शिवसागर जिला शिक्षा क्षेत्र में चमका सितारा : पीजीआई-डी 2024-25 में उत्तम-3 ग्रेड हासिल : असम का टॉप परफॉर्मर जिला बना
शिवसागर जिले की यह सफलता केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि शिक्षकों, छात्रों की लगन और प्रशासन की दूरदर्शी योजना का जीवंत प्रमाण - डॉ. समीरन बोरा

शिवसागर 10 मई : शिवसागर जिले ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स डिस्ट्रिक्ट (पीजीआई-डी) 2.0 2024-25 रिपोर्ट में शिवसागर जिले ने पूरे असम राज्य में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों में प्रमुख स्थान हासिल किया है। जिले ने 600 अंकों में से 372 अंक प्राप्त कर उत्तम-3 ग्रेड हासिल किया है। यह उपलब्धि जिले के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, सीआरसीसी और प्रशासनिक अधिकारियों की अथक मेहनत का परिणाम है।
पीजीआई-डी रिपोर्ट के अनुसार शिवसागर जिले का डोमेन-वार शानदार प्रदर्शन रहा। जिले ने विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं। जिनमें आउटकम्स में 290 में से 156 अंक, इफेक्टिव क्लासरूम ट्रांजेक्शन में 90 में से 71 अंक, इन्फ्रास्ट्रक्चर में 51 में से 41 अंक, गवर्नेंस प्रोसेसेस में 84 में से 69 अंक का प्रदर्शन शामिल है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि शिवसागर में न केवल कक्षाओं का प्रभावी संचालन हो रहा है, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और शासन व्यवस्था में भी मजबूत सुधार हुआ है।
उल्लेखनीय है कि पीजीआई रिपोर्ट के अनुसार राज्य स्तर पर भी असम ने ऐतिहासिक छलांग लगाई है। शिवसागर की इस सफलता असम राज्य की समग्र शिक्षा क्रांति का हिस्सा है। पीजीआई 2.0 2024-25 रिपोर्ट में असम राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर 27वें स्थान से 12वें स्थान पर छलांग लगाई है। मात्र एक वर्ष में 15 पायदान की उछाल जो कि देशभर में सबसे तेज सुधारों में शामिल है। राज्य का समग्र स्कोर 2023-24 के 511.5 से बढ़कर 2024-25 में 593.6 हो गया है। अर्थात 82.1 अंकों की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। ग्रेडिंग में असम आकांक्षी-2 से प्रचेष्टा-3 श्रेणी में उन्नत हुआ है।
असम की विशेष उपलब्धियों में शासन प्रक्रियाओं में उत्तम-3 ग्रेड जो कि पूरे देश में केवल चार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ही यह सम्मान मिला है। समता क्षेत्र में उत्तम-1 ग्रेड प्राप्त किया। रिपोर्ट 70 संकेतकों पर आधारित है। जिसमें सीखने के नतीजे, पहुंच, शिक्षक उपलब्धता, बुनियादी ढांचा और शासन जैसे छह प्रमुख डोमेन शामिल हैं। इस सुधार को समग्र शिक्षा अभियान, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, डिजिटल शिक्षा पहल और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास योजनाओं का नतीजा माना जा रहा है।
शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू ने इस उपलब्धि को असम के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा है कि यह असम की शिक्षा क्षेत्र की सामूहिक सफलता है। शिक्षकों, सीआरसीसी, छात्र-छात्राओं और अधिकारियों की निष्ठा और समर्पण से ही यह संभव हुआ है। सरकार ने स्कूल शिक्षा को और मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए थे।
शिवसागर जिले के स्कूल इंस्पेक्टर एवं जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी डॉ. समीरन बोरा ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि समर्पण और सामूहिक प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। शिवसागर जिले की यह सफलता केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि हमारे शिक्षकों की रचनात्मकता, छात्रों की लगन और प्रशासन की दूरदर्शी योजना का जीवंत प्रमाण है। हमने कक्षाओं में शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने, डिजिटल टूल्स का प्रभावी उपयोग करने, हर बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने और स्कूलों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया। सीआरसीसी कोऑर्डिनेटर्स की नियमित निगरानी, शिक्षक प्रशिक्षण और अभिभावकों के सहयोग ने इस उपलब्धि को मूर्त रूप दिया है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। हमारा लक्ष्य अगले वर्ष और बेहतर स्कोर हासिल करना तथा शिवसागर को न केवल असम बल्कि पूरे देश के सर्वश्रेष्ठ जिलों में शामिल करना है। हर शिक्षक, हर छात्र और हर अधिकारी को मेरा आह्वान है कि आइए, हम मिलकर शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे मजबूत माध्यम बनाएं। समर्पण, नवाचार और निरंतरता यही हमारी सफलता की कुंजी है। डॉ. बोरा की इस प्रेरणादायक अपील ने जिले में नई ऊर्जा का संचार किया है।
असम सरकार का लक्ष्य है कि अगले वर्ष और अधिक जिले उत्तम श्रेणी में पहुंचें। शिवसागर सहित पूरे राज्य में सुधार के सकारात्मक संकेत दिख रहे हैं। यह उपलब्धि केंद्र सरकार की स्कूल शिक्षा सुधार योजनाओं को राज्य स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का उत्कृष्ट उदाहरण है। शिवसागर जिले की इस उपलब्धि पर पूरे असम को गर्व है। यह साबित करता है कि सही दिशा, समर्पण और सामूहिक प्रयास से शिक्षा के क्षेत्र में चमत्कार संभव हैं।




