एक्शन मोड में शिवसागर पुलिस—69 ग्राम संदिग्ध हेरोइन जब्त, राजू अली समेत 9 पर शिकंजा : एसएसपी पापोरी चेतिया व एएसपी मईदुल इस्लाम के निर्देशन में ताबड़तोड़ छापेमारी, पूछताछ के बाद आठ अन्य तक पहुंची पुलिस : दिखौ तटबंध क्षेत्र से राजू अली पकड़ा गया, 14,500 नकद, दो मोबाइल और बिना नंबर प्लेट की Yamaha R15 जब्त : बाइक की सीट के नीचे संदिग्ध हेरोइन छिपाकर ले जाने की जानकारी, ड्रग नेटवर्क और सप्लाई चेन की कड़ियां खंगाल रही पुलिस : नौ आरोपियों को पैदल अदालत ले जाकर किया पेश : NDPS Act 21(b) के तहत कार्रवाई
बरामद बाइक जयसागर जामा मस्जिद के इमाम की बताई जा रही—राजू तक कैसे पहुंची और इस्तेमाल की जानकारी किसे थी, जांच जारी

शिवसागर, 10 सितंबर : मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए शिवसागर पुलिस ने जिले में कथित ड्रग नेटवर्क के विरुद्ध बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में राजू अली समेत कुल नौ लोगों को पकड़ा गया और करीब 69 ग्राम संदिग्ध हेरोइन, 14,500 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन तथा बिना नंबर प्लेट की Yamaha R15 मोटरसाइकिल समेत कई सामान जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई और पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर ऑपरेशन का दायरा बढ़ाया गया और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी करते हुए पुलिस अन्य संदिग्धों तक पहुंची।
पूरे अभियान को शिवसागर की एसएसपी पापोरी चेतिया और एएसपी मईदुल इस्लाम के निर्देशन में अंजाम दिया गया। शिवसागर सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बाबुल कुमार मेधी, सब इंस्पेक्टर पंचपल्लव बोरा, नगर उपनिरीक्षक देवाशीष शर्मा और जयसागर पुलिस चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर निपन गोगोई सहित विभिन्न पुलिस टीमों ने अभियान में हिस्सा लिया।

दिखौ तटबंध के पास पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई रात के समय शिवसागर सदर पुलिस थाने के समीप श्मशान घाट से सटे दिखौ तटबंध क्षेत्र में हुई। पुलिस के मुताबिक, इसी इलाके से राजू अली को पकड़ा गया।
पुलिस का कहना है कि राजू अली के कब्जे से करीब 69 ग्राम संदिग्ध हेरोइन और 14,500 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, एक साबुन का डिब्बा और अन्य सामग्री भी जब्त की गई। बरामद संदिग्ध मादक पदार्थ को लेकर निर्धारित कानूनी एवं जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

बिना नंबर प्लेट की Yamaha R15 बनी जांच की अहम कड़ी
ऑपरेशन के दौरान पुलिस के हाथ लगी बिना नंबर प्लेट की Yamaha R15 मोटरसाइकिल अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध हेरोइन को कथित रूप से मोटरसाइकिल की सीट के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था।
बाइक के साथ मिले एक बैग से कैंची, कुछ नशीली दवाइयां तथा अन्य कथित आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने की भी जानकारी है। पुलिस ने इन वस्तुओं को जब्त कर यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की है कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बिना नंबर प्लेट की बाइक का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा था और कथित ड्रग परिवहन के लिए इस वाहन का पहली बार उपयोग हुआ था या पहले भी इसका इस्तेमाल किया गया था।

बाइक के स्वामित्व को लेकर सामने आई नई जानकारी
मामले में मोटरसाइकिल के कथित स्वामित्व को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि राजू अली के पास से बरामद नई बाइक जयसागर जामा मस्जिद के इमाम की है।
हालांकि, वाहन राजू अली के पास किन परिस्थितियों में पहुंचा, बाइक के मालिक को उसके इस्तेमाल के बारे में जानकारी थी या नहीं और वाहन राजू को किस उद्देश्य से दिया गया था—ये सभी सवाल फिलहाल जांच के दायरे में हैं।
सिर्फ वाहन के स्वामित्व के आधार पर उसके मालिक की किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता निर्धारित नहीं की जा सकती। पुलिस की जांच के बाद ही इस पहलू की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस मोटरसाइकिल के वास्तविक पंजीकरण विवरण की भी पड़ताल कर रही है।

राजू अली के पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी पड़ताल
राजू अली के बारे में प्राप्त जानकारी में दावा किया गया है कि वह पिछले दस वर्षों से अधिक समय से विभिन्न कथित आपराधिक गतिविधियों तथा मादक पदार्थों की तस्करी और आपूर्ति से जुड़ा रहा है। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
जांच का महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बरामद संदिग्ध हेरोइन कहां से लाई गई थी, इसे किसे पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कितनी बड़ी सप्लाई चेन काम कर रही थी। पुलिस इस संबंध में राजू के संपर्कों और उससे हुई पूछताछ से मिली जानकारियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

पूछताछ के बाद बढ़ा ऑपरेशन, आठ अन्य लोग भी गिरफ्त में
राजू अली से शुरुआती पूछताछ और अन्य सुराग मिलने के बाद पुलिस ने अभियान का दायरा बढ़ाया। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में आठ अन्य लोगों को भी पकड़ा गया।
पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आए नौ लोगों की पहचान राजू अली, बाबुल अली, विशाल हजारिका, बोलेन हजारिका, अर्णव सरकार, नामदांग के राहुल दास, भटियापार के दीपांकर गोगोई और ऋतुराज गोगोई तथा रुद्रसागर के उत्पल दास के रूप में हुई है।
पुलिस इनसे पूछताछ के जरिए कथित नेटवर्क में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका, मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की व्यवस्था, स्थानीय सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य संभावित लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

जब्त मोबाइल खोल सकते हैं नेटवर्क की नई कड़ियां
पुलिस द्वारा जब्त किए गए दोनों मोबाइल फोन को भी जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनसे मिलने वाले संपर्क विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए कथित नेटवर्क की आगे की कड़ियां सामने आ सकती हैं।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मादक पदार्थों की आपूर्ति के लिए किन लोगों से संपर्क किया जा रहा था, आर्थिक लेन-देन किस तरह होता था और स्थानीय स्तर पर कथित वितरण व्यवस्था कैसे संचालित की जा रही थी।
नौ आरोपियों को पैदल ले जाकर अदालत में किया पेश
इस पूरे अभियान का एक और पहलू गुरुवार को चर्चा में रहा, जब पुलिस ने पकड़े गए सभी नौ आरोपियों को पैदल सड़क से अदालत तक ले जाकर न्यायालय में पेश किया। पुलिसकर्मियों की निगरानी में आरोपियों को पैदल न्यायालय तक पहुंचाया गया।
गोलाघाट में इसी तरह की कार्रवाई की तस्वीरें सामने आने के बाद अब शिवसागर में भी कथित ड्रग तस्करी के मामले में पकड़े गए आरोपियों को पैदल अदालत ले जाए जाने का दृश्य देखने को मिला।
केस संख्या 201/26 दर्ज, BNS और NDPS Act के तहत कार्रवाई
पुलिस ने मामले में केस संख्या 201/26 दर्ज किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 तथा NDPS Act की धारा 21(b) के तहत कार्रवाई की गई है।
आगे की कानूनी कार्रवाई बरामद सामग्री, फॉरेंसिक एवं अन्य जांच, पूछताछ और जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई तेज
मादक पदार्थों के खिलाफ मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद शिवसागर पुलिस ने जिले में कार्रवाई तेज कर दी है। अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी और पूछताछ के जरिए संदिग्ध ड्रग गतिविधियों से जुड़े लोगों की पहचान करने का अभियान चलाया जा रहा है।
राजू अली के पास से कथित रूप से बड़ी मात्रा में संदिग्ध हेरोइन मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई को केवल एक व्यक्ति तक सीमित न रखते हुए उससे जुड़े संभावित नेटवर्क की ओर जांच बढ़ाई। इसी क्रम में आठ अन्य लोग पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आए।
स्रोत से लेकर सप्लाई चेन और पैसों तक—पूरे नेटवर्क की तलाश
पुलिस जांच का मुख्य फोकस अब यह पता लगाने पर है कि संदिग्ध हेरोइन की खेप का मूल स्रोत कहां था, इसे शिवसागर तक किस रास्ते से पहुंचाया गया, स्थानीय स्तर पर इसकी आपूर्ति किन लोगों को की जानी थी और इससे जुड़े आर्थिक लेन-देन का संचालन कैसे किया जा रहा था।
इसके साथ जब्त मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारियों को जोड़कर कथित नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मामले में पुलिस के सामने मोटरसाइकिल की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि बाइक राजू अली तक कैसे पहुंची, वाहन के वास्तविक मालिक को उसके इस्तेमाल के बारे में कितनी जानकारी थी और कथित मादक पदार्थ परिवहन में बाइक का उपयोग किन परिस्थितियों में किया गया।
69 ग्राम संदिग्ध हेरोइन से शुरू हुई कार्रवाई, अब नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश
करीब 69 ग्राम संदिग्ध हेरोइन की बरामदगी से शुरू हुई पुलिस कार्रवाई अब कथित ड्रग नेटवर्क के स्रोत, सप्लाई चेन, आर्थिक लेन-देन और उससे जुड़े अन्य संभावित लोगों की जांच तक पहुंच गई है।
नौ लोगों को पकड़कर अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की आगे की कड़ियां तलाश रही है। साथ ही बरामद पदार्थ की प्रकृति एवं मात्रा को लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
पुलिस का अभियान ऐसे समय में सामने आया है जब जिले में मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई तेज की गई है। अब आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि पकड़े गए लोगों में किसकी क्या भूमिका थी, बरामद संदिग्ध हेरोइन का वास्तविक स्रोत क्या था और कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।




