एलेंगमोरा की बेटी विदिशा बोरा बनीं ‘नॉर्थ ईस्ट ब्यूटी क्वीन’ : 100 से अधिक प्रतिभागियों को पछाड़कर जीता खिताब, बनीं प्रतियोगिता की ब्रांड एम्बेसडर
सर्जरी के बाद भी नहीं टूटा हौसला, संघर्ष और आत्मविश्वास से हासिल की बड़ी सफलता

जोरहाट, 9 जून : जोरहाट जिले के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र स्थित एलेंगमोरा गांव की प्रतिभाशाली युवती विदिशा बोरा ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और प्रतिभा के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। आर.एस. क्रिएशन द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘नॉर्थ ईस्ट बेस्ट मॉम एंड एंजेल सीज़न-6’ प्रतियोगिता में विदिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘नॉर्थ ईस्ट ब्यूटी क्वीन’ का खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्हें प्रतियोगिता का ब्रांड एम्बेसडर भी घोषित किया गया।

प्रतियोगिता में पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच विदिशा ने अपने व्यक्तित्व, मंच संचालन क्षमता, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक प्रस्तुति और आकर्षक प्रदर्शन के बल पर निर्णायकों का दिल जीत लिया। उनकी इस सफलता की चर्चा अब पूरे जोरहाट जिले सहित असम के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही है।
चोट और सर्जरी के बावजूद नहीं छोड़ा सपना
विदिशा की यह उपलब्धि इसलिए और भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि प्रतियोगिता से कुछ समय पूर्व उनके पैर में गंभीर चोट लग गई थी। चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी, जिससे प्रतियोगिता में भाग लेने को लेकर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
हालांकि, कठिन परिस्थितियों के बावजूद विदिशा ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के बल पर न केवल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, बल्कि विजेता बनकर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने चुनौतियां टिक नहीं सकतीं।
बचपन से था मॉडलिंग और फैशन जगत में पहचान बनाने का सपना
विदिशा बोरा का बचपन से ही मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में विशेष रुचि रही है। वह हमेशा से एक सफल मॉडल और फैशन डिजाइनर बनने का सपना देखती रही हैं। अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता, यदि व्यक्ति में आत्मविश्वास, अनुशासन और कठिन परिश्रम करने की क्षमता हो।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया। यही विश्वास उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना।
असम की संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का सपना
विदिशा का कहना है कि भविष्य में वह फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं। उनका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक परिधान और लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाना भी है।
असमिया संस्कृति और परंपराओं से गहरा जुड़ाव रखने वाली विदिशा ने कहा कि वह जहां भी जाएंगी, अपने गांव एलेंगमोरा, जोरहाट और असम का नाम गर्व से प्रस्तुत करेंगी तथा अपनी संस्कृति को दुनिया के सामने सम्मानपूर्वक प्रदर्शित करने का प्रयास करती रहेंगी।
परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल
विदिशा बोरा किसान बुबु बोरा और निजू बोरा की इकलौती पुत्री हैं। वह भारतीय सेना में कार्यरत कैप्टन विशाल बोरा तथा अनुज बोरा की एकमात्र बहन हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और पूरे एलेंगमोरा क्षेत्र में खुशी और गर्व का वातावरण है।
स्थानीय लोगों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों तथा शुभचिंतकों ने विदिशा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता क्षेत्र की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनका संघर्ष यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण बना रहे, तो सफलता अवश्य मिलती है।
युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
विदिशा बोरा की सफलता केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति की एक प्रेरणादायक कहानी है। चोट, सर्जरी और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने जिस प्रकार अपने सपनों को साकार किया है, वह असम के युवाओं के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरा है।
उनकी इस उपलब्धि ने न केवल एलेंगमोरा गांव और जोरहाट जिले का गौरव बढ़ाया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली प्रतिभाएं अवसर मिलने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।




