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शिवसागर के आमोलापट्टी में गैस रिसाव से मचा हड़कंप : असम गैस कंपनी की पाइपलाइन से घंटों तक निकलती रही गैस : सूचना के तीन घंटे बाद भी नहीं पहुंची तकनीकी टीम : फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की तत्परता से टला बड़ा हादसा

व्यस्त बाजार क्षेत्र में गैस रिसाव से दहशत : एजीसीएल की आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था पर उठे सवाल

शिवसागर, 13 जून : ऊपरी असम के ऐतिहासिक शिवसागर शहर के व्यस्त आमोलापट्टी एचसीबी रोड क्षेत्र में शनिवार को गैस रिसाव की एक गंभीर घटना सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। असम गैस कंपनी लिमिटेड (एजीसीएल) की गैस आपूर्ति पाइपलाइन से लगातार गैस निकलने के कारण स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते स्थानीय नागरिकों की सतर्कता और अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।

जानकारी के अनुसार घटना अमोलापट्टी टेम्पो स्टैंड के समीप स्थित एक गैरेज के सामने हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार सुबह लगभग 10 बजे पाइपलाइन से गैस का रिसाव शुरू हुआ। कुछ ही देर में क्षेत्र में गैस की तीव्र गंध फैल गई और पाइपलाइन से निकल रही गैस की आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई देने लगी। इससे आसपास मौजूद लोगों में भय और चिंता का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गैस रिसाव की जानकारी तत्काल असम गैस कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों को दे दी गई थी। लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद लगभग तीन घंटे तक कंपनी का कोई कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ या आपातकालीन दल घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। इस दौरान लगातार गैस रिसाव जारी रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी भी बढ़ती रही।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के घनी आबादी वाले और अत्यंत व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में इस प्रकार की घटना अत्यंत गंभीर मानी जानी चाहिए थी। लोगों ने आरोप लगाया कि इतनी संवेदनशील स्थिति में कंपनी की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन तथा राज्य अग्निशमन एवं फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग को भी सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। अग्निशमन कर्मियों ने रिसाव वाले क्षेत्र की घेराबंदी की, लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी तथा आसपास किसी भी प्रकार की आग या चिंगारी उत्पन्न न हो इसके लिए विशेष सावधानी बरती।

विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक गैस अत्यंत ज्वलनशील होती है और ऐसी स्थिति में छोटी सी चिंगारी भी बड़े विस्फोट का कारण बन सकती है। ऐसे में यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते तो घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में भारी जनहानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

फायर सर्विस की तत्परता और स्थानीय नागरिकों की सतर्कता के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई। हालांकि घटना ने शहर की गैस आपूर्ति व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने असम गैस कंपनी लिमिटेड की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की समीक्षा किए जाने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि गैस पाइपलाइन जैसी संवेदनशील व्यवस्था के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इसलिए कंपनी को त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली तकनीकी टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।

स्थानीय निवासियों ने यह भी मांग की है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में बिछाई गई गैस पाइपलाइनों का नियमित निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पाइपलाइन नेटवर्क के रखरखाव और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाना चाहिए।

फिलहाल अग्निशमन विभाग द्वारा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। वहीं स्थानीय लोगों ने मांग की है कि घटना की विस्तृत जांच कर यह पता लगाया जाए कि गैस रिसाव किस कारण हुआ और सूचना मिलने के बावजूद कंपनी की तकनीकी टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में इतना समय क्यों लगा।

अमोलापट्टी जैसी घनी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों वाले क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर शहरी सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और गैस पाइपलाइन रखरखाव व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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