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नगांव उपचुनाव में 76 प्रतिशत से अधिक मतदान—त्रिकोणीय मुकाबले में अल्पसंख्यक वोट बन सकते हैं निर्णायक : छिटपुट शिकायतों और कई केंद्रों पर EVM में तकनीकी खराबी के बावजूद मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न : भाजपा के देवाशीष शर्मा, AIUDF के बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस की शिवामणि बोरा के बीच मुख्य मुकाबला—15 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद

बरखात के दो मतदान केंद्रों पर कांग्रेस ने लगाया रिगिंग का आरोप—भाजपा विधायक जीतू गोस्वामी के खिलाफ कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर पुनर्मतदान की मांग : 3,056 CCTV कैमरों से निगरानी—मतदान के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच EVM स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित

नगांव, 6 अक्टूबर : कुछ छिटपुट घटनाओं, चुनावी अनियमितताओं के आरोपों और कई मतदान केंद्रों पर EVM में तकनीकी खराबी के बावजूद 9 नंबर नगांव लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव की मतदान प्रक्रिया सोमवार को समग्र रूप से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे समाप्त हुआ। शाम तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार निर्वाचन क्षेत्र में 76 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। हालांकि अंतिम आंकड़े जारी होने के बाद मतदान प्रतिशत में मामूली बदलाव संभव है।

उपलब्ध Polling Trends में मतदान का आंकड़ा 76.01 प्रतिशत दिखाया गया, जबकि प्रकाशित 2,265 केंद्रों के Trends में यह 76.00 प्रतिशत था। उस समय कुल 2,312 केंद्रों में से 2,270 केंद्रों का डेटा दर्ज हो चुका था और 42 केंद्रों का डेटा शेष था। ऐसे में अंतिम मतदान प्रतिशत निर्वाचन अधिकारियों द्वारा संपूर्ण आंकड़े जारी किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा।

सामागुड़ी में सर्वाधिक 80.22 प्रतिशत मतदान

विधानसभा क्षेत्रवार उपलब्ध Polling Trends के मुताबिक सामागुड़ी में सर्वाधिक 80.22 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद लाहरीघाट में 78.88 प्रतिशत, धींग में 77.93 प्रतिशत, रूपहीहाट में 77.67 प्रतिशत, जागीरोड में 76.62 प्रतिशत, मोरीगांव में 72.85 प्रतिशत, नगांव-बटद्रवा में 72.01 प्रतिशत और राहा में 70.29 प्रतिशत मतदान का रुझान सामने आया।

कांग्रेस नेता रकीबुल हुसैन का मजबूत प्रभाव क्षेत्र माने जाने वाले सामागुड़ी में सर्वाधिक मतदान दर्ज होना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

15 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद—त्रिकोणीय मुकाबले की चर्चा

उपचुनाव के लिए शुरुआत में 25 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें से सात उम्मीदवारों के नामांकन खारिज हो गए, जबकि तीन ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद चुनाव मैदान में 15 उम्मीदवार रह गए, जिनकी राजनीतिक किस्मत अब EVM में कैद है।

राजनीतिक हलकों में मुख्य मुकाबला भाजपा के देवाशीष शर्मा, AIUDF के बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस की शिवामणि बोरा के बीच त्रिकोणीय माना जा रहा है।

19 लाख से अधिक मतदाता—अल्पसंख्यक वोटों पर विशेष नजर

प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार नगांव लोकसभा क्षेत्र में कुल 19,02,009 मतदाता हैं। इनमें 9,58,595 पुरुष और 9,43,364 महिला मतदाता हैं, जबकि तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या 50 बताई गई है। इसके अलावा 10,782 D-Voters होने की जानकारी दी गई है।

दिए गए जनसांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार निर्वाचन क्षेत्र में हिंदू मतदाताओं की हिस्सेदारी 39.65 प्रतिशत और अल्पसंख्यक मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी 60.35 प्रतिशत बताई गई है। ऐसे में तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मुकाबले में अल्पसंख्यक मतों का विभाजन या एकतरफा झुकाव चुनाव परिणाम को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।

कई मतदान केंद्रों पर EVM खराब—गर्मी में कतारों में फंसे मतदाता

मतदान के दौरान कई केंद्रों से EVM में तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आईं। मैराबाड़ी के 114 नंबर उलुबाड़ी प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर सुबह करीब 9.30 बजे EVM खराब होने की शिकायत मिली। इसी केंद्र पर स्थानीय विधायक आसिफ नजर को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था।

राहा के 42 नंबर शिउगुड़ी प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर महज 45 वोट पड़ने के बाद मशीन खराब होने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा राहा विधानसभा क्षेत्र के दिघलीआटी स्कूल स्थित 213 नंबर केंद्र, रूपहीहाट के शिंगारी स्थित 58 नंबर केंद्र और मोरीगांव के पूर्व सिधाबाड़ी स्थित 72 नंबर केंद्र पर भी EVM में खराबी की शिकायतें मिलीं।

तकनीकी समस्या के कारण कई मतदाताओं को तेज गर्मी में लंबे समय तक कतारों में इंतजार करना पड़ा। बाद में चुनाव अधिकारियों ने आवश्यक मरम्मत अथवा मशीन बदलकर मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई।

बरखात के 123 और 125 नंबर बूथ पर रिगिंग का आरोप

इसी बीच बरखात क्षेत्र के 123 और 125 नंबर मतदान केंद्रों पर कांग्रेस ने भाजपा विधायक जीतू गोस्वामी पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कथित रूप से वोट रिगिंग करने का गंभीर आरोप लगाया। इस मामले में सांसद रकीबुल हुसैन द्वारा चुनाव अधिकारियों और संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई है।

प्रदेश कांग्रेस ने कथित घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोनों मतदान केंद्रों पर मतदान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने, आरोपों की जांच कर विधायक जीतू गोस्वामी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर दोनों केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने की मांग की।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध जानकारी में संबंधित भाजपा विधायक अथवा निर्वाचन अधिकारियों की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

चुनाव ड्यूटी में 11,535 कर्मचारी

उपचुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सहायक केंद्रों सहित निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें पांच मॉडल मतदान केंद्र और 335 पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित मतदान केंद्र शामिल थे।

पूरी चुनाव प्रक्रिया को संचालित करने के लिए 11,535 चुनाव कर्मियों को तैनात किया गया था।

1,339 मतदान केंद्रों पर 3,056 CCTV कैमरों से निगरानी

नगांव जिले के अंतर्गत आने वाले 55 नंबर धींग, 56 नंबर रूपहीहाट, 58 नंबर सामागुड़ी, 60 नंबर नगांव-बटद्रवा और 61 नंबर राहा (अनुसूचित जाति) विधानसभा क्षेत्रों के कुल 1,339 मतदान केंद्रों पर 3,056 CCTV कैमरे लगाए गए थे। इनके माध्यम से मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला आयुक्त आरण्यक सैकिया सुबह से ही मुख्य मॉनिटरिंग सेल में मौजूद रहे और डिजिटल माध्यम से मतदान प्रक्रिया की निगरानी की। उनके प्रत्यक्ष नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हुए व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने का प्रयास किया।

मतदान खत्म होते ही शुरू हुई EVM और चुनाव सामग्री जमा करने की प्रक्रिया

मतदान समाप्त होने के बाद प्रिसाइडिंग ऑफिसर तथा प्रथम, द्वितीय और तृतीय पोलिंग अधिकारियों ने अपने-अपने मतदान केंद्रों से EVM, आवश्यक दस्तावेज और अन्य चुनाव सामग्री निर्धारित संग्रह केंद्रों तक पहुंचानी शुरू की।

शहर के मध्य स्थित सरकारी उच्चतर माध्यमिक बालक विद्यालय तथा डॉसन उच्चतर माध्यमिक एवं बहुमुखी विद्यालय में चुनाव सामग्री जमा करने की व्यवस्था की गई थी। जिला आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आरण्यक सैकिया ने इन महत्वपूर्ण केंद्रों का दौरा कर पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वी. वी. राकेश रेड्डी की मौजूदगी में जिला आयुक्त ने दिनभर चुनाव ड्यूटी निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की तथा जिम्मेदारियों के सुचारु निर्वहन के लिए उनके प्रयासों की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।

कड़ी सुरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं EVM

संग्रह केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। जमा की गई EVM और अन्य चुनाव सामग्री को निर्धारित नियमों के अनुरूप सुरक्षित तरीके से स्ट्रॉन्ग रूम में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

दिनभर की व्यस्त चुनावी ड्यूटी समाप्त होने के बाद धींग, रूपहीहाट, सामागुड़ी, नगांव-बटद्रवा और राहा से आए चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से रात्रिभोज किया। प्रशासन के मुताबिक इस आयोजन ने चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के बीच आपसी सौहार्द और एकजुटता की भावना को मजबूत किया।

प्रद्युत बरदलै के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट

उल्लेखनीय है कि नगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रद्युत बरदलै के इस्तीफे के बाद यह संसदीय सीट खाली हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने इसी वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर दिसपुर से चुनाव लड़ा और विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए, जिसके बाद नगांव लोकसभा सीट रिक्त हुई।

अब मतदान समाप्त होने के साथ ही 15 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत EVM में बंद हो चुकी है। भारी मतदान, त्रिकोणीय मुकाबला और निर्वाचन क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं की बड़ी हिस्सेदारी को देखते हुए नगांव लोकसभा उपचुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है।

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