सेवा से सशक्तिकरण तक—शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने सामाजिक सरोकारों को दी नई दिशा : पांचवीं मासिक बैठक में सेवा प्रकल्पों की समीक्षा और आगामी गतिविधियों की बनी रूपरेखा : भजन-श्लोक प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, मोमेंटो और चॉकलेट देकर बढ़ाया उत्साह : महिलाओं के कौशल विकास के लिए सिलाई प्रशिक्षण शुरू करने का निर्णय : स्काई टर्फ में महिला प्रीमियर लीग आयोजित करने की भी योजना
नई सदस्या रश्मि झूरिया का पौधा भेंट कर स्वागत : लाफ्टर थेरेपी, मनोरंजक खेल और जन्मदिन समारोह ने बैठक को बनाया खास

शिवसागर, 10 सितंबर : सामाजिक सेवा से लेकर महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, कौशल प्रशिक्षण, खेल और पर्यावरण संरक्षण तक विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के असम प्रदेश अंतर्गत शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की पांचवीं मासिक बैठक अंजना अग्रवाल एवं सरिता सराफ के निवास पर सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
बैठक में समिति की ओर से हाल के दिनों में संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही आने वाले समय में महिलाओं और बच्चों को केंद्र में रखकर आयोजित की जाने वाली सामाजिक, रचनात्मक एवं कौशल विकास गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में कुल 28 सदस्याओं ने भाग लिया और प्रस्तावित कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर अपने विचार साझा किए।

100 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास अभियान का समापन
बैठक में समिति के हालिया बाढ़ राहत एवं पुनर्वास अभियान की विशेष रूप से समीक्षा की गई। सदस्याओं को बताया गया कि विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए चलाए गए व्यापक सेवा अभियान के तहत समिति ने 100 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में सहयोग किया और इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
आपदा के कठिन समय में समिति की सदस्याओं ने प्रभावित इलाकों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। बैठक में इस सेवा अभियान से जुड़े अनुभव भी साझा किए गए और सदस्याओं के सामूहिक प्रयास की सराहना की गई।
पुनर्वास अभियान के समापन के बाद अब समिति ने नए सामाजिक एवं रचनात्मक प्रकल्पों को जमीन पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।

बाल विकास प्रकल्प : भजन और श्लोकों से बच्चों को संस्कारों से जोड़ने की पहल
समिति के बाल विकास प्रकल्प के तहत सावन माह के पावन अवसर पर बच्चों में भारतीय संस्कार, धार्मिक मूल्यों और आध्यात्मिक रुचि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भजन एवं श्लोक प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसमें 5 वर्षीय ईरा अग्रवाल, 8 वर्षीय लावण्या अग्रवाला, 16 वर्षीय तनिष गाड़ोदिया और 12 वर्षीय प्रियल रामुका ने भाग लिया।
सभी प्रतिभागी बच्चों के प्रयासों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें मोमेंटो और चॉकलेट प्रदान किए गए। समिति का मानना है कि छोटी उम्र से ही बच्चों को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों से जोड़ने से उनमें संस्कारों के साथ आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का भी विकास होता है।
इस गतिविधि की संयोजिका रेनू अग्रवाल तथा सह-संयोजिका कंचन रामुका रहीं।

महिला सशक्तिकरण की नई पहल—शुरू होगा सिलाई प्रशिक्षण
बैठक में महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल को मंजूरी दी गई। महिलाओं को व्यावहारिक कौशल से जोड़ने और उनकी दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से लायंस क्लब में सिलाई प्रशिक्षण शुरू करने का निर्णय लिया गया।
प्रशिक्षण का समय दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि इसके लिए 300 रुपये मासिक शुल्क रखा गया है। समिति का उद्देश्य इच्छुक महिलाओं को सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपनी दक्षता विकसित कर सकें और भविष्य में इस हुनर का उपयोग आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कर सकें।

स्काई टर्फ में महिला प्रीमियर लीग की तैयारी
महिलाओं को सामाजिक गतिविधियों के साथ खेल और फिटनेस से जोड़ने के उद्देश्य से समिति ने स्काई टर्फ में महिला प्रीमियर लीग आयोजित करने की भी योजना बनाई है।
समिति का मानना है कि खेलकूद महिलाओं के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, टीम भावना और आपसी सहभागिता को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। प्रस्तावित महिला प्रीमियर लीग के जरिए सदस्याओं एवं अन्य महिलाओं को एक उत्साहपूर्ण और सकारात्मक खेल मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
सिलाई प्रशिक्षण और प्रस्तावित महिला प्रीमियर लीग—दोनों गतिविधियों की संयोजिका अंशु शर्मा को बनाया गया है।

रश्मि झूरिया का पौधे के साथ स्वागत, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बैठक के दौरान समिति परिवार से जुड़ी नई सदस्या रश्मि झूरिया का आत्मीय स्वागत किया गया। खास बात यह रही कि उन्हें पारंपरिक उपहार के स्थान पर पौधा भेंट किया गया।
समिति ने इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। सदस्याओं ने सामाजिक सेवा के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को जोड़ने की इस पहल को आगे भी प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ ने बढ़ाई समिति परिवार की आत्मीयता
समिति की अध्यक्षा सारिका देवड़ा द्वारा शुरू की गई सदस्याओं के जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ को सामूहिक रूप से मनाने की परंपरा को भी बैठक में आगे बढ़ाया गया।
इस माह जन्मदिन वाली सदस्याओं के जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाए गए। समिति के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सदस्याओं के बीच आत्मीयता, आपसी जुड़ाव और पारिवारिक वातावरण को और मजबूत करना है।

लाफ्टर थेरेपी और मनोरंजक खेलों से बैठक में घुला उत्साह
बैठक केवल औपचारिक चर्चा और सामाजिक प्रकल्पों की समीक्षा तक सीमित नहीं रही। सदस्याओं के मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक ऊर्जा और आपसी जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए लाफ्टर थेरेपी का आयोजन किया गया।
इसके साथ विभिन्न मनोरंजक खेल भी आयोजित किए गए, जिनमें सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों ने बैठक को औपचारिक विचार-विमर्श से आगे बढ़ाकर एक आत्मीय एवं आनंददायक मिलन का स्वरूप दिया। स्वादिष्ट व्यंजनों, मनोरंजक गतिविधियों और आपसी संवाद के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ।

28 सदस्याओं की सहभागिता, आगामी कार्यक्रमों पर हुआ मंथन
पांचवीं मासिक बैठक में कुल 28 सदस्याओं की उपस्थिति रही। सदस्याओं ने समिति के विभिन्न प्रकल्पों, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, बाल संस्कार, खेल गतिविधियों और आगामी सामाजिक कार्यक्रमों पर अपने सुझाव साझा किए।
बैठक में यह संकल्प भी दोहराया गया कि आने वाले समय में समिति के कार्यक्रमों को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाते हुए जरूरतमंदों तक सेवा पहुंचाने के साथ महिलाओं और बच्चों के लिए नए अवसर तैयार किए जाएंगे।

मेजबान अंजना अग्रवाल और सरिता सराफ का विशेष आभार
बैठक के समापन पर समिति की अध्यक्षा सारिका देवड़ा, सचिव प्रीति केजरीवाल और कोषाध्यक्ष संगीता झूरिया ने सभी सदस्याओं के सहयोग, सक्रिय सहभागिता और सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।
इसके साथ ही बैठक की सफल मेजबानी और आत्मीय आतिथ्य के लिए अंजना अग्रवाल एवं सरिता सराफ को विशेष रूप से धन्यवाद दिया गया।

अब नए रचनात्मक प्रकल्पों पर रहेगा फोकस
समिति ने पांचवीं मासिक बैठक के माध्यम से स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास अभियान के सफल समापन के बाद अब उसका फोकस महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, बाल संस्कार, खेल, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े नए प्रकल्पों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर रहेगा।
समिति का प्रयास सामाजिक सेवा को केवल राहत कार्यों तक सीमित न रखकर महिलाओं और बच्चों को अवसर, कौशल और सकारात्मक मंच उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसी उद्देश्य के साथ सिलाई प्रशिक्षण, महिला प्रीमियर लीग और बाल विकास से जुड़ी गतिविधियों को आगामी कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
यह जानकारी शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की जनसंपर्क अधिकारी एडवोकेट पायल अग्रवाल ने दी।




