शिवसागर में अपराध नियंत्रण पर बड़ा मंथन—लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और पुलिस-अभियोजन समन्वय पर जोर : आईजीपी कंकन ज्योति सैकिया और एसएसपी पापोरी चेतिया की मौजूदगी में क्राइम कॉन्फ्रेंस एवं समीक्षा बैठक!: जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अद्री भट्टाचार्य, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रंजन ब्रह्म और लोक अभियोजकों ने लिया हिस्सा
जांच से अभियोजन तक हुई विस्तृत समीक्षा—जिले की कानून-व्यवस्था और थानावार लंबित मामलों पर अधिकारियों ने किया मंथन

शिवसागर, 5 अक्टूबर : शिवसागर जिले में अपराध नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, विभिन्न पुलिस थानों में लंबित आपराधिक मामलों की प्रगति की समीक्षा करने तथा जांच और अभियोजन प्रक्रिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से रविवार को एक महत्वपूर्ण क्राइम कॉन्फ्रेंस एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शहर के होटल ब्रह्मपुत्र के सभागार में आयोजित बैठक में जिले की समग्र कानून-व्यवस्था से लेकर लंबित मामलों की जांच और अभियोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी), ईस्टर्न रेंज कंकन ज्योति सैकिया तथा शिवसागर जिले की एसएसपी पापोरी चेतिया की मौजूदगी में जिले में अपराध की स्थिति, पुलिस व्यवस्था, लंबित मामलों की प्रगति तथा विभिन्न थानों के स्तर पर कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

न्यायपालिका, अभियोजन और पुलिस के अधिकारी एक मंच पर
क्राइम कॉन्फ्रेंस की एक महत्वपूर्ण विशेषता न्यायपालिका, अभियोजन पक्ष और पुलिस विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता रही। बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्रीमती अद्री भट्टाचार्य, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रंजन ब्रह्म तथा लोक अभियोजक बिप्लव बोरा एवं धीराज दत्त विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विभिन्न पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। सभी संबंधित पक्षों की मौजूदगी में आपराधिक मामलों की जांच से लेकर अदालत में अभियोजन की प्रक्रिया तक विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
लंबित मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान जिले के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज लंबित आपराधिक मामलों की वर्तमान स्थिति और जांच की प्रगति को प्रमुखता से समीक्षा के दायरे में रखा गया। मामलों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और उनके समयबद्ध निपटारे को सुनिश्चित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों ने चर्चा की।
लंबित मामलों के निपटारे के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों के साथ जांच एवं अभियोजन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर भी मंथन किया गया। अधिकारियों ने मामलों की प्रगति की नियमित समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि जांच प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

पुलिस और अभियोजन के बेहतर तालमेल पर विशेष जोर
क्राइम कॉन्फ्रेंस में पुलिस जांच और अभियोजन प्रक्रिया के बीच बेहतर समन्वय को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इससे जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। किसी भी आपराधिक मामले में जांच पूरी होने से लेकर अदालत में अभियोजन की प्रक्रिया तक संबंधित पक्षों के बीच प्रभावी तालमेल की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
जांच को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने तथा न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के उपायों पर भी अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया। बैठक में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया कि पुलिस और अभियोजन पक्ष के बीच नियमित संवाद एवं समन्वय से लंबित मामलों को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
जिले की कानून-व्यवस्था पर भी व्यापक मंथन
बैठक केवल लंबित मामलों की समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि शिवसागर जिले की समग्र कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तार से मंथन किया गया। अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था तथा विभिन्न थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक विषयों पर चर्चा की गई।
जिले में प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराध नियंत्रण तंत्र को और मजबूत करने तथा थानों के स्तर पर मामलों की निगरानी और समीक्षा को प्रभावी बनाने पर भी विचार किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों की सहभागिता
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) ऋषभ हंस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) मोईदुल इस्लाम और डीएसपी (मुख्यालय) सुरजीत चौधरी भी मौजूद रहे।
इनके अलावा जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा विभिन्न पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित मामलों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा प्रक्रिया में सहभागिता की।

प्रभावी जांच और समयबद्ध निपटारा रहा मुख्य फोकस
कुल मिलाकर, शिवसागर में आयोजित इस क्राइम कॉन्फ्रेंस एवं समीक्षा बैठक का मुख्य फोकस लंबित आपराधिक मामलों की प्रगति की नियमित समीक्षा, प्रभावी जांच, अभियोजन प्रक्रिया को मजबूत बनाने, पुलिस एवं अभियोजन पक्ष के बीच बेहतर समन्वय तथा जिले में प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर रहा।
न्यायपालिका, अभियोजन और पुलिस से जुड़े अधिकारियों की संयुक्त सहभागिता में हुई इस बैठक में जांच से लेकर अभियोजन तक की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने और लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।




