
शिवसागर / 1 मई : अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन असम प्रांत से संबद्ध शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने मजदूर दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक सेवा प्रकल्प का आयोजन किया। संगठन की सदस्याओं ने शंकर मंदिर रोड स्थित स्वप्ना फार्मास्युटिकल्स परिसर में जरूरतमंद मजदूर भाइयों और बहनों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझा और व्यावहारिक सहायता प्रदान की। इस सेवा अभियान के तहत समिति ने मजदूरों के बीच जूस के पैकेट, एक-एक किलो के सूजी के पैकेट, 60 गमछे और 50 छातों का वितरण किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रमिक वर्ग के प्रति सम्मान व्यक्त करना तथा उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना था, ताकि वे अपने कठिन परिश्रम के बीच कुछ राहत महसूस कर सकें।
“सेवा का सच्चा अर्थ तब है जब हम जरूरतमंदों के जीवन में मुस्कान ला सकें।” — इस भावना के साथ समिति की सदस्याओं ने पूरे समर्पण से कार्य किया. इसके साथ ही मजदूर भाइयों-बहनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समिति ने 48 मजदूरों का शुगर टेस्ट कराया। इस जांच के माध्यम से उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया और आवश्यक सलाह दी गई। इस पहल से श्रमिक वर्ग में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की शिवसागर शाखा की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समिति की अध्यक्ष सारिका देवड़ा, सचिव प्रीति केजरीवाल के नेतृत्व में सक्रिय सदस्याओं पन्ना बुखरेडिया, ललिता मित्तल, रेखा बुखरेडिया, सुमन शर्मा, सरोज चौखानी, अनु शर्मा, रेणु अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल, प्रीति शर्मा, पूनम अग्रवाल, शोभा जैन, अंशु शर्मा, पायल अग्रवाल, किरण अग्रवाल ने इस सेवा कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेवा ही सच्ची पूजा है — शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति का यह प्रयास इस मंत्र को चरितार्थ करता है।
समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने इस जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन समाज सेवा और मानवता के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उपस्थित सभी सदस्यों ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन विभिन्न प्रांतों में सक्रिय रूप से सामाजिक कार्यों में लगा हुआ है। शिवसागर शाखा भी स्थानीय स्तर पर दीपावली मिलन, स्थापना दिवस और अन्य सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से समाज की सेवा करती रही है।
इस तरह के आयोजन मारवाड़ी समाज की सेवा भावना और एकजुटता को दर्शाते हैं। यह सेवा प्रकल्प न केवल मजदूर दिवस की सार्थकता को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि छोटे-छोटे प्रयासों से जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाई जा सकती है। समाज के अन्य संगठनों को भी ऐसी पहलों से प्रेरणा लेनी चाहिए।




