शिवसागर में AI तकनीक से टीबी मरीजों की पहचान के लिए 3 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू : राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जा रहा आधुनिक प्रशिक्षण : जल्द होगी समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग

शिवसागर, 8 जून : क्षय रोग (टीबी) के शीघ्र और सटीक पहचान के उद्देश्य से शिवसागर जिले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) आधारित एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।
असम सरकार के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (National TB Elimination Programme – NTEP) के अंतर्गत जिला क्षय रोग विभाग, शिवसागर द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण स्वास्थ्य कर्मियों को आधुनिक तकनीक की सहायता से टीबी रोगियों की त्वरित पहचान करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार को जिले के मोराबाजार ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। इसके बाद गेलेकी ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से आए स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. द्विजेन कोच ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों को एआई आधारित स्क्रीनिंग और पहचान प्रणाली की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव और समुदाय स्तर पर जाकर संभावित टीबी रोगियों के नमूने एकत्र करेंगे, जिससे रोग की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि टीबी जैसी संक्रामक बीमारी के खिलाफ लड़ाई में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। एआई आधारित प्रणाली से स्वास्थ्य कर्मी संदिग्ध रोगियों की पहचान पहले की तुलना में अधिक तेजी और सटीकता से कर सकेंगे, जिससे रोग के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अगले चरण में 9 जून को खेलुआ और डिमौ ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तथा 10 जून को कालुगांव और गौरीसागर ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इस प्रकार शिवसागर जिले के सभी ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को इस पहल से जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में एनटीईपी, असम के अंतर्गत संचालित WADHWANI AI परियोजना के प्रोग्राम ऑफिसर प्रियांसु सागर दिहिंगिया तथा जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. द्विजेन कोच उपस्थित रहे।
उन्होंने प्रतिभागियों को एआई आधारित टीबी स्क्रीनिंग प्रणाली, रोग पहचान प्रक्रिया, डेटा संग्रहण और रोगियों के समयबद्ध उपचार से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

इस प्रशिक्षण में शिवसागर जिले के सभी ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) और मल्टी पर्पस वर्कर (MPW) भाग ले रहे हैं।
अधिकारियों का मानना है कि प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से टीबी रोगियों की पहचान अधिक तेजी से होगी, जिससे समय पर उपचार शुरू किया जा सकेगा और रोग की गंभीरता तथा मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम का लक्ष्य भारत को टीबी मुक्त बनाने का है। इसी दिशा में एआई आधारित यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़कर रोग नियंत्रण अभियान को नई गति प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




