शिवसागर में विकास एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा को लेकर दो महत्वपूर्ण बैठकें संपन्न : जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा : भूमि वर्ग परिवर्तन से जुड़े 24 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, विकास परियोजनाओं को मिलेगा नया बल

शिवसागर, 19 जून : शिवसागर जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पेयजल एवं स्वच्छता सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा भूमि संबंधी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला आयुक्त मृदुल यादव की अध्यक्षता में दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। जिला आयुक्त कार्यालय स्थित चुकाफा सभाकक्ष में आयोजित इन बैठकों में जल एवं स्वच्छता मिशन की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ भूमि वर्ग परिवर्तन से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

जल एवं स्वच्छता मिशन की प्रगति की समीक्षा
दिन की पहली बैठक जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की मई माह की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित की गई। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश चंद्र ठाकुरिया, जिला विकास आयुक्त पवित्र कुमार दास, डिमौ, शिवसागर, आमगुड़ी और गौरीसागर विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग (PWD), एपीडीसीएल तथा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, कार्य निष्पादन, सेवा वितरण प्रणाली तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाओं की उपलब्धता से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

गुणवत्तापूर्ण पेयजल और स्वच्छता सेवाओं पर जोर
समीक्षा बैठक में जिला आयुक्त मृदुल यादव ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध कार्य निष्पादन तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ स्वच्छता कार्यक्रमों को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
बैठक में जनसुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने, योजनाओं की निगरानी बढ़ाने तथा लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

भूमि वर्ग परिवर्तन संबंधी समिति की बैठक आयोजित
जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक के उपरांत जिला आयुक्त मृदुल यादव की अध्यक्षता में भूमि वर्ग परिवर्तन संबंधी जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त जिला आयुक्त (एडीसी) लुकुमणि बोरा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिले में भूमि की श्रेणी परिवर्तन से संबंधित कुल 24 प्रस्ताव एवं प्रतिवेदन विचारार्थ प्रस्तुत किए गए। कृषि, उद्योग एवं वाणिज्य, जल संसाधन, भूमि संरक्षण तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रत्येक प्रस्ताव के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की।

24 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
गहन विचार-विमर्श के उपरांत समिति ने सभी 24 प्रस्तावों और प्रतिवेदनों को स्वीकृति प्रदान कर दी। अधिकारियों का मानना है कि इन प्रस्तावों की मंजूरी से जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं, औद्योगिक गतिविधियों तथा अन्य सार्वजनिक हित से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
भूमि संबंधी प्रक्रियाओं के सरलीकरण से निवेश और आधारभूत संरचना विकास से जुड़े कार्यों को भी लाभ मिलने की संभावना व्यक्त की गई।

जनहित और समयबद्ध कार्यान्वयन पर जोर
दोनों बैठकों में जिला आयुक्त मृदुल यादव ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं की सफलता के लिए विभागीय समन्वय, समयबद्ध कार्यान्वयन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति, स्वच्छता, ग्रामीण विकास तथा भूमि प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठकों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

पारदर्शिता और दक्षता बनाए रखने के निर्देश
बैठकों में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, राजस्व चक्र अधिकारी तथा जिला स्तरीय समिति के सदस्य उपस्थित रहे और जिले के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बनाए रखते हुए विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।




