मारवाड़ी महिला समिति की अभिनव पहल : शिवसागर में पहली बार गूंजेगा “भजन जैमिंग” का जादू : भक्ति, संगीत और युवा ऊर्जा का ऐतिहासिक संगम : 1 जून को नाट्य मंदिर बनेगा आध्यात्मिक संगीत का केंद्र
“टुगेदर आउट लाउड (टीओएल)” की लाइव प्रस्तुति को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह : टीओएल के कलाकार "अश्विन और प्रकृति" की “सोलफुल भजन जैमिंग” की अनूठी शाम

शिवसागर, 27 मई : असम के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर धर्मनगरी शिवसागर में पहली बार भक्ति संगीत का ऐसा आधुनिक और जीवंत रूप देखने को मिलेगा, जो अब तक केवल महानगरों और बड़े सांस्कृतिक आयोजनों तक सीमित माना जाता था। आगामी सोमवार 1 जून को शिवसागर का ऐतिहासिक नाट्य मंदिर “भजन जैमिंग – टुगेदर आउट लाउड (टीओएल)” नामक एक अनूठे आध्यात्मिक-संगीतमय आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है।
अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के असम प्रांत अंतर्गत शाखा इकाई शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर पूरे शहर में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि “भक्ति, संगीत, सामूहिक ऊर्जा और आध्यात्मिक जुड़ाव का उत्सव” है।
शहर के बोर्डिंग रोड़ स्थित शिवसागर नाट्य मंदिर में कार्यक्रम शाम 6:30 बजे शुरू होगा, जबकि प्रवेश द्वार शाम 6:00 बजे बंद कर दिए जाएंगे।
पहली बार शिवसागर में होगा “भजन जैमिंग”
आयोजकों ने इस कार्यक्रम को “फर्स्ट टाइम इन शिवसागर” थीम के साथ प्रचारित किया है। वजह साफ है शिवसागर में इससे पहले कभी “भजन जैमिंग” या “भजन क्लबिंग” जैसे आधुनिक आध्यात्मिक म्यूजिक कॉन्सेप्ट का आयोजन नहीं हुआ।
हाल के वर्षों में देशभर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा “भजन जैमिंग” पारंपरिक भजनों और आधुनिक लाइव म्यूजिक का अनूठा मिश्रण है। इसमें भक्ति गीतों को केवल मंचीय प्रस्तुति के रूप में नहीं, बल्कि सामूहिक ऊर्जा और सहभागिता के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
यहां दर्शक सिर्फ श्रोता नहीं रहते वे खुद गायन, ताली, नृत्य और सामूहिक स्वर के माध्यम से कार्यक्रम का हिस्सा बन जाते हैं।
“टुगेदर आउट लाउड (टीओएल)”?
इस विशेष संध्या की सबसे बड़ी आकर्षण होगी देशभर में तेजी से लोकप्रिय हो रही म्यूजिकल कलेक्टिव “टुगेदर आउट लाउड (टीओएल)” की लाइव प्रस्तुति।
टीओएल के कलाकार “अश्विन और प्रकृति” अपनी “सोलफुल भजन जैमिंग” शैली के लिए युवाओं के बीच खास पहचान बना चुके हैं।
देश के विभिन्न शहरों में आयोजित उनके कार्यक्रमों में हजारों युवा हिस्सा लेते हैं। टीओएल की प्रस्तुतियों में पारंपरिक कृष्ण भजन, शिव भजन, देवी स्तुति और मंत्रों को आधुनिक लाइव बीट्स, गिटार, ड्रम्स, पर्कशन और इंटरएक्टिव संगीत शैली के साथ प्रस्तुत किया जाता है।
उनके कार्यक्रमों को “क्लीन हाई एक्सपीरियंस” और “सोलफुल म्यूजिकल जर्नी” कहा जाता है, क्योंकि यह मनोरंजन के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा का भी अनुभव कराता है।
टीओएल की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि आज की युवा पीढ़ी आध्यात्मिकता को नए रूप में स्वीकार कर रही है।
युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा “भजन क्लबिंग” ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में भारत के कई शहरों में “भजन क्लबिंग” और “भजन जैमिंग” तेजी से लोकप्रिय हुए हैं।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, जयपुर और अहमदाबाद जैसे शहरों में युवाओं के बीच यह एक नई सांस्कृतिक और आध्यात्मिक लहर के रूप में उभरा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली की भागदौड़ और मानसिक तनाव के बीच युवा अब ऐसे आयोजनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जहां संगीत, सामूहिक ऊर्जा और आध्यात्मिकता का संतुलित अनुभव मिले।
राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में इसे “नई पीढ़ी की आध्यात्मिक अभिव्यक्ति” बताया गया है। कई सांस्कृतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ट्रेंड युवाओं को भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपराओं से नए तरीके से जोड़ रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “भजन क्लबिंग” और “भजन जैमिंग” से जुड़े वीडियो लाखों बार देखे जा रहे हैं।
पूर्वोत्तर भारत के दौरे पर टीओएल टीम
जानकारी के अनुसार “टुगेदर आउट लाउड (टीओएल)” की टीम इन दिनों पूर्वोत्तर भारत के सांस्कृतिक दौरे पर है। 30 मई को गुवाहाटी, 31 मई को डिब्रूगढ़ और 1 जून को शिवसागर में उनके कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
शिवसागर का कार्यक्रम उनके पूर्वोत्तर दौरे का विशेष पड़ाव माना जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि यहां दर्शकों को केवल संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि “भक्ति और सामूहिक चेतना का जीवंत अनुभव” मिलेगा।
ऐतिहासिक नाट्य मंदिर बनेगा आयोजन का केंद्र
कार्यक्रम का आयोजन शिवसागर के ऐतिहासिक नाट्य मंदिर में किया जाएगा, जो असम की सांस्कृतिक धरोहरों में विशेष स्थान रखता है।
1899 में स्थापित यह सभागार वर्षों से नाटक, संगीत, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। करीब 700 सीटों वाले इस ऑडिटोरियम को हाल ही में पांच वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दोबारा खोला गया है।
ऐसे ऐतिहासिक स्थल पर “भजन जैमिंग” जैसे आधुनिक-आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन शहर के सांस्कृतिक विकास के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
भक्ति और आधुनिक संगीत का अनोखा मेल
कार्यक्रम की खासियत यह होगी कि पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत शैली में प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम में पारंपरिक भजनों के साथ ही वैदिक मंत्र गायन, लाइव जैम सेशन, इंटरएक्टिव सिंग-अलॉन्ग, सामूहिक ताली और संगीत सहभागिता शामिल होगी।
आयोजकों का कहना है कि यह कोई औपचारिक मंचीय प्रस्तुति नहीं होगी, बल्कि “एक सामूहिक आध्यात्मिक अनुभव” होगा, जहां कलाकार और दर्शक मिलकर भक्ति की ऊर्जा साझा करेंगे।
शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की सराहनीय सांस्कृतिक पहल
अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के असम प्रांत अंतर्गत शाखा इकाई शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति शहर की महिलाओं की अग्रणी संस्था के रूप में जानी जाती है। शिवसागर शाखा इकाई लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रही है।
संगठन “नारी शक्ति – राष्ट्र शक्ति” के संदेश के साथ स्वास्थ्य सेवा शिविर, स्वच्छता अभियान, महिला विकास, जागरूकता कार्यक्रम, ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव, मातृ दिवस, सांस्कृतिक आयोजन, सामाजिक सेवा अभियान जैसी गतिविधियों का संचालन करता रहा है।
इस बार संगठन ने युवाओं को आध्यात्मिकता से जोड़ने के उद्देश्य से “भजन जैमिंग” जैसे आधुनिक कॉन्सेप्ट को शिवसागर में लाने का निर्णय लिया है।
आयोजकों ने क्या कहा?
कार्यक्रम की संयुक्त संयोजिकाएं रेखा बुखरेडिया और अंशु शर्मा ने बताया कि समिति की सभी सदस्य इस आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और नई पीढ़ी के बीच एक सुंदर पुल बनाने का प्रयास है।
समिति की अध्यक्ष सारिका देवड़ा और सचिव प्रीति केजरीवाल ने कहा कि भजन केवल संगीत नहीं, बल्कि ईश्वर से जुड़ने का एक पवित्र माध्यम है।
उनके अनुसार आज के समय में लोगों को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक आध्यात्मिक अनुभव की आवश्यकता है। हमें विश्वास है कि यह कार्यक्रम शिवसागर के लोगों के लिए बेहद यादगार साबित होगा।
समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने शहरवासियों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
टिकट और प्रवेश संबंधी जानकारी
शहर में पहली बार हो रहे इस अनूठे कार्यक्रम के लिए प्रवेश शुल्क 599 प्रति पास निर्धारित किया गया है। पास संग्रह करने के लिए 94353 55740,
94356 80217 (व्हाट्सएप) और 70024 07993 पर संपर्क किया जा सकता है।
आयोजकों की विशेष गाइडलाइंस
कार्यक्रम में सीटें “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दी जाएंगी। दर्शकों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। सभागार गेट शाम 6:00 बजे बंद कर दिए जाएंगे। वहीं टिकट पूरी तरह नॉन-रिफंडेबल होंगे।
शहर में बढ़ रहा उत्साह
कार्यक्रम को लेकर शिवसागर और आसपास के क्षेत्रों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
युवा, संगीत प्रेमी, परिवार और भक्ति रस में रुचि रखने वाले लोग बड़ी संख्या में पास बुक कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, सीमित संख्या में उपलब्ध अधिकांश पास पहले ही बुक हो चुके हैं।
सोशल मीडिया पर भी कार्यक्रम के पोस्टर और प्रचार सामग्री तेजी से साझा की जा रही है।
“भक्ति में जुड़ेंगे, संगीत से दिल मिलेंगे”
कार्यक्रम का मुख्य संदेश “Let’s Come Together For A Soulful Evening Of Bhajans & Blessings” और “भक्ति में जुड़ेंगे, संगीत से दिल मिलेंगे” है।
आयोजकों को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम न केवल शिवसागर के सांस्कृतिक जीवन में नई ऊर्जा भरेगा, बल्कि युवाओं को भारतीय भक्ति संगीत और आध्यात्मिक परंपराओं की ओर आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
1 जून की यह शाम शिवसागर के लिए केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, संगीत और सामूहिक चेतना का ऐतिहासिक उत्सव बनने जा रही है।




