जोरहाट के जेबी रोड पर संदिग्ध प्रतिबंधित मांस की बड़ी बरामदगी : बाबलू अंसारी और सोनू अंसारी को पुलिस ने हिरासत में लिया : ऐतिहासिक थिएटर हॉल पूजा मंदिर के सामने स्थित कसाई के घर पर पुलिस की कार्रवाई : करीब 24 किलोग्राम मांस जब्त किए जाने का दावा
छापेमारी के दौरान पत्रकारों पर जूते-चप्पल फेंकने और हमला करने की कथित कोशिश से बढ़ा तनाव : संगठनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग : विश्व हिंदू परिषद गोरक्षा विभाग ने जोरहाट सदर थाने में दर्ज कराई शिकायत

जोरहाट, 10 जुलाई : जोरहाट शहर के व्यस्त जेबी रोड स्थित ऐतिहासिक थिएटर हॉल पूजा मंदिर के सामने शुक्रवार को संदिग्ध प्रतिबंधित मांस की बरामदगी को लेकर भारी सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने विभिन्न आरोपों को लेकर पूर्व से विवादों में रहे बताए जा रहे कसाई बाबलू अंसारी के आवास पर छापेमारी कर लगभग 24 किलोग्राम संदिग्ध गोमांस जब्त किया।
घटना सामने आते ही थिएटर हॉल पूजा मंदिर के आसपास और जेबी रोड इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई तथा कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में भी पुलिस द्वारा पूजा मंदिर के निकट एक कसाई के आवास से संदिग्ध प्रतिबंधित मांस बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस की छापेमारी के बाद मचा हंगामा
जानकारी के अनुसार पुलिस को बाबलू अंसारी के घर में प्रतिबंधित मांस रखे जाने और कथित रूप से उसकी बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद जोरहाट पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और घर की तलाशी शुरू की।
तलाशी के दौरान पुलिस ने घर से करीब 24 किलोग्राम मांस बरामद किया। प्रारंभिक स्तर पर इसे कथित गोमांस बताया गया है। हालांकि मांस की प्रकृति को लेकर पुलिस की अंतिम वैज्ञानिक या फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सामने आना अभी शेष है।
पुलिस ने जब्त सामग्री को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बकरे के मांस की आड़ में प्रतिबंधित मांस बेचने का आरोप
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया गया है कि बाबलू अंसारी बकरे का मांस बेचने के साथ-साथ कथित तौर पर गोमांस का भी कारोबार कर रहा था।
थिएटर हॉल पूजा मंदिर के ठीक सामने स्थित क्षेत्र में इस तरह की कथित गतिविधि सामने आने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। घटना की जानकारी तेजी से फैलने के बाद जेबी रोड पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करने लगे।
फिलहाल यह आरोप जांच के अधीन है और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही कथित बिक्री नेटवर्क तथा मांस की आपूर्ति के स्रोत की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पत्रकारों पर हमला करने की कथित कोशिश
घटना के दौरान स्थिति उस समय अधिक तनावपूर्ण हो गई, जब समाचार संकलन के लिए मौके पर पहुंचे कुछ पत्रकारों के साथ बाबलू अंसारी के परिवार के सदस्यों द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया।
आरोप है कि छापेमारी और वीडियो रिकॉर्डिंग से नाराज परिवार के सदस्य उत्तेजित हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों तथा पत्रकारों की ओर जूते-चप्पल फेंके। कुछ लोगों ने पत्रकारों पर हमला करने की भी कथित कोशिश की।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और किसी बड़े टकराव को टाल दिया। स्थानीय वीडियो रिपोर्टों में भी समाचार संकलन करने पहुंचे पत्रकारों पर कथित हमले की कोशिश का उल्लेख किया गया है।
अजायुछाप और आसू सहित विभिन्न संगठनों का विरोध
घटना की खबर मिलते ही असम जातीयतावादी युवा-छात्र परिषद, अखिल असम छात्र संघ—आसू तथा कई अन्य स्थानीय सामाजिक और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने कथित प्रतिबंधित मांस की बिक्री और पत्रकारों से दुर्व्यवहार की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल के समीप इस प्रकार का कथित कारोबार बेहद गंभीर और संवेदनशील विषय है।
संगठनों ने पुलिस प्रशासन से बाबलू अंसारी और घटना में शामिल अन्य लोगों को तत्काल गिरफ्तार करने, पूरे नेटवर्क की जांच करने तथा कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
बाबलू अंसारी और भतीजा सोनू अंसारी हिरासत में
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बाबलू अंसारी और उसके भतीजे सोनू अंसारी को हिरासत में ले लिया। दोनों को जोरहाट सदर थाने ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जब्त मांस कहां से लाया गया था, इसे किन लोगों को बेचा जाना था और क्या इसके पीछे कोई संगठित आपूर्ति नेटवर्क सक्रिय है।
मामले में आधिकारिक प्राथमिकी संख्या, लागू धाराओं और अंतिम गिरफ्तारी की स्थिति संबंधी विस्तृत पुलिस बयान की प्रतीक्षा की जा रही है।
असम में मांस की बिक्री और उपभोग को लेकर कड़े कानूनी प्रावधान
असम में मवेशियों के वध, परिवहन तथा गोमांस की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए असम मवेशी संरक्षण अधिनियम, 2021 लागू है। इस कानून में धार्मिक स्थलों और कुछ विशेष क्षेत्रों के निकट गोमांस की बिक्री तथा खरीद पर प्रतिबंधात्मक प्रावधान किए गए हैं।
राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 में होटल, रेस्तरां, सार्वजनिक समारोह और सामुदायिक स्थानों पर गोमांस परोसने तथा सार्वजनिक रूप से उसके सेवन पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।
ऐसे में पूजा मंदिर के समीप कथित प्रतिबंधित मांस बरामद होने का मामला कानूनी और सामाजिक—दोनों दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है।

विश्व हिंदू परिषद गोरक्षा विभाग ने जोरहाट सदर थाने में दर्ज कराई शिकायत
शहर के जेबी रोड क्षेत्र स्थित थिएटर हॉल पूजा मंदिर के सामने संदिग्ध गोमांस बरामदगी मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के गोरक्षा विभाग की ओर से जोरहाट सदर थाने में एक प्राथमिकी/शिकायत दर्ज कराई गई है।
विश्व हिंदू परिषद, असम प्रांत के गोरक्षा प्रमुख अंकुर बेजबरुआ द्वारा हस्ताक्षरित शिकायत पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने तथा घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है।
संगठन ने धार्मिक स्थल के समीप हुई इस घटना को गंभीर बताते हुए प्रशासन से मामले की गहन जांच और आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
इलाके में पुलिस की सतर्कता, लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
घटना के बाद जेबी रोड और पूजा मंदिर के आसपास पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन की प्राथमिकता क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की अफवाह या सांप्रदायिक तनाव को रोकना है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाएं सोशल मीडिया पर साझा न करें और जांच पूरी होने तक शांति एवं संयम बनाए रखें।
अब सभी की नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई, जब्त मांस की वैज्ञानिक जांच और आरोपियों के खिलाफ दर्ज होने वाले मामले पर टिकी हुई है।




