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शिवसागर में ओएनजीसी के खिलाफ चौथे दिन भी जोरदार प्रदर्शन : बाढ़ पीड़ितों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़ी वीर लाचित सेना असम : बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी : ओएनजीसी के परिवहन विभाग कार्यालय के सामने प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे पीड़ित परिवार : मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन तेज

जिला उपाध्यक्ष विष्णु सैकिया की ओएनजीसी को कड़ी चेतावनी—“प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देनी ही होगी”

शिवसागर, 8 अक्टूबर : असम के शिवसागर जिले में गत 19 जुलाई को आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग को लेकर तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के खिलाफ वीर लाचित सेना असम का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। संगठन ने प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग पर अपना रुख कायम रखते हुए आंदोलन और तेज कर दिया है। शिवसागर नगर स्थित ओएनजीसी के परिवहन विभाग कार्यालय के सामने आयोजित विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पीड़ित परिवारों के सदस्यों और वीर लाचित सेना असम के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने निगम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए बाढ़ पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

ओएनजीसी कार्यालय के सामने चौथे दिन भी जारी रहा धरना-प्रदर्शन

शिवसागर नगर स्थित ओएनजीसी के परिवहन विभाग कार्यालय के सामने लगातार चौथे दिन भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा। वीर लाचित सेना असम के नेतृत्व में आयोजित इस अनिश्चितकालीन आंदोलन में जिले के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे बाढ़ प्रभावित परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

प्रदर्शनकारियों ने ओएनजीसी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान ओएनजीसी विरोधी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन बाढ़ प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा और उन्हें आर्थिक राहत दिलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का संगठन का इरादा है।

19 जुलाई की विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए दो लाख रुपये की मांग

उल्लेखनीय है कि गत 19 जुलाई को शिवसागर जिले में आई विनाशकारी बाढ़ ने विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक तबाही मचाई थी। इस प्राकृतिक आपदा से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए थे और अनेक लोगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा था।

इसी पृष्ठभूमि में वीर लाचित सेना असम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत दिलाने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए आर्थिक सहायता आवश्यक है।

वीर लाचित सेना असम ने ओएनजीसी से प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। संगठन के अनुसार, यह राशि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों से उबरने में मदद कर सकती है।

जिला उपाध्यक्ष विष्णु सैकिया ने ओएनजीसी को दी कड़ी चेतावनी

विरोध प्रदर्शन के दौरान वीर लाचित सेना असम की शिवसागर जिला समिति के उपाध्यक्ष विष्णु सैकिया ने ओएनजीसी प्रबंधन के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 19 जुलाई की विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करनी ही होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन अपनी इस मांग से किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाला नहीं है।

विष्णु सैकिया ने ओएनजीसी प्रबंधन से बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनकी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। संगठन प्रभावित लोगों के अधिकारों और आर्थिक राहत की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगा।

बाढ़ पीड़ितों की भागीदारी से आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन

चौथे दिन के विरोध प्रदर्शन में शिवसागर जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। प्रभावित परिवारों के सदस्यों के साथ वीर लाचित सेना असम के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाई।

प्रदर्शनकारियों ने ओएनजीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आर्थिक सहायता की मांग दोहराई। उनका कहना था कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए निगम प्रबंधन को शीघ्र पहल करनी चाहिए।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य ओएनजीसी प्रबंधन का ध्यान बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता सुनिश्चित कराना है।

मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

वीर लाचित सेना असम ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग पूरी होने तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।

संगठन ने ओएनजीसी प्रबंधन से इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं की अनदेखी किए जाने पर उसका विरोध जारी रहेगा।

लगातार चार दिनों से चल रहे इस आंदोलन के कारण शिवसागर में बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आया है।

फिलहाल ओएनजीसी के परिवहन विभाग कार्यालय के सामने वीर लाचित सेना असम का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। संगठन अपनी दो लाख रुपये प्रति परिवार की मांग पर अडिग है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ओएनजीसी प्रबंधन प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।

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