैत्रय दादाश्री जी के मार्गदर्शन में परिवार द्वारा लोगों को आत्म-जागृति, मानवीय संबंधों में सुधार और विश्वशांति के संदेश से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

सामूहिक प्रार्थना और विश्वशांति की मंगलकामना के साथ समापन

कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना और विश्वशांति की मंगलकामना के साथ किया गया। सत्र में शामिल प्रतिभागियों ने इसे आत्मचिंतन, आत्मबोध और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक विशेष अनुभव बताया।

उन्होंने संकल्प लिया कि वे सत्य, प्रेम, करुणा और मैत्री के संदेश को अपने जीवन में अपनाते हुए समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का प्रयास करेंगे।

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