रक्षासूत्र में बंधा सेवा और संस्कार का रिश्ता, शिवसागर अंचल में कार्यकर्ताओं संग एकल अभियान महिला समिति ने मनाया रक्षाबंधन : कार्यकर्ताओं की कलाई पर बांधा रक्षासूत्र, सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना : शिक्षक दिवस की भी रही विशेष छटा, सेवा-शिक्षा और संस्कार के प्रति कार्यकर्ताओं के समर्पण को मिला सम्मान
“व्यक्तिगत और पारिवारिक दायित्वों के साथ एकल के कार्यों को पूरी लगन और जिम्मेदारी से निभा रहे कार्यकर्ता”— अध्यक्ष सुमन शर्मा

शिवसागर, 5 सितंबर : भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के पवित्र बंधन के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व को एकल अभियान शिवसागर अंचल में सेवा, संस्कार, सम्मान और आत्मीयता के संदेश के साथ मनाया गया। शनिवार को शिवसागर अंचल कार्यालय में एकल अभियान महिला समिति की ओर से अंचल के कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित रक्षाबंधन समारोह में पारंपरिक पर्व को सामाजिक एवं संगठनात्मक रिश्तों से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। इसी दिन शिक्षक दिवस होने से कार्यक्रम में शिक्षा और संस्कार का रंग भी जुड़ गया।
महिला समिति की सदस्यों ने कार्यकर्ताओं की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। कार्यक्रम में रक्षाबंधन को केवल पारिवारिक रिश्ते तक सीमित न रखते हुए आपसी विश्वास, जिम्मेदारी, संरक्षण, सेवा और सामाजिक एकजुटता के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया गया।

दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के नमन से शुभारंभ
समारोह की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। उपस्थित पदाधिकारियों, महिला समिति की सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के समक्ष नमन कर कार्यक्रम की सफलता की कामना की।
इसके बाद रक्षाबंधन की परंपरा का निर्वहन करते हुए महिला समिति की सदस्यों ने अंचल के कार्यकर्ताओं को रक्षासूत्र बांधा और पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस आत्मीय पहल के माध्यम से कार्यकर्ताओं के प्रति समिति ने अपना स्नेह, सम्मान और विश्वास व्यक्त किया।
“रक्षासूत्र केवल धागा नहीं, स्नेह और जिम्मेदारी का प्रतीक”
महिला समिति की अध्यक्षा सुमन शर्मा ने रक्षाबंधन पर्व की परंपरा, इसकी शुरुआत से जुड़ी मान्यताओं और रक्षासूत्र के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षासूत्र केवल एक धागा नहीं है, बल्कि यह स्नेह, विश्वास, कर्तव्य और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी की भावना का प्रतीक है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति में ऐसे पर्वों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से परंपराएं और संस्कार नई पीढ़ी तक पहुंचते हैं। रक्षाबंधन आपसी प्रेम और सद्भाव को मजबूत करता है और समाज को भावनात्मक रूप से एक सूत्र में जोड़ने का संदेश देता है।
सुमन शर्मा ने कहा कि महिला समिति की ओर से कार्यकर्ताओं को रक्षासूत्र बांधना भी उनके प्रति आत्मीयता और सम्मान की अभिव्यक्ति है। संगठन के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह के आयोजन पारस्परिक संबंधों को और मजबूत करते हैं।
शिक्षक दिवस पर कार्यकर्ताओं की सेवा और समर्पण का सम्मान
रक्षाबंधन समारोह के साथ शिक्षक दिवस का संयोग कार्यक्रम को विशेष बनाता नजर आया। इस अवसर पर शिक्षा, संस्कार और समाज निर्माण में कार्यकर्ताओं द्वारा निभाई जा रही भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
सुमन शर्मा ने सभी कार्यकर्ताओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “आप सभी अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ एकल के कार्यों को भी पूरी लगन, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभा रहे हैं। आपकी सेवा, शिक्षा, संस्कार और एकल के प्रति आपका योगदान अत्यंत सराहनीय है।”
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सेवाभाव संगठन की वास्तविक शक्ति है। समाज में शिक्षा एवं संस्कार के प्रसार के लिए उनके द्वारा किए जा रहे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए भविष्य में भी इसी ऊर्जा, प्रतिबद्धता और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहने का आह्वान किया।

अनु शर्मा की कविता में स्नेह, गुरु सम्मान और संस्कार का संदेश
कार्यक्रम में महिला समिति की सचिव अनु शर्मा ने रक्षाबंधन और शिक्षक दिवस को समर्पित विशेष कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने भाईचारे, पारस्परिक स्नेह, गुरु के प्रति सम्मान, शिक्षा और भारतीय संस्कारों का संदेश दिया।
उनकी प्रस्तुति ने समारोह के भावनात्मक पक्ष को और प्रभावी बनाया। उपस्थित पदाधिकारियों, सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने कविता की सराहना की।
कार्यकर्ताओं को उपहार, लघु आहार की भी व्यवस्था
रक्षाबंधन समारोह को यादगार बनाने के लिए महिला समिति की ओर से सभी कार्यकर्ताओं को स्नेह स्वरूप उपहार प्रदान किए गए। इसके साथ ही उनके लिए लघु आहार की व्यवस्था भी की गई।
रक्षासूत्र, शुभकामनाओं और उपहारों के माध्यम से महिला समिति ने संगठन के कार्यकर्ताओं के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम में औपचारिकता से अधिक पारिवारिक वातावरण और आपसी जुड़ाव देखने को मिला।
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की रही सहभागिता
समारोह में महिला समिति की अध्यक्षा सुमन शर्मा, सचिव अनु शर्मा, कोषाध्यक्ष सुषमा झुरिया, अंचल प्रमुख जुनमनी कुर्मी, संभाग प्रशिक्षक प्रमुख सुरज मणि भूमिज और भाग प्रशिक्षक प्रमुख रितुपर्ण हजारिका सहित शिवसागर अंचल के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में रक्षाबंधन के पारंपरिक महत्व के साथ सेवा, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को केंद्र में रखा गया। महिला समिति और कार्यकर्ताओं के बीच हुए आत्मीय संवाद ने संगठन के भीतर आपसी विश्वास एवं सहयोग को और सुदृढ़ करने की भावना को सामने रखा।
एकजुटता और सेवाभाव के साथ आगे बढ़ने का संकल्प
समारोह के समापन पर अध्यक्षा सुमन शर्मा ने उपस्थित पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और महिला समिति की सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में मिले सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कामना की कि भविष्य में भी संगठन से जुड़े सभी लोग इसी एकजुटता, आत्मीयता और सेवाभाव के साथ सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाते रहें। इस तरह रक्षाबंधन और शिक्षक दिवस का संयुक्त आयोजन पारंपरिक उत्सव से आगे बढ़कर कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान, सेवा के प्रति प्रतिबद्धता और संस्कारों के संरक्षण का संदेश देकर संपन्न हुआ।




