संवेदना और सहयोग की मिसाल: दिवंगत कवि जूनमणि दास के परिवार के साथ खड़े हुए केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा : जूनमणि दास एवं वरिष्ठ पत्रकार नरेन गोगोई के बच्चों को 25-25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति : मुख्यमंत्री सहायता कोष से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का भी दिया आश्वासन

शिवसागर, 18 जून : असम के युवा और प्रतिभाशाली कवि जूनमणि दास के असामयिक निधन के बाद उनके परिवार को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्रीय विदेश एवं वस्त्र राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने एक संवेदनशील और मानवीय पहल की है। गुरुवार को मंत्री स्वयं दिवंगत कवि के आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे प्रतिभाशाली साहित्यकारों के परिवारों के साथ कठिन समय में मजबूती से खड़े रहें।

कवि के साहित्यिक योगदान को किया याद
परिवार से मुलाकात के दौरान पवित्र मार्गेरिटा ने दिवंगत जूनमणि दास के साहित्यिक अवदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने कम उम्र में ही असमिया साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी। उनकी रचनात्मक प्रतिभा और समाज के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। मंत्री ने कहा कि जूनमणि दास की असामयिक मृत्यु केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
बच्चों की शिक्षा के लिए 25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति
केंद्रीय मंत्री ने दिवंगत कवि के बच्चों की शिक्षा को निरंतर जारी रखने और उनके भविष्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 25 हजार रुपये की एकमुश्त छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी परिवार की सबसे बड़ी पूंजी होती है और प्रतिभाशाली लोगों की विरासत उनके बच्चों के माध्यम से आगे बढ़ती है। ऐसे में बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
नरेन गोगोई के बच्चों को भी मिला सहयोग
इस अवसर पर मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने केवल जूनमणि दास के परिवार ही नहीं, बल्कि दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार नरेन गोगोई के बच्चों को भी 25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने कहा कि समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले साहित्यकारों और पत्रकारों के परिवारों को सहयोग देना एक सामाजिक दायित्व है।
देउराम तासा की स्मृति में वर्षों से चला रहे हैं छात्रवृत्ति अभियान
उल्लेखनीय है कि पवित्र मार्गेरिटा पिछले कई वर्षों से अपने परिवार की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार देउराम तासा की स्मृति में मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करते आ रहे हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी उन्होंने शिवसागर में आयोजित एक कार्यक्रम के माध्यम से दिवंगत कवि जूनमणि दास और वरिष्ठ पत्रकार नरेन गोगोई के बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की।
मंत्री ने कहा कि समाज के प्रतिभाशाली और समर्पित लोगों की स्मृतियों को जीवित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम उनके बच्चों की शिक्षा और भविष्य को सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री सहायता कोष से 1 लाख रुपये दिलाने का आश्वासन
पवित्र मार्गेरिटा ने परिवार को यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से जूनमणि दास के परिवार को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि परिवार को इस कठिन समय में कुछ राहत मिल सके।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से परिवार को आवश्यक सहयोग मिलेगा तथा बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाया जा सकेगा।
साहित्यिक जगत में शोक की लहर
गौरतलब है कि जूनमणि दास असमिया साहित्य जगत के उभरते हुए युवा कवियों में गिने जाते थे। उनकी असामयिक मृत्यु के बाद पूरे राज्य के साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी। विभिन्न साहित्यिक संगठनों, पत्रकार संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा सामाजिक संस्थाओं ने उनके निधन को असमिया साहित्य के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
मानवीय संवेदना का प्रेरक उदाहरण
केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा की इस पहल की स्थानीय लोगों, साहित्यकारों, पत्रकारों तथा सामाजिक संगठनों ने व्यापक सराहना की है। लोगों का कहना है कि यह कदम केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि कठिन समय में एक परिवार के साथ खड़े होने की मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। मंत्री की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि समाज के प्रतिभाशाली रचनाकारों और जनसेवकों की विरासत को सम्मान देने का सबसे अच्छा तरीका उनके परिवारों का संबल बनना है।




