मवेशी चोरी के कथित गिरोह के खिलाफ जयसागर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पीछा कर कार समेत एक आरोपी को दबोचा : तड़के करीब 3 बजे मिली सूचना के बाद पुलिस ने शुरू किया पीछा, तेज रफ्तार टियागो कार जयसागर तिनियाली के पास खाई में पलटी : दुर्घटनाग्रस्त AS05-H-8883 नंबर की टियागो कार से बरदुल हुसैन गिरफ्तार, एक बछड़ा बरामद
बारिश और अंधेरे का फायदा उठाकर दूसरा संदिग्ध इमरान हुसैन फरार, तलाश में कई पुलिस टीमें सक्रिय : भागने के दौरान कार ने एक परिवार की चारदीवारी को भी मारी जोरदार टक्कर

शिवसागर, 12 सितंबर : कथित मवेशी चोरी में शामिल एक गिरोह के खिलाफ जयसागर पुलिस ने तड़के अभियान चलाते हुए एक संदिग्ध को पकड़ने तथा एक बछड़े को बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने कथित तौर पर चोरी का मवेशी लेकर जा रही AS05-H-8883 नंबर की टियागो कार का काफी दूर तक पीछा किया। तेज रफ्तार से भागने के दौरान वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में पलट जाने के बाद पुलिस ने उसमें सवार बरदुल हुसैन को पकड़ लिया। वहीं कार में मौजूद दूसरा संदिग्ध इमरान हुसैन बारिश और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

तड़के 3 बजे मिली सूचना, तुरंत हरकत में आई जयसागर पुलिस
प्राप्त जानकारी के अनुसार तड़के करीब तीन बजे जयसागर पुलिस को सूचना मिली कि शहर की दिशा से एक टियागो कार में कथित रूप से चोरी का मवेशी लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और संदिग्ध वाहन की पहचान कर उसे रोकने का प्रयास किया।
बताया गया कि पुलिस की ओर से वाहन को रोकने की कोशिश के बावजूद चालक ने कथित तौर पर घेराबंदी को पार कर तेज रफ्तार में एटी रोड के रास्ते जयसागर की ओर भागने का प्रयास किया। इसके बाद जयसागर पुलिस ने वाहन का पीछा शुरू कर दिया।
बारिश के बीच तेज रफ्तार में भागती रही कार
तड़के बारिश और अंधेरे के बीच संदिग्ध कार काफी तेज रफ्तार से आगे बढ़ती रही। पुलिस भी लगातार उसका पीछा करती रही। बारिश के कारण सड़क की स्थिति और कम दृश्यता के बीच तेज रफ्तार में वाहन चलाए जाने से स्थिति जोखिमपूर्ण हो गई।
आखिरकार जयसागर तिनियाली स्थित होटल डी’ओ वेलेंट के समीप टियागो कार चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क किनारे खाई में जा गिरी। वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते ही पीछा कर रही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।

कार से बरदुल हुसैन गिरफ्तार, बछड़ा भी बरामद
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन में सवार एक व्यक्ति को मौके पर पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार उसकी पहचान शिवसागर जिले के डिमौ सह-जिला अंतर्गत थावरा बामुनबाड़ी गांव निवासी बरदुल हुसैन के रूप में हुई है।
वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस ने उसमें से एक बछड़ा भी बरामद किया। इसके साथ ही कथित तौर पर मवेशी ले जाने में इस्तेमाल की गई AS05-H-8883 नंबर की टियागो कार को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। अब बरामद मवेशी, वाहन और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
बारिश और अंधेरे का फायदा उठाकर इमरान हुसैन फरार
कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसमें सवार एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार होने में सफल रहा। बताया गया है कि उसने बारिश और अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस की पहुंच से बचने की कोशिश की।
पकड़े गए बरदुल हुसैन से मिली जानकारी के आधार पर फरार संदिग्ध की पहचान इमरान हुसैन के रूप में बताई गई है। वह भी थावरा बामुनबाड़ी गांव का निवासी बताया जा रहा है। हालांकि फरार व्यक्ति की कथित भूमिका सहित पूरे मामले की पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद होगी।

दलदली इलाके में छिपे होने की आशंका, कई पुलिस टीमें तलाश में
फरार संदिग्ध को पकड़ने के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। कई पुलिस टीमें उसकी तलाश में लगाई गई हैं।
पुलिस को आशंका है कि फरार व्यक्ति दुर्घटनास्थल के समीप स्थित किसी दलदली इलाके में छिपा हो सकता है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखा गया है।
भागने के दौरान परिवार की चारदीवारी को मारी टक्कर
पुलिस से बचकर भाग रही कार की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रास्ते में वाहन ने कथित तौर पर एक परिवार के परिसर की चारदीवारी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज बताई गई कि चारदीवारी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
इसके बावजूद संदिग्ध वाहन वहां नहीं रुका और आगे बढ़ता रहा। आखिरकार जयसागर तिनियाली के समीप चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क किनारे खाई में जा गिरा।
कथित गिरोह के अन्य पहलुओं की जांच में जुटी पुलिस
जयसागर पुलिस की इस कार्रवाई में फिलहाल एक संदिग्ध को पकड़ने, एक बछड़े को बरामद करने और कथित वारदात में इस्तेमाल कार को कब्जे में लेने में सफलता मिली है। दूसरे संदिग्ध की तलाश लगातार जारी है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित मवेशी चोरी के पीछे और कौन लोग शामिल हो सकते हैं, बरामद बछड़ा कहां से लाया गया था और आरोपियों का संबंध पूर्व में हुई ऐसी किसी अन्य घटना से है या नहीं। फरार संदिग्ध की गिरफ्तारी और आगे की जांच के बाद कथित गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने की संभावना है।
फिलहाल पकड़े गए और फरार बताए जा रहे व्यक्तियों से जुड़े आरोप पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।




