बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास की दिशा में मानवीय पहल—निमाइजान में 150 प्रभावित परिवारों को मिली आर्थिक सहायता : असम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में डीएलएसए शिवसागर की पहल, असमिया क्लब तेजपुर के सहयोग से आयोजित हुआ सहायता वितरण कार्यक्रम : प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को ₹4,500 का चेक प्रदान; प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों को मिला आर्थिक संबल
असमिया क्लब तेजपुर की सलाहकार अरुणा देवी के सहयोग से बाढ़ राहत के लिए डीएलएसए शिवसागर को प्राप्त हुए कुल ₹2,23,101 : गुवाहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं एएसएलएसए के कार्यकारी अध्यक्ष समेत न्यायिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

शिवसागर, 12 सितंबर : विनाशकारी बाढ़ की मार झेल रहे जरूरतमंद परिवारों को राहत और आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में शिवसागर जिले के 233 नंबर निमाइजां प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। असम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (ASLSA) के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), शिवसागर की पहल तथा असमिया क्लब, तेजपुर के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में इलाके के 150 बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

150 परिवारों को 4,500-4,500 की आर्थिक सहायता
बाढ़ के कारण प्रभावित हुए जरूरतमंद परिवारों को तत्काल आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में 150 परिवारों को प्रति परिवार ₹4,500 के चेक प्रदान किए गए। इस सहायता के माध्यम से प्राकृतिक आपदा के बाद कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे परिवारों को कुछ आर्थिक राहत देने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के बाद पुनर्वास की प्रक्रिया केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि न्यायिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदाय के समन्वित सहयोग से प्रभावित लोगों तक प्रभावी सहायता पहुंचाई जा सकती है।

बाढ़ सहायता के लिए डीएलएसए को मिले ₹2,23,101
इस मानवीय पहल में असमिया क्लब, तेजपुर की सलाहकार अरुणा देवी का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उनके सहयोग से बाढ़ राहत के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिवसागर को कुल ₹2,23,101 की राशि प्राप्त हुई।
असमिया क्लब, तेजपुर के सहयोग ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए चलाए गए इस सहायता अभियान को मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम के माध्यम से संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़े होने और सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।

वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
आर्थिक सहायता वितरण कार्यक्रम में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं असम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष ज्योथांगखुमा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ असम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव देवाशीष भट्टाचार्य, जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिवसागर की अध्यक्ष श्रीमती अद्री भट्टाचार्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिवसागर के सचिव सौमार ज्योति दत्ता भी मौजूद रहे।
वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने से कार्यक्रम ने विशेष महत्व प्राप्त किया। इस अवसर ने आपदा प्रभावित लोगों तक प्रत्यक्ष सहयोग पहुंचाने के साथ समाज के जरूरतमंद वर्ग के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय दायित्व का संदेश भी दिया।

असमिया क्लब तेजपुर ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में असमिया क्लब, तेजपुर ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। बाढ़ से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनकी तात्कालिक जरूरतों में सहयोग की भावना से क्लब की भागीदारी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
विशेष रूप से क्लब की सलाहकार अरुणा देवी के सहयोग से बाढ़ सहायता के लिए डीएलएसए शिवसागर को ₹2,23,101 प्राप्त होना सामाजिक सहभागिता का उल्लेखनीय उदाहरण बना। इस सहयोग के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने की पहल को आगे बढ़ाया गया।

स्थानीय जनता और विद्यालय का भी मिला सहयोग
कार्यक्रम के सुचारु संचालन में स्थानीय जनता ने भी उल्लेखनीय सहयोग प्रदान किया। 233 नंबर निमाइजां प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न पक्षों के समन्वय ने यह प्रदर्शित किया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए संस्थागत प्रयासों के साथ जमीनी स्तर पर स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

आर्थिक सहायता से आगे सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश
निमाइजां में आयोजित यह कार्यक्रम केवल आर्थिक सहायता वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाढ़ की त्रासदी से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए न्यायिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, विद्यालय और स्थानीय समुदाय के साझा प्रयास का उदाहरण भी बना।
150 बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹4,500-₹4,500 की आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ कार्यक्रम ने संकट के समय जरूरतमंदों के साथ खड़े रहने, सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से पुनर्वास की राह आसान बनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।




