जसरासर में स्कूल बस से कुचलकर 7 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत : जिस बस से रोज स्कूल जाता था मासूम, उसी की चपेट में आने से गई जान : परिजनों ने चालक के खिलाफ दी रिपोर्ट : पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की

जसरासर, 1 जुलाई : राजस्थान के बीकानेर जिले के जसरासर कस्बे में बुधवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 7 वर्षीय मासूम छात्र शौर्य सुथार की मौत हो गई। शौर्य जसरासर से लगभग 15 किलोमीटर दूर कातर स्थित विवेकानंद स्कूल में पढ़ता था और रोजाना स्कूल बस से आना-जाना करता था। गुरुवार को स्कूल से लौटने के बाद बस से उतरते समय वह उसी बस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बस से उतरकर घर जा रहा था मासूम
जानकारी के अनुसार जसरासर निवासी शौर्य सुथार स्कूल से लौटने के बाद बस से उतरा और अपने घर की ओर जाने लगा। इसी दौरान वह बस के आगे से निकल रहा था। बताया जा रहा है कि चालक को बच्चा दिखाई नहीं दिया और उसने बस आगे बढ़ा दी। बस के टायर की चपेट में आने से शौर्य गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
शव पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया
जसरासर थाना प्रभारी आलोक सिंह ने बताया कि हादसे के बाद शव को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
चालक के खिलाफ रिपोर्ट, मामला दर्ज होगा
थाना प्रभारी के अनुसार, मृतक छात्र के परिजनों ने स्कूल बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के आधार पर चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
स्कूल बस सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक घटना ने स्कूल बसों में बच्चों को सुरक्षित उतारने-चढ़ाने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटे बच्चों के लिए बस परिचालक, निगरानी व्यवस्था, वाहन के आगे-पीछे सुरक्षा जांच और चालक की अतिरिक्त सतर्कता बेहद आवश्यक मानी जाती है। कातर स्थित विवेकानंद विद्या आश्रम का परिसर नोखा-सुजानगढ़ रोड क्षेत्र में बताया गया है।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
मासूम शौर्य की असमय मौत से जसरासर कस्बे में शोक का माहौल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




