शिवसागर में सीबीआई की मैराथन कार्रवाई : सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट हैक कर 5 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप : मुख्य आरोपी रिपु गोगोई उर्फ टाइकुम फरार, घर से कई दस्तावेज जब्त

शिवसागर, 19 जून : शिवसागर में शुक्रवार शाम को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने शहर के बीजी रोड स्थित रिपु गोगोई उर्फ टाइकुम नामक व्यक्ति के आवास पर करीब दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया।

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट हैक कर ठगी का आरोप
सूत्रों के अनुसार आरोप है कि टाइकुम के नेतृत्व में एक गिरोह ने भारत के उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट हैक कर सुप्रीम कोर्ट के नाम पर दिल्ली के व्यवसायी उदयन सहगल से करीब 5 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली।
बताया जा रहा है कि गिरोह ने सुप्रीम कोर्ट के पंजीयक अनूपम पात्रा के नाम पर व्यवसायी को धनराशि जमा करने का निर्देश दिया था। इसके बाद पत्र में दिए गए खाते में राशि जमा कराई गई और पूरी रकम गिरोह द्वारा निकाल ली गई।
चराईदेव की फर्म के खाते से हुआ लेन-देन
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बड़ी धनराशि को चराईदेव जिले की एक फर्म के बैंक खाते के माध्यम से संचालित किया गया। इसी कड़ी में सीबीआई ने पहले चराईदेव जिले में अभियान चलाया और फर्म से जुड़े लोगों से पूछताछ की।

चार लोगों से पूछताछ जारी
सीबीआई ने इस कथित जालसाजी में उपयोग हुई फर्म के स्वामी अमर जीवन गायन, युगांतर दीप गोगोई, प्रांजल प्रतिम दत्ता और मनोज अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। बताया गया है कि सीबीआई की तीन टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की।
सुप्रीम कोर्ट को बाद में हुई जालसाजी की जानकारी
सूत्रों के अनुसार धनराशि जमा होने और कथित ठगी के बाद इस पूरे मामले की जानकारी उच्चतम न्यायालय तक पहुंची। इसके बाद पंजीयक अनूपम पात्रा की ओर से सीबीआई में आर्थिक अपराध से संबंधित मामला दर्ज कराया गया। अप्रैल माह में केस संख्या 6/26 के तहत मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने शिवसागर और चराईदेव में कार्रवाई शुरू की।

सीबीआई के पहुंचने से पहले फरार हुआ टाइकुम
सीबीआई की टीम जब शिवसागर के बीजी रोड स्थित मुख्य आरोपी रिपु गोगोई उर्फ टाइकुम के आवास पर पहुंची, तब तक वह फरार हो चुका था। सूत्रों के अनुसार उसके डिमापुर की ओर भागने की आशंका जताई जा रही है।
घर से कई दस्तावेज जब्त
अभियान के दौरान सीबीआई ने टाइकुम के आवास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर आगे की जांच को गति मिलेगी।

सीबीआई ने मीडिया से बनाई दूरी
अभियान के बाद सीबीआई की टीम ने मीडिया के सामने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। फिलहाल जांच एजेंसी मामले की कड़ियों को जोड़ने, बैंक खातों की जांच करने और फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।




