जोरहाट पुलिस की बड़ी कार्रवाई : सरकारी कर्मचारी के घर से अवैध .22 पिस्तौल और 23 कारतूस बरामद : नागालैंड कनेक्शन आया सामने, 50 हजार रुपये में खरीदे जाने का दावा : हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
एडिशनल एसपी अभिषेक यादव के नेतृत्व में विशेष अभियान सफल : आरोपी विजय कृष्ण बोरा गिरफ्तार

जोरहाट, 1 जुलाई : असम के जोरहाट जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तिताबर थाना क्षेत्र के काकिलामुख स्थित निजबालीगांव में बुधवार सुबह की गई छापेमारी के दौरान एक सरकारी कर्मचारी के घर से अवैध .22 बोर की पिस्तौल और 23 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से आरोपी विजय कृष्ण बोरा को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने हथियार नागालैंड के वोखा जिले के भंडारी क्षेत्र से खरीदने की बात स्वीकार की है, जिसके बाद इस मामले में अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।

विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई
जोरहाट पुलिस द्वारा हाल के दिनों में जिले में अवैध हथियारों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एडिशनल एसपी (क्राइम) अभिषेक यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर काकिलामुख के निजबालीगांव में छापेमारी की।
इस अभियान में इंस्पेक्टर उत्पल दत्ता, बोरहोला थाना प्रभारी बिपुल गोगोई, सब-इंस्पेक्टर आकाश गोगोई तथा सब-इंस्पेक्टर जतिन बोरा सहित पुलिस की विशेष टीम शामिल रही।
सरकारी कर्मचारी के घर से मिली अवैध पिस्तौल
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपी विजय कृष्ण बोरा के घर से एक .22 बोर की अवैध पिस्तौल तथा 23 जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने जब आरोपी से हथियार के वैध लाइसेंस या दस्तावेज मांगे तो वह कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।
इसके बाद पुलिस ने हथियार और कारतूस जब्त कर आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विजय कृष्ण बोरा काकिलामुख के निजबालीगांव का निवासी है और नागाबात स्थित शंकर माधव विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत है।
सरकारी कर्मचारी के घर से अवैध हथियार मिलने की घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
पूछताछ में सामने आया नागालैंड कनेक्शन
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने यह पिस्तौल नागालैंड के वोखा जिले के भंडारी क्षेत्र के एक व्यक्ति से लगभग 50 हजार रुपये में खरीदी थी।
इस खुलासे के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किस माध्यम से असम लाया गया, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या इसके पीछे कोई संगठित अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह सक्रिय है।

अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क की होगी गहन जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब जांच केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हथियार की खरीद-बिक्री की पूरी सप्लाई चेन, संपर्क सूत्रों तथा संभावित तस्करी नेटवर्क की भी विस्तृत जांच की जाएगी।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी का किसी आपराधिक गिरोह अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों से कोई संबंध है या नहीं।
हालिया फायरिंग की घटना के बाद तेज हुआ अभियान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाल ही में इकरानी क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना के बाद जिलेभर में अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान यह महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है।
पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय अवैध हथियारों के नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है तथा पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में अन्य गिरफ्तारियां भी संभव हैं। फिलहाल जब्त हथियार और कारतूस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।




