खुले पैसों का झांसा : 14,500 रुपये पर हाथ साफ : शिवसागर के डायग्नोस्टिक सेंटर में शातिर ठग का दुस्साहस : रिसेप्शनिस्ट को बातों में उलझाकर मिनटों में उड़ाई नकदी : CCTV में कैद हुआ पूरा खेल
अज्ञात युवक की तलाश में पुलिस : व्यापारियों और संस्थानों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह

शिवसागर, 27 जून : शिवसागर शहर के व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्र में एक ऐसी शातिर ठगी की वारदात सामने आई है, जिसने कारोबारियों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। महज खुले पैसों के बहाने एक अज्ञात युवक ने ऐसी चाल चली कि देखते ही देखते डायग्नोस्टिक सेंटर के कैश काउंटर से 14,500 रुपये लेकर फरार हो गया। सबसे हैरानी की बात यह रही कि पूरी घटना के दौरान रिसेप्शनिस्ट को ठगी का आभास तक नहीं हुआ। बाद में जब नकदी का मिलान किया गया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। आरोपी की पूरी करतूत प्रयोगशाला में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो चुकी है और अब पुलिस उसी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश में जुटी है।

शहर के बीचों-बीच डायग्नोस्टिक सेंटर को बनाया निशाना
यह घटना शहर के जेपी अग्रवाला पथ स्थित सेंट्रल मार्केट के समीप संचालित मैट्रिक्स पॉलीक्लिनिक एंड एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर में 24 जून की शाम लगभग 8:00 से 8:30 बजे के बीच हुई।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार एक अज्ञात युवक लैब में पहुंचा और वहां मौजूद रिसेप्शनिस्ट तुतुमोनी गोगोई से 200 और 50 रुपये के नोटों के बदले 500 रुपये के नोट बदलने की बात कहकर बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान उसने इतनी सफाई से नकदी के लेन-देन में भ्रम पैदा किया कि रिसेप्शनिस्ट उसकी चाल समझ ही नहीं सकी। इसी मनोवैज्ञानिक भ्रम का फायदा उठाकर आरोपी काउंटर से 14,500 रुपये लेकर मौके से फरार हो गया।
नकदी का मिलान होते ही खुला ठगी का राज
घटना के समय आरोपी ने पूरी वारदात इतनी योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी कि किसी को भी तत्काल संदेह नहीं हुआ। कुछ समय बाद जब कैश का मिलान किया गया तो रकम कम पाई गई। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें आरोपी की पूरी गतिविधि स्पष्ट रूप से दिखाई दी। फुटेज ने यह साफ कर दिया कि पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी।

डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन ने दर्ज कराई प्राथमिकी
घटना के बाद मैट्रिक्स पॉलीक्लिनिक एंड एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रबंध निदेशक एवं प्रोपराइटर डॉ. ऋषव सैकिया ने 25 जून को शिवसागर सदर थाना में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने धोखाधड़ी के जरिए 14,500 रुपये की नकदी हड़प ली। प्रबंधन ने आरोपी की तस्वीर और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दिए हैं, जिससे उसकी पहचान करने में मदद मिल सके।
CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के सहारे तलाश जारी
एफआईआर दर्ज होने के बाद शिवसागर सदर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय खुफिया तंत्र तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है।
इसके अलावा आसपास के बाजारों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपी के आने-जाने के मार्ग और उसकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

बिना हथियार, बिना धमकी… सिर्फ दिमागी चाल से उड़ाई नकदी
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि आधुनिक ठग अब हथियार या बल प्रयोग के बजाय मनोवैज्ञानिक भ्रम, तेज बातचीत और नकदी के लेन-देन में उलझाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। कुछ ही मिनटों में कैश काउंटर से हजारों रुपये लेकर फरार हो जाना ऐसे संगठित ठगी गिरोहों की कार्यशैली की ओर भी संकेत करता है।
पुलिस ने व्यापारियों और संस्थानों को किया सतर्क
पुलिस ने व्यापारियों, मेडिकल स्टोर संचालकों, बैंक काउंटरों, डायग्नोस्टिक सेंटरों तथा नकदी का लेन-देन करने वाले सभी प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे खुले पैसों या नकदी बदलने के दौरान विशेष सतर्कता बरतें।
साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है।

आरोपी की तलाश तेज, जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद
शिवसागर पुलिस फिलहाल अज्ञात आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं आरोपी किसी संगठित ठगी गिरोह का सदस्य तो नहीं है।




